रिकॉर्ड हाई से 20 प्रतिशत सस्ता सोना: धनतेरस पर खरीदें या इंतजार करें, जानें मुख्य अपडेट

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रिकॉर्ड हाई से 20 प्रतिशत सस्ता सोना: धनतेरस पर खरीदें या इंतजार करें, जानें मुख्य अपडेट
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धनतेरस 2026 के पावन अवसर पर सोना खरीदना हमेशा से ही भारतीय संस्कृति में बेहद शुभ और समृद्ध माना जाता रहा है, लेकिन साल 2026 के दौरान सोने की कीमतों में जिस प्रकार का भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है, उसने निवेशकों और आम खरीदारों दोनों को असमंजस में डाल दिया है। इस साल की शुरुआत में सोने ने अपनी रिकॉर्ड ऊंचाई को छुआ था, जिसके बाद कीमतों में काफी बड़ी गिरावट दर्ज की गई। ऐसे में धनतेरस 2026 की खरीदारी की तैयारी कर रहे हर व्यक्ति के मन में मुख्य रूप से यही एक सवाल घूम रहा है कि क्या इस समय आई गिरावट में सोना खरीद लेना चाहिए या फिर अभी सोने के भाव और अधिक नीचे गिरने का इंतजार करना समझदारी होगी।

प्रमुख ब्रोकरेज फर्म एक्सिस डायरेक्ट की ओर से जारी किए गए आंकड़ों और विश्लेषण के मुताबिक, घरेलू बाजार में सोने के दाम अपने साल 2026 के पीक यानी उच्चतम स्तर से 20 प्रतिशत से भी ज्यादा टूट चुके हैं। बाजार में आई इस गिरावट के पीछे कई प्रमुख कारण बताए जा रहे हैं, जिनमें बढ़ती हुई महंगाई की चिंता, कच्चे तेल के दामों में लगातार तेजी, दुनियाभर के विभिन्न हिस्सों में चल रहे गंभीर राजनीतिक तनाव के साथ-साथ अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी किए जाने की प्रबल आशंका शामिल है और हालांकि अल्पकालिक यानी शॉर्ट-टर्म के लिहाज से बाजार में थोड़ी कमजोरी और अस्थिरता जरूर दिखाई दे रही है, लेकिन बाजार के तमाम बड़े एक्सपर्ट्स लंबी अवधि के लिए सोने के भविष्य पर पूरा भरोसा जता रहे हैं। उनका स्पष्ट मानना है कि कीमतों में आई इस बड़ी गिरावट ने लंबी अवधि के निवेशकों के लिए बाजार में एंट्री करने का रास्ता बेहद आसान बना दिया है, हालांकि शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स को अभी कीमतों के उतार-चढ़ाव से काफी सावधान रहने की जरूरत है।

पिछले पांच सालों में तीन गुना हुआ निवेशकों का पैसा

अगर पिछले पांच सालों के आंकड़ों पर नजर डालें तो सोने ने अपने निवेशकों को बेहद शानदार और ऐतिहासिक रिटर्न दिया है। दुनियाभर में फैली आर्थिक अनिश्चितता, अलग-अलग देशों के बीच चल रहे तनाव, दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों की तरफ से बड़े पैमाने पर की गई सोने की खरीदारी के अलावा ब्याज दरों में बदलाव की उम्मीदों ने सोने के बाजार को खूब फायदा पहुंचाया है। एक्सिस डायरेक्ट के आंकड़ों के अनुसार, नवंबर 2021 के दौरान घरेलू बाजार में 10 ग्राम सोने का भाव मात्र करीब 47,600 रुपये था। इसके बाद अक्टूबर 2026 के आखिर में और धनतेरस से ठीक पहले यह भाव बढ़कर सीधे करीब 1,42,750 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया। इसका मतलब यह है कि पिछले पांच वर्षों के अंतराल में सोने ने निवेशकों को करीब 200 प्रतिशत का सीधा और बंपर रिटर्न दिया है। 53 प्रतिशत बैठती है, जो किसी भी अन्य पारंपरिक परिसंपत्ति वर्ग की तुलना में काफी मजबूत मानी जाती है।

हालांकि, यदि मौजूदा वर्ष की बात की जाए तो साल 2026 काफी ज्यादा उतार-चढ़ाव भरा साबित हुआ है। मोनार्क नेटवर्थ कैपिटल से मिली जानकारी के अनुसार, 18 अक्टूबर 2025 यानी पिछली धनतेरस के दिन 24 कैरेट रिटेल सोने का भाव बाजार में करीब 1,30,860 रुपये प्रति 10 ग्राम था। इसके विपरीत, धनतेरस 2026 से ठीक पहले यह कीमत 1,40,000 रुपये से लेकर 1,41,500 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास दर्ज की गई। यह साल-दर-साल के हिसाब से केवल 7 से 8 प्रतिशत की ही बढ़त को दर्शाता है। पिछले पांच सालों के तीन गुना बंपर रिटर्न के मुकाबले इस साल की यह मामूली बढ़त इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि साल 2026 की तूफानी तेजी के बाद सोने के बाजार में कितना बड़ा और व्यापक करेक्शन यानी सुधार देखने को मिला है।

इस धनतेरस पर सोने में निवेश की सटीक रणनीति क्या होनी चाहिए?

रिकॉर्ड ऊंचाई से भाव में भारी गिरावट आने के बाद मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि धनतेरस 2026 लंबी अवधि के निवेशकों के लिए अपने पोर्टफोलियो में सोना जमा करने का एक सुनहरा अवसर साबित हो सकता है। लेकिन ब्याज दरों में उतार-चढ़ाव, कच्चे तेल के दामों की स्थिति और वैश्विक घटनाओं को पूरी तरह ध्यान में रखते हुए एक्सपर्ट्स निवेशकों को एक साथ सारा पैसा यानी लंप-सम (Lump-sum) निवेश करने से साफ मना कर रहे हैं और एक्सिस डायरेक्ट का यह स्पष्ट कहना है कि जिन निवेशकों से साल की पिछली बड़ी तेजी छूट गई थी, उनके लिए कीमतों में आई यह 20 प्रतिशत की गिरावट अपने पोर्टफोलियो में थोड़ा-थोड़ा करके सोना जोड़ने का एक बेहतरीन और सुरक्षित मौका है। ब्रोकरेज फर्म के मुताबिक, ऊंची ब्याज दरों की स्थिति बनी रहने की वजह से सोने के बाजार में अभी कुछ और उथल-पुथल या अस्थिरता देखने को मिल सकती है। लेकिन अगर आने वाले समय में वैश्विक और घरेलू आर्थिक हालात में सुधार होता है, तो अगली धनतेरस तक सोना निवेशकों को 20 से 25 प्रतिशत तक का शानदार रिटर्न दे सकता है। एक्सिस डायरेक्ट ने आगामी धनतेरस तक के लिए 10 ग्राम सोने का टारगेट 1,65,000 रुपये से 1,71,000 रुपये के बीच तय किया है।

अगली धनतेरस तक 1.80 लाख रुपये तक जा सकता है सोने का भाव

एक्सिस डायरेक्ट में कमोडिटीज की सीनियर रिसर्च एनालिस्ट देवेया गगलानी भी लंबे समय के लिहाज से सोने के प्रति काफी सकारात्मक रुख रखती हैं। उनका यह कहना है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें आगे भी बढ़ाए जाने की संभावनाओं के चलते सोने की कीमतों में अभी 5 से 8 प्रतिशत की और गिरावट देखने को मिल सकती है। लेकिन यदि आने वाले दिनों में दुनियाभर में राजनीतिक तनाव कम होता है या फिर महंगाई पूरी तरह नियंत्रण में आ जाती है, तो पूरी तस्वीर में बड़ा बदलाव आ सकता है। ऐसी स्थिति में अमेरिकी फेडरल रिजर्व अपनी ब्याज दरों में कटौती का सिलसिला शुरू कर सकता है, जो सोने की कीमतों को वापस नई ऊंचाइयों पर ले जाने में सबसे बड़ी और अहम भूमिका निभाएगा। एनालिस्ट देवेया गगलानी सभी निवेशकों को यह महत्वपूर्ण सलाह देती हैं कि वे मौजूदा निचले स्तरों पर एक साथ पैसा लगाने के बजाय किस्तों में सोना खरीदना शुरू करें। उन्होंने अगली धनतेरस तक प्रति 10 ग्राम सोने के लिए 1,65,000 रुपये से लेकर 1,80,000 रुपये तक का महत्वाकांक्षी टारगेट दिया है।

सट्टेबाजी का बुलबुला फूटा, अब निवेश का बिल्कुल सही वक्त

दूसरी तरफ, मोनार्क पीएमएस के असिस्टेंट फंड मैनेजर ध्रुव जोगलेकर का यह विचार है कि सोने की कीमतों में हाल ही में आई इस तेज गिरावट ने बाजार से सट्टेबाजी के अतिरिक्त दबाव को पूरी तरह से समाप्त कर दिया है। इसी मुख्य वजह के चलते अब लंबी अवधि के निवेशकों के लिए बाजार के मौजूदा स्तर बेहद आकर्षक बन चुके हैं। मोनार्क नेटवर्थ कैपिटल के वैल्यूएशन मॉडल के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की वास्तविक और सही कीमत यानी फेयर-वैल्यू (Fair-value) 3,248 अमेरिकी डॉलर से लेकर 4,595 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस के बीच आंकी गई है, जिसका सटीक मध्य बिंदु 3,922 अमेरिकी डॉलर बैठता है। अक्टूबर महीने का लगभग 3,870 अमेरिकी डॉलर का निचला स्तर इसी अनुमानित और सुरक्षित दायरे के बिल्कुल भीतर दर्ज किया गया था। फंड मैनेजर ध्रुव जोगलेकर ने अपने बयान में यह स्पष्ट रूप से कहा कि लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह धनतेरस बाजार में एंट्री करने का एक क्लासिक पॉइंट है। बाजार से सट्टेबाजी की सारी हवा अब पूरी तरह निकल चुकी है, जबकि सोने की कीमतों को मजबूत आधार प्रदान करने वाले बुनियादी आर्थिक कारक आज भी बाजार में पूरी तरह से मजबूत बने हुए हैं।

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