भारतीय क्रिकेट के गलियारों से एक बड़ी खबर सामने आ रही है जो दिग्गज ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा के प्रशंसकों को निराश कर सकती है। ताजा रिपोर्ट्स के अनुसार, रवींद्र जडेजा का वनडे वर्ल्ड कप 2027 में खेलना अब लगभग नामुमकिन नजर आ रहा है। टीम इंडिया का मैनेजमेंट और चयनकर्ता अब उनके नाम पर विचार नहीं कर रहे हैं, जिससे यह संकेत मिलता है कि वनडे फॉर्मेट में उनके करियर पर विराम लग सकता है। चयनकर्ताओं ने अब उनकी जगह अक्षर पटेल को अपनी पहली पसंद के रूप में देखना शुरू कर दिया है और उन्हें ही भविष्य के लिए तैयार किया जा रहा है।
चयनकर्ताओं की नई रणनीति और जडेजा की स्थिति
रिपोर्ट्स की मानें तो टीम इंडिया के चयनकर्ता अब रवींद्र जडेजा को वनडे फॉर्मेट में पहली पसंद बनाने के इच्छुक नहीं हैं। टीम मैनेजमेंट अब ऐसे खिलाड़ियों की तलाश में है जो टीम के संतुलन को बेहतर बना सकें और विशेष रूप से, मैनेजमेंट को ऐसे खिलाड़ी की जरूरत है जो टॉप 7 में बल्लेबाजी करने की क्षमता रखता हो। चूंकि अगला वनडे वर्ल्ड कप 2027 में दक्षिण अफ्रीका की धरती पर आयोजित होना है, इसलिए टीम की रणनीतियों में बड़े बदलाव किए जा रहे हैं। दक्षिण अफ्रीका की पिचों को ध्यान में रखते हुए टीम मैनेजमेंट मीडियम पेसर्स ऑलराउंडर पर अधिक ध्यान देगा।
दक्षिण अफ्रीका की परिस्थितियां और अक्षर पटेल का चयन
दक्षिण अफ्रीका में होने वाले आगामी विश्व कप के लिए टीम मैनेजमेंट की योजना बहुत स्पष्ट है। वहां की परिस्थितियों में टीम केवल एक ही मुख्य स्पिन बॉलिंग ऑलराउंडर को प्लेइंग इलेवन में शामिल करना चाहती है। इस दौड़ में अक्षर पटेल सबसे आगे निकल गए हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक, रवींद्र जडेजा की गेंदबाजी व्हाइट बॉल फॉर्मेट में पिछले कुछ समय से उतनी प्रभावी नहीं रही है जितनी पहले हुआ करती थी। उन्हें चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के लिए इसलिए चुना गया था क्योंकि दुबई की पिचें उनकी गेंदबाजी शैली के अनुकूल थीं। लेकिन अब उनकी पावर हिटिंग क्षमता भी पहले जैसी नहीं रही है, जो उनके चयन न होने का एक बड़ा कारण बन रही है।
आंकड़ों में जडेजा बनाम अक्षर पटेल
अगर आंकड़ों पर नजर डालें तो रवींद्र जडेजा का हालिया प्रदर्शन चिंताजनक रहा है। जडेजा ने अपना आखिरी वनडे मैच न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज में खेला था। इंदौर में खेले गए उस आखिरी मैच में उनके बल्ले से केवल 12 रन निकले थे। पूरी तीन मैचों की वनडे सीरीज में वह केवल 43 रन ही बना सके थे। हालांकि जडेजा का करियर शानदार रहा है और उन्होंने 210 वनडे मैचों में 232 विकेट हासिल किए हैं, लेकिन वर्तमान फॉर्म उनके पक्ष में नहीं है। दूसरी ओर, अक्षर पटेल ने वनडे फॉर्मेट में अपनी गेंदबाजी और बल्लेबाजी दोनों से प्रभावित किया है। अक्षर ने अब तक 72 वनडे मैचों में 79 विकेट हासिल किए हैं और उनका इकॉनमी रेट 4 दशमलव 5 रन प्रति ओवर रहा है। बल्लेबाजी में भी उन्होंने 50 पारियों में 24 दशमलव 72 की औसत से 915 रन बनाए हैं।
भविष्य की तैयारी और बैकअप प्लान
टीम इंडिया का मैनेजमेंट केवल अक्षर पटेल पर ही निर्भर नहीं रहना चाहता है, बल्कि वह भविष्य के लिए बैकअप भी तैयार कर रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, हर्ष दुबे को अक्षर पटेल के बैकअप के तौर पर तैयार किया जा रहा है। इसका सीधा मतलब यह है कि चयनकर्ता अब पूरी तरह से युवा और फॉर्म में चल रहे खिलाड़ियों की ओर देख रहे हैं। जडेजा की गिरती हुई फॉर्म और दक्षिण अफ्रीका की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों को देखते हुए, मैनेजमेंट ने यह कड़ा फैसला लेने का मन बना लिया है। ऐसे में रवींद्र जडेजा के लिए वनडे वर्ल्ड कप 2027 के दरवाजे लगभग बंद होते नजर आ रहे हैं।