भारतीय क्रिकेट टीम और न्यूजीलैंड के बीच खेली जा रही पांच मैचों की टी20 सीरीज अब अपने निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। सीरीज का आखिरी और पांचवां मुकाबला तिरुवनंतपुरम के ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जाना है। इस मैच को लेकर केरल के क्रिकेट प्रेमियों में जो उत्साह देखा जा। रहा है, वैसा शायद ही पहले कभी किसी खिलाड़ी के लिए देखा गया हो। इस दीवानगी की सबसे बड़ी वजह कोई और नहीं, बल्कि स्थानीय हीरो संजू सैमसन हैं।
संजू सैमसन का होम ग्राउंड पर ऐतिहासिक डेब्यू
संजू सैमसन के लिए यह मैच किसी सपने के सच होने जैसा है। तिरुवनंतपुरम संजू का गृहनगर है और यहीं के ग्रीनफील्ड स्टेडियम में उन्होंने बचपन से क्रिकेट की बारीकियां सीखी हैं। हालांकि उन्होंने भारत के लिए कई मैच खेले हैं, लेकिन यह पहली बार होगा जब वह टीम इंडिया की जर्सी पहनकर अपने घरेलू दर्शकों के सामने कोई अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने उतरेंगे। फैंस अपने चहेते खिलाड़ी को नीली जर्सी में मैदान पर देखने के लिए बेताब हैं।
बिक गए सारे टिकट, स्टेडियम होगा खचाखच भरा
मैच की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि टिकटों की बिक्री शुरू होने के कुछ ही घंटों के भीतर पूरा स्टेडियम 'सोल्ड आउट' हो गया। ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्टेडियम की क्षमता लगभग 55,000 दर्शकों की है और रिपोर्ट्स के अनुसार, एक भी सीट खाली नहीं रहने वाली है। केरल के कोने-कोने से फैंस संजू सैमसन को सपोर्ट करने के लिए तिरुवनंतपुरम पहुंच रहे हैं। स्थानीय प्रशासन और केरल क्रिकेट एसोसिएशन ने भी इस भारी भीड़ को संभालने के लिए विशेष इंतजाम किए हैं।
संजू के लिए 'करो या मरो' की स्थिति
भले ही फैंस का प्यार संजू के साथ है, लेकिन मैदान पर उनके लिए चुनौतियां कम नहीं हैं। इस सीरीज में अब तक संजू का बल्ला खामोश रहा है और शुरुआती चार मैचों में उन्होंने क्रमशः 10, 6, 0 और 24 रन बनाए हैं। उनके खराब फॉर्म को देखते हुए आलोचक उन पर सवाल उठा रहे हैं। ऐसे में अपने होम ग्राउंड पर खेला जाने वाला यह। मैच उनके करियर के लिए टर्निंग पॉइंट साबित हो सकता है। अगर वह यहां एक बड़ी पारी खेलते हैं, तो न केवल वह अपनी। फॉर्म वापस पाएंगे, बल्कि टी20 वर्ल्ड कप के लिए अपनी दावेदारी भी मजबूत करेंगे।
टी20 वर्ल्ड कप से पहले आखिरी अग्निपरीक्षा
भारतीय टीम मैनेजमेंट के लिए भी यह मैच काफी महत्वपूर्ण है। टी20 वर्ल्ड कप से पहले भारत की यह आखिरी टी20 सीरीज है। इसके बाद खिलाड़ियों को सीधे आईपीएल और फिर वर्ल्ड कप में हिस्सा लेना है। संजू सैमसन के पास चयनकर्ताओं को प्रभावित करने का यह आखिरी मौका है। कप्तान और कोच की नजरें भी संजू के प्रदर्शन पर टिकी होंगी, क्योंकि मिडिल ऑर्डर में एक आक्रामक विकेटकीपर बल्लेबाज की तलाश अभी भी जारी है।
ग्रीनफील्ड स्टेडियम का रिकॉर्ड और पिच का मिजाज
तिरुवनंतपुरम की पिच आमतौर पर गेंदबाजों और बल्लेबाजों दोनों को समान अवसर प्रदान करती है और हालांकि, शाम के समय ओस की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है, जो टॉस जीतने वाली टीम के फैसले को प्रभावित करेगी। भारत ने इस मैदान पर पहले भी शानदार जीत दर्ज की है, और संजू सैमसन की मौजूदगी टीम के मनोबल को और ऊंचा करेगी और फैंस को उम्मीद है कि संजू न केवल विकेट के पीछे कमाल करेंगे, बल्कि अपने बल्ले से भी चौकों-छक्कों की बरसात करेंगे।
सीरीज का समीकरण
भारत ने सीरीज के पहले तीन मैच जीतकर सीरीज पर कब्जा कर लिया था, लेकिन चौथे मैच में न्यूजीलैंड ने 50 रनों की बड़ी जीत दर्ज कर भारत के क्लीन स्वीप के इरादे पर पानी फेर दिया। अब भारत की कोशिश सीरीज को 4-1 से खत्म करने की होगी, जबकि कीवी टीम इस जीत के लय को बरकरार रखते हुए सीरीज का अंत सम्मानजनक तरीके से करना चाहेगी। संजू सैमसन के लिए यह मैच उनके जीवन का सबसे बड़ा मैच। होने वाला है, जहां पूरा स्टेडियम सिर्फ उनके नाम के नारे लगाएगा।