पाकिस्तान के अनुभवी क्रिकेटर मोहम्मद रिजवान और इमाम उल हक का करियर इस समय एक बड़े संकट के दौर से गुजर रहा है। ड्रेसिंग रूम से गोपनीय जानकारी लीक करने के गंभीर आरोपों के बीच, पाकिस्तान की नेशनल साइबर क्राइम इन्वेस्टिगेशन एजेंसी यानी NCCIA ने इन दोनों खिलाड़ियों से कड़ी पूछताछ की है। इंग्लैंड दौरे के बीच से ही वापस स्वदेश भेजे गए इन खिलाड़ियों के लिए अब मुश्किलें बढ़ती हुई नजर आ रही हैं, क्योंकि यह मामला अब केवल खेल के मैदान तक सीमित नहीं रह गया है बल्कि कानूनी और अनुशासनात्मक जांच के दायरे में आ चुका है।
इंग्लैंड दौरे के दौरान उपजा विवाद और खिलाड़ियों की वापसी
पाकिस्तान क्रिकेट टीम और उनका बोर्ड पिछले काफी समय से लगातार विवादों और चर्चाओं के केंद्र में बना हुआ है और इस विवाद की मुख्य वजह इंग्लैंड दौरे के बीच में ही पाकिस्तानी स्क्वाड से अचानक 7 खिलाड़ियों को वापस घर बुलाना रहा है। गौरतलब है कि पाकिस्तान की टीम को इंग्लैंड के खिलाफ खेली जा रही तीन टेस्ट मैचों की सीरीज के पहले 2 मुकाबलों में बेहद शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा था। इस खराब प्रदर्शन के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने कड़ा रुख अपनाते हुए 7 खिलाड़ियों को वापस बुलाने का फैसला किया, जिसमें मोहम्मद रिजवान और इमाम उल हक जैसे अनुभवी खिलाड़ियों के नाम भी शामिल थे। इन दोनों खिलाड़ियों को लेकर क्रिकेट गलियारों में काफी चर्चा हो रही है और अब उनका अंतरराष्ट्रीय करियर भी खतरे में दिखाई दे रहा है।
PCB की शिकायत और NCCIA की कार्रवाई
इंग्लैंड दौरे पर पाकिस्तानी क्रिकेट टीम के ड्रेसिंग रूम से गोपनीय जानकारी बाहर आने की शिकायत सामने आई थी और इस गंभीर मामले को देखते हुए पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके आधार पर साइबर क्राइम एजेंसी ने कार्रवाई शुरू की। 10 सितंबर को इमाम उल हक और मोहम्मद रिजवान को पूछताछ के लिए बुलाया गया। पाकिस्तानी समाचार पत्र द डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, पीसीबी ने कुछ समय पहले ही यह घोषणा की थी कि अनुशासन और व्यवहार से जुड़ी मीडिया रिपोर्टों के बाद एक आंतरिक अनुशासनात्मक जांच शुरू की गई है। इसी कड़ी में अब NCCIA ने इन खिलाड़ियों से पूछताछ की है। पीसीबी के प्रवक्ता ने भी इस बात की पुष्टि की है कि कुछ क्रिकेटरों को लेकर जांच की जा रही है, हालांकि बोर्ड अभी इस संवेदनशील मामले पर कोई आधिकारिक बयान देने से बच रहा है।
मोबाइल फोन जब्त और फोरेंसिक जांच की तैयारी
NCCIA से नोटिस मिलने के बाद 10 सितंबर को मोहम्मद रिजवान और इमाम उल हक से लगभग 4 घंटे तक गहन पूछताछ की गई। जांच को आगे बढ़ाने के लिए पीसीबी ने पहले ही दोनों खिलाड़ियों के मोबाइल फोन NCCIA को सौंप दिए थे। इन फोनों की अब फोरेंसिक जांच की जा सकती है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या वास्तव में ड्रेसिंग रूम की कोई जानकारी लीक की गई थी। पूछताछ के बाद इमाम और रिजवान ने एजेंसी से अपना लिखित जवाब दाखिल करने के लिए कुछ समय मांगा है। यह पहली बार नहीं है जब किसी पाकिस्तानी खिलाड़ी को इस तरह की जांच का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन ड्रेसिंग रूम की गोपनीयता भंग करने के आरोपों ने इन दोनों खिलाड़ियों की साख पर बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है।
खराब प्रदर्शन और भविष्य पर संकट
मोहम्मद रिजवान और इमाम उल हक पहले से ही अपने खराब प्रदर्शन के कारण आलोचकों के निशाने पर थे। इंग्लैंड के खिलाफ शुरुआती मैचों में उनके बल्ले से रन नहीं निकल रहे थे, जिसके कारण टीम को हार का सामना करना पड़ा। अब प्रदर्शन के साथ-साथ अनुशासनहीनता और जानकारी लीक करने के आरोपों ने उनके करियर को खत्म होने की कगार पर पहुंचा दिया है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड जहां एक तरफ टीम के प्रदर्शन का रिव्यू कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ साइबर क्राइम एजेंसी की यह जांच इन खिलाड़ियों के भविष्य का फैसला करेगी। यदि आरोप सिद्ध होते हैं, तो इन दोनों खिलाड़ियों पर आजीवन प्रतिबंध जैसी कड़ी कार्रवाई भी हो सकती है।