रूस यूक्रेन युद्ध: शांति वार्ता के बीच 108 ड्रोन हमला, ट्रंप के दूत पहुंचे कीव

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रूस यूक्रेन युद्ध: शांति वार्ता के बीच 108 ड्रोन हमला, ट्रंप के दूत पहुंचे कीव
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रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे भीषण युद्ध में एक तरफ कूटनीतिक हलचल तेज हो गई है, तो दूसरी तरफ जमीनी स्तर पर हमलों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। मॉस्को और कीव जैसी राजधानियों पर हवाई हमलों में तीन दिनों के अस्थायी विराम के बावजूद, रूस ने यूक्रेन के अन्य हिस्सों में अपना सैन्य अभियान जारी रखा है। पिछले 24 घंटों के दौरान रूसी सेना ने यूक्रेन पर 108 ड्रोन से बड़ा हमला किया। इस भीषण हवाई हमले में कम से कम 8 लोगों की जान चली गई है और 69 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। यूक्रेनी वायु सेना ने जानकारी दी है कि उनकी रक्षा प्रणालियों ने रात भर सक्रिय रहकर 108 में से 82 ड्रोन को मार गिराया। इसके अलावा, यूक्रेनी सेना ने 6 एस 8000 बैंडेरोल मिसाइलों को भी सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट किया है।

हवाई हमलों का विवरण और नुकसान

रूसी सेना के इस ताजा हमले में मिसाइलों और ड्रोन ने यूक्रेन के 11 अलग-अलग स्थानों को निशाना बनाया। यूक्रेनी रक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, हालांकि कई लक्ष्यों को हवा में ही नष्ट कर दिया गया, लेकिन इंटरसेप्ट किए गए ड्रोन और मिसाइलों का मलबा 7 अलग-अलग स्थानों पर गिरा, जिससे संपत्ति और जान-माल का नुकसान हुआ है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कीव शहर पर रात भर कोई सीधा हमला नहीं हुआ, जो राजधानियों पर हमले न करने के अस्थायी समझौते का हिस्सा था। हालांकि, कीव ओब्लास्ट और देश के अन्य हिस्सों में रूसी मिसाइलों और ड्रोन ने तबाही मचाई। यह स्थिति दर्शाती है कि राजधानियों के लिए किया गया समझौता पूरे देश में लागू नहीं है और युद्ध की विभीषिका अन्य क्षेत्रों में बरकरार है।

ट्रंप के दूतों का कीव दौरा और पुतिन से मुलाकात

यह नए हमले ऐसे समय में हुए हैं जब अमेरिका ने युद्ध को समाप्त करने के लिए अपनी कूटनीतिक कोशिशों को नई गति दी है। नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर रविवार को यूक्रेनी अधिकारियों से बातचीत करने के लिए कीव पहुंचे। कीव पहुंचने से ठीक एक दिन पहले, इन दोनों दूतों ने मॉस्को में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ 3 घंटे से भी ज्यादा समय तक गहन चर्चा की थी। हालांकि इस बैठक से तुरंत किसी बड़े नतीजे की घोषणा नहीं की गई है, लेकिन व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने संकेत दिया है कि बातचीत में अगले कदमों के लिए ठोस प्लान पर चर्चा हुई है। इन योजनाओं की आधिकारिक घोषणा आने वाले हफ्तों में की जा सकती है।

अस्थायी युद्ध विराम और शांति प्रस्ताव की चुनौतियां

अमेरिकी कूटनीति के प्रभाव में राजधानियों पर हमलों को रोकने का एक अस्थायी समझौता हुआ है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने पुष्टि की कि रूसी सेना आधी रात से शुरू होकर 3 दिनों तक कीव पर कोई हमला नहीं करेगी। इसके जवाब में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने भी कहा कि यूक्रेन 7 सितंबर के आखिर तक मॉस्को पर हमला न करने के लिए तैयार है। जेलेंस्की ने युद्ध के मोर्चे यानी फ्रंट लाइन पर भी 3 दिन के बड़े युद्ध विराम का प्रस्ताव दिया था, ताकि शांति वार्ता के लिए बेहतर माहौल बन सके। हालांकि, व्लादिमीर पुतिन ने इस व्यापक प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया और कहा कि रूस इस पर राजी नहीं है और यही कारण है कि फ्रंट लाइन और अन्य शहरों में रूसी हमले जारी रहे।

जेलेंस्की की सुरक्षा गारंटी और भविष्य की राह

अमेरिकी दूतों के साथ महत्वपूर्ण बैठक से पहले, राष्ट्रपति जेलेंस्की ने अपनी बातचीत करने वाली टीम के साथ बैठक की और स्पष्ट किया कि यूक्रेन एक ठोस और वास्तविक शांति प्रक्रिया के लिए पूरी तरह तैयार है। जेलेंस्की ने जोर देकर कहा कि यूक्रेन युद्ध को समाप्त करना चाहता है, लेकिन इसके लिए उसे पुख्ता सुरक्षा गारंटी की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि युद्ध के बाद एक सम्मानजनक शांति ही यूक्रेन को स्वीकार्य होगी। जेलेंस्की ने यह भी बताया कि यूक्रेन ने बातचीत के लिए अपने प्रस्तावों का मसौदा तैयार कर लिया है। दूसरी ओर, क्रेमलिन के सहयोगी यूरी उशाकोव ने पुतिन और अमेरिकी दूतों के बीच हुई बातचीत को बहुत स्पष्ट और रचनात्मक बताया है। पुतिन का मानना है कि युद्ध के मूल कारणों को सुलझाना जरूरी है और रूस को अपने लक्ष्यों के पूरा होने की उम्मीद है और वाशिंगटन अब एक बड़े समझौते की दिशा में काम कर रहा है, लेकिन जमीनी हकीकत और लगातार होते हमले इस राह में बड़ी चुनौती बने हुए हैं।

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