भारतीय क्रिकेट टीम के पंद्रह साल के उभरते हुए युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी को लेकर क्रिकेट जगत में इन दिनों काफी चर्चा देखने को मिल रही है। इस बीच देश के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने एक बड़ा और महत्वपूर्ण बयान दिया है जिसमें उन्होंने चयनकर्ताओं को वैभव सूर्यवंशी को लेकर किसी भी प्रकार की जल्दबाजी न करने की सख्त सलाह दी है। सचिन तेंदुलकर का मानना है कि इतनी कम उम्र में और शुरुआती दौर में ही खिलाड़ी को बड़ी नेतृत्व जिम्मेदारी सौंपना सही कदम नहीं है और इसके दूरगामी परिणाम युवा खिलाड़ी पर पड़ सकते हैं।
न्यूजीलैंड के दौरे पर भारतीय टी ट्वेंटी स्क्वॉड का हिस्सा रहे वैभव सूर्यवंशी को इस दौरे पर सिर्फ दो ही मुकाबले खेलने का सुनहरा मौका मिला था। इन दो मुकाबलों में से एक मैच में वह अपने बल्ले से कमाल दिखाने में पूरी तरह कामयाब रहे थे और उन्होंने अपने खेल से सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा था। अब इसके बाद वैभव उन्नीस नवंबर से कतर में आयोजित होने वाले इमर्जिंग एशिया कप टूर्नामेंट में खेलते हुए मैदान पर दिखाई देने वाले हैं और इस आगामी टूर्नामेंट में उनके व्यक्तिगत प्रदर्शन को लेकर पूरे क्रिकेट जगत और खेल प्रेमियों की नजरें टिकी रहने वाली हैं कि वह कैसा प्रदर्शन करते हैं।
अपनी कम उम्र के बावजूद पंद्रह साल के वैभव सूर्यवंशी इंटरनेशनल क्रिकेट में अब तक कुल दस टी ट्वेंटी मुकाबले खेल चुके हैं। उनके इस अनुभव और खेल को लेकर पूरे वर्ल्ड क्रिकेट में लगातार चर्चा देखने को मिल रही है। इसके अलावा घरेलू क्रिकेट के स्तर पर भी वैभव ने काफी शानदार प्रदर्शन करते हुए ग्यारह फर्स्ट क्लास मैच खेल लिए हैं। वह दलीप ट्रॉफी दो हजार छब्बीस का प्रतिष्ठित खिताब जीतने वाली ईस्ट जोन की मजबूत टीम के स्क्वॉड का एक अहम हिस्सा थे। खास बात यह रही कि इस टूर्नामेंट में उनको टीम की उपकप्तानी की बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी जिस पर अब सीनियर खिलाड़ियों की प्रतिक्रिया आई है।
अब खेल के सर्वकालिक महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने वैभव सूर्यवंशी को लेकर अपनी राय स्पष्ट करते हुए साफ कर दिया है कि उनको रेड बॉल क्रिकेट में लीडरशिप का रोल देने के लिए चयनकर्ताओं को बिल्कुल भी जल्दबाजी नहीं दिखानी चाहिए। तीन नवंबर को सचिन तेंदुलकर एक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रेडिट पर आयोजित सवाल-जवाब के एक विशेष सेशन में शामिल हुए थे। इस सेशन के दौरान उन्होंने दुनियाभर से जुड़े क्रिकेट फैंस के कई दिलचस्प सवालों के बड़े ही बेबाकी से जवाब दिए और इसी लाइव सेशन के दौरान एक फैन ने सचिन तेंदुलकर से वैभव सूर्यवंशी को लेकर एक महत्वपूर्ण सवाल पूछा था।
फैन ने सवाल पूछते हुए कहा था कि मात्र पंद्रह साल की उम्र में वैभव सूर्यवंशी को लीडरशिप की इतनी बड़ी जिम्मेदारी दिए जाने के बारे में आपकी व्यक्तिगत राय क्या है? इस सवाल का विस्तार से जवाब देते हुए सचिन तेंदुलकर ने कहा कि मुझे ऐसा पूरी तरह से लगता है कि दलीप ट्रॉफी में वैभव को उपकप्तान बनाया जाना एक थोड़ा जल्दबाजी भरा फैसला साबित हो सकता है और हमें उन्हें रेड बॉल क्रिकेट प्रारूप में और अधिक मैच खेलने का पर्याप्त मौका देना चाहिए। खिलाड़ी को एक-एक कदम आगे बढ़ाना चाहिए ताकि वह मानसिक रूप से मजबूत हो सके।
इसके अलावा जब सचिन तेंदुलकर से खेल के दौरान फोकस करने के सही तरीके और मानसिक एकाग्रता को लेकर सवाल पूछा गया। इसके जवाब में उन्होंने एक बहुत ही सरल उपाय बताते हुए कहा कि कुछ देर के लिए अपनी आंखें पूरी तरह बंद करके सिर्फ अपनी सांसों पर फोकस करने की कोशिश करें और सचिन के अनुसार ऐसा करने से खिलाड़ियों को मैदान पर खेल के दौरान किसी भी तरह के बाहरी डिस्ट्रैक्शन या भटकाव से निपटने में बहुत अधिक मदद मिल सकती है। मानसिक शांति खेल के इस स्तर पर बेहद जरूरी होती है।
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई की तरफ से उन्नीस नवंबर से शुरू होने वाले इमर्जिंग एशिया कप के लिए इंडिया ए स्क्वॉड का आधिकारिक ऐलान कर दिया गया है। इस टीम की कमान तिलक वर्मा को सौंपी गई है और इस स्क्वॉड में वैभव सूर्यवंशी के साथ-साथ शानदार बल्लेबाज अभिषेक शर्मा को भी प्रमुखता से जगह मिली है। ऐसे में युवा वैभव के पास इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट के माध्यम से एक बार फिर खुद को पूरी तरह साबित करने का शानदार और सुनहरा मौका रहने वाला है जहां उनका अभिषेक शर्मा के साथ पारी की शुरुआत करना लगभग तय माना जा रहा है।
इस इमर्जिंग एशिया कप टूर्नामेंट के जरिए वैभव सूर्यवंशी सीनियर भारतीय टीम में अपनी ओपनिंग की दावेदारी को और भी अधिक मजबूत तथा पुख्ता कर सकते हैं। अभी के समय में सीनियर भारतीय टीम की प्लेइंग इलेवन में उनकी जगह पूरी तरह से पक्की नहीं हो सकी है, इसलिए यह टूर्नामेंट उनके करियर का एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है। चयनकर्ताओं और प्रशंसकों की निगाहें उनके इस अभियान पर टिकी होंगी।