टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 चरण के अंतिम मुकाबले में पाकिस्तान के खिलाफ मिली हार के बाद श्रीलंका क्रिकेट में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। श्रीलंका टीम के मुख्य कोच सनथ जयसूर्या ने आधिकारिक तौर पर अपने पद से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी है। यह निर्णय उस समय आया जब श्रीलंका की टीम घरेलू परिस्थितियों का लाभ उठाने में विफल रही और सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो गई। पाकिस्तान के खिलाफ खेले गए इस रोमांचक मैच में श्रीलंका को 5 रनों से हार का सामना करना पड़ा, जिसके साथ ही टूर्नामेंट में उनका सफर समाप्त हो गया।
पाकिस्तान बनाम श्रीलंका मैच का घटनाक्रम
टी20 वर्ल्ड कप 2026 का 51वां मुकाबला पाकिस्तान और श्रीलंका के बीच खेला गया। सुपर-8 राउंड के ग्रुप-2 के इस महत्वपूर्ण मैच में पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए एक चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा। जवाब में श्रीलंका की टीम निर्धारित ओवरों में लक्ष्य का पीछा करने में विफल रही और मात्र 5 रनों से मैच हार गई। हालांकि इस जीत के बावजूद पाकिस्तान की टीम भी सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई नहीं कर सकी, लेकिन श्रीलंका के लिए यह हार उनके खराब प्रदर्शन की निरंतरता को दर्शाती रही। टूर्नामेंट का अंत हार के साथ होने पर टीम प्रबंधन और कोचिंग स्टाफ पर दबाव बढ़ गया था।
सनथ जयसूर्या का अचानक लिया गया फैसला
मैच के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सनथ जयसूर्या ने अपने इस्तीफे की पुष्टि की और उन्होंने स्पष्ट किया कि हालांकि उनका अनुबंध जून 2026 तक वैध था, लेकिन उन्होंने इसे समय से पहले समाप्त करने का निर्णय लिया है। जयसूर्या ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि उन्हें लगता है कि अब टीम की जिम्मेदारी किसी और को सौंपने का सही समय आ गया है और उन्होंने यह भी साझा किया कि टी20 वर्ल्ड कप उनका आखिरी असाइनमेंट था और वह अब इस भूमिका को आगे नहीं बढ़ाना चाहते हैं।
कोचिंग कार्यकाल की प्रमुख उपलब्धियां
सनथ जयसूर्या ने 2024 टी20 विश्व कप के समापन के बाद श्रीलंका के मुख्य कोच की जिम्मेदारी संभाली थी। उनके कार्यकाल की शुरुआत काफी प्रभावशाली रही थी। उनके मार्गदर्शन में श्रीलंका ने अगस्त 2024 में भारत के खिलाफ 27 साल के लंबे अंतराल के बाद एकदिवसीय श्रृंखला जीती थी। इसके अतिरिक्त, सितंबर में द ओवल के मैदान पर इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट जीत और घरेलू मैदान पर न्यूजीलैंड को टेस्ट सीरीज में 2-0 से हराना उनके कार्यकाल की बड़ी सफलताएं मानी जाती हैं। इन जीतों ने श्रीलंकाई क्रिकेट में एक नई उम्मीद जगाई थी।
श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड और भविष्य की योजना
हैरानी की बात यह है कि जयसूर्या ने अपने इस फैसले की जानकारी श्रीलंका क्रिकेट (SLC) बोर्ड को पहले से नहीं दी थी। बोर्ड के अधिकारियों के लिए यह एक अप्रत्याशित घटनाक्रम है। हालांकि, जयसूर्या ने संकेत दिए हैं कि वह 13 मार्च से शारजाह में अफगानिस्तान के खिलाफ शुरू होने वाली सीमित ओवरों की श्रृंखला के दौरान टीम के साथ बने रह सकते हैं ताकि संक्रमण काल सुचारू रूप से चल सके। श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड को अब आगामी अंतरराष्ट्रीय दौरों के लिए नए मुख्य कोच की तलाश शुरू करनी होगी।
घरेलू मैदान पर प्रदर्शन की विफलता
टी20 वर्ल्ड कप 2026 की मेजबानी श्रीलंका के पास थी, जिससे टीम से काफी उम्मीदें जुड़ी हुई थीं। अपने घरेलू मैदानों और परिचित पिचों पर खेलने के बावजूद, टीम सुपर-8 चरण से आगे बढ़ने में नाकाम रही। ग्रुप-2 के मैचों में टीम का प्रदर्शन असंगत रहा, जिसने अंततः मुख्य कोच को पद छोड़ने के लिए प्रेरित किया। जयसूर्या के जाने के बाद अब टीम के पुनर्गठन और नए नेतृत्व की तलाश श्रीलंका क्रिकेट के लिए एक बड़ी चुनौती होगी।