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संजू सैमसन की एक और नाकामी, क्या अब टीम इंडिया से कटेगा पत्ता?

संजू सैमसन की एक और नाकामी, क्या अब टीम इंडिया से कटेगा पत्ता?
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भारतीय क्रिकेट टीम के विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन के लिए समय एक बार फिर कठिन होता जा रहा है। न्यूजीलैंड के खिलाफ नागपुर में खेले गए पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में प्रशंसकों को उम्मीद थी कि संजू अपने बल्ले से धमाका करेंगे, लेकिन नतीजा एक बार फिर निराशाजनक रहा। संजू सैमसन क्रीज पर आए तो जरूर लेकिन वह अपनी पारी को। लंबी नहीं खींच सके और महज 10 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। उनकी इस नाकामी ने एक बार फिर चयनकर्ताओं और टीम प्रबंधन के सामने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या संजू को मिल रहे मौके अब खत्म होने वाले हैं। संजू की बल्लेबाजी में वह निरंतरता नहीं दिख रही है जिसकी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दरकार होती है।

नागपुर टी20 में फिर फिसले संजू

मैच की बात करें तो संजू सैमसन ने पारी की शुरुआत सकारात्मक अंदाज में की थी और उन्होंने कीवी तेज गेंदबाज काइल जेमिसन के ओवर में दो शानदार चौके जड़कर अपने इरादे साफ कर दिए थे। ऐसा लग रहा था कि आज संजू के बल्ले से कोई बड़ी पारी देखने को मिलेगी। हालांकि, यह खुशी ज्यादा देर तक नहीं टिकी। जेमिसन की एक गेंद को फ्लिक करने के प्रयास में संजू ने गलती कर दी और गेंद सीधे शॉर्ट मिडविकेट पर खड़े फील्डर रचिन रवींद्र के हाथों में चली गई। महज 7 गेंदों का सामना करने के बाद संजू का आउट होना टीम इंडिया के। लिए एक बड़ा झटका था, खासकर तब जब टीम को एक मजबूत साझेदारी की जरूरत थी।

आंकड़े दे रहे हैं गवाही

संजू सैमसन की यह विफलता कोई इकलौती घटना नहीं है। अगर उनके पिछले 12 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों के आंकड़ों पर नजर डालें, तो तस्वीर काफी चिंताजनक नजर आती है। इन 12 पारियों में संजू ने केवल 232 रन बनाए हैं। इस दौरान उनका बल्लेबाजी औसत गिरकर 19. 33 पर आ गया है, जो एक टॉप ऑर्डर बल्लेबाज के लिए बेहद कम माना जाता है। इतना ही नहीं, उनका स्ट्राइक रेट भी 127. 47 रहा है, जो आधुनिक टी20 क्रिकेट के मानकों के हिसाब से औसत है। इन 12 पारियों में संजू के बल्ले से सिर्फ एक अर्धशतक निकला है। और तीन बार तो वह दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू पाए हैं।

ईशान किशन से कड़ी टक्कर

टीम इंडिया में इस समय विकेटकीपर बल्लेबाज के स्थान के लिए जबरदस्त प्रतिस्पर्धा है और संजू सैमसन के साथ-साथ ईशान किशन भी टीम का हिस्सा हैं। हालांकि, ईशान किशन भी इस मैच में कुछ खास नहीं कर सके और जैकब डफी की गेंद पर 8 रन बनाकर आउट हो गए, लेकिन संजू के लिए मुश्किल यह है कि उन्हें बार-बार मौके मिलने के बावजूद वह खुद को साबित नहीं कर पा रहे हैं। टी20 वर्ल्ड कप की प्लेइंग इलेवन में जगह बनाने के लिए संजू को असाधारण प्रदर्शन करना होगा, अन्यथा ईशान किशन या ऋषभ पंत जैसे विकल्प उनसे आगे निकल सकते हैं। शुभमन गिल को पहले ही संजू पर तरजीह दी जा रही है, जिससे उनकी राह और कठिन हो गई है।

अभिषेक शर्मा का धमाका

जहां एक तरफ अनुभवी खिलाड़ी संघर्ष कर रहे हैं, वहीं युवा खिलाड़ी अपने प्रदर्शन से सबको प्रभावित कर रहे हैं। संजू सैमसन के ओपनिंग पार्टनर अभिषेक शर्मा ने इस मैच में तूफानी बल्लेबाजी की और अभिषेक ने महज 22 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया। उन्होंने अपनी पारी में 4 छक्के और 3 चौके लगाए। अभिषेक की इस पारी ने दिखाया कि निडर होकर बल्लेबाजी कैसे की जाती है। उन्होंने छक्कों के मामले में दिग्गज युवराज सिंह के कुछ रिकॉर्ड्स को भी पीछे छोड़ दिया। अभिषेक जैसे युवाओं का उदय संजू सैमसन जैसे खिलाड़ियों के लिए खतरे। की घंटी है, क्योंकि टीम मैनेजमेंट अब भविष्य की ओर देख रहा है।

क्या खत्म हो रहा है मौका?

संजू सैमसन के पास प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में प्रतिभा से ज्यादा प्रदर्शन मायने रखता है और संजू अक्सर अच्छी शुरुआत को बड़ी पारी में बदलने में नाकाम रहते हैं। चयनकर्ताओं ने उन पर काफी भरोसा दिखाया है, लेकिन अब धैर्य जवाब दे रहा है और अगर आने वाले मैचों में संजू के बल्ले से रन नहीं निकले, तो शायद उन्हें टीम से बाहर का रास्ता देखना पड़ सकता है। भारतीय क्रिकेट में प्रतिस्पर्धा इतनी अधिक है कि एक या दो खराब पारियां आपको रेस से बाहर कर सकती हैं। संजू को अब अपनी तकनीक और मानसिक मजबूती पर काम। करना होगा ताकि वह टीम में अपनी जगह सुरक्षित रख सकें।

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