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संजू सैमसन के टी20 वर्ल्ड कप भविष्य पर फैसला जल्द, दक्षिण अफ्रीका मैच अहम

संजू सैमसन के टी20 वर्ल्ड कप भविष्य पर फैसला जल्द, दक्षिण अफ्रीका मैच अहम
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भारतीय क्रिकेट टीम आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 की तैयारियों के अंतिम चरण में है, लेकिन टीम संयोजन को लेकर संजू सैमसन की फॉर्म एक बड़ी चिंता का विषय बनी हुई है। न्यूजीलैंड के खिलाफ हाल ही में संपन्न हुई टी20 सीरीज में सैमसन के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद अब उनके प्लेइंग इलेवन में स्थान को लेकर संशय गहरा गया है। कप्तान सूर्यकुमार यादव के नेतृत्व में टीम इंडिया अब 4 फरवरी को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वार्मअप मैच खेलने की तैयारी कर रही है, जिसे सैमसन के लिए अंतिम अवसर के रूप में देखा जा रहा है।

दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वार्मअप मैच की रणनीतिक अहमियत

टी20 वर्ल्ड कप का मुख्य अभियान शुरू होने से पहले 4 फरवरी को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ होने वाला वार्मअप मैच भारतीय टीम प्रबंधन के लिए प्रयोग का अंतिम मंच होगा। हालांकि वार्मअप मैचों के परिणाम आधिकारिक रिकॉर्ड में नहीं जुड़ते, लेकिन टीम की प्लेइंग इलेवन की तस्वीर यहीं से साफ होती है। 7 फरवरी को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में यूएसए के खिलाफ होने वाले पहले मुकाबले से पहले, कोच और कप्तान यह तय करना चाहेंगे कि विकेटकीपर-बल्लेबाज की भूमिका में कौन फिट बैठता है। इस मैच में संजू सैमसन को मौका मिलता है या नहीं, यह उनके विश्व कप भविष्य का स्पष्ट संकेत होगा।

ईशान किशन और संजू सैमसन के प्रदर्शन का तुलनात्मक विश्लेषण

न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज के आंकड़ों ने चयनकर्ताओं की दुविधा को बढ़ा दिया है। 18 के स्ट्राइक रेट से 215 रन बनाए, जिससे वे सूर्यकुमार यादव के बाद दूसरे सबसे सफल बल्लेबाज रहे। इसके विपरीत, संजू सैमसन ने सीरीज के सभी 5 मैच खेले लेकिन केवल 46 रन ही बना सके। 29 दर्ज किया गया। किशन की आक्रामक बल्लेबाजी और निरंतरता ने उन्हें प्लेइंग इलेवन के लिए एक मजबूत दावेदार के रूप में स्थापित कर दिया है, जबकि सैमसन क्रीज पर समय बिताने में संघर्ष करते नजर आए हैं।

विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी और टीम प्रबंधन के संकेत

न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज के अंतिम मैच में एक महत्वपूर्ण बदलाव देखा गया जिसने क्रिकेट गलियारों में चर्चा छेड़ दी है। मैच की पहली पारी में संजू सैमसन विकेटकीपर के तौर पर मैदान में थे, लेकिन दूसरी पारी में फील्डिंग के दौरान ग्लव्स ईशान किशन को सौंप दिए गए। सैमसन को बाउंड्री पर फील्डिंग करते देखा गया, जिसे विश्लेषकों ने टीम प्रबंधन के एक बड़े बदलाव के संकेत के रूप में देखा है। यह कदम दर्शाता है कि प्रबंधन ईशान किशन को एक पूर्णकालिक विकेटकीपर-बल्लेबाज और ओपनर के रूप में तैयार करने पर विचार कर रहा है, जो सैमसन के लिए टीम में जगह बनाना और कठिन बना सकता है।

विशेषज्ञों का विश्लेषण और आगामी चुनौतियां

खेल विश्लेषकों के अनुसार, टी20 प्रारूप में निरंतरता सबसे महत्वपूर्ण कारक है। ईशान किशन का हालिया फॉर्म उन्हें ऊपरी क्रम में एक विस्फोटक विकल्प प्रदान करता है। दूसरी ओर, सैमसन की तकनीकी क्षमता पर कोई संदेह नहीं है, लेकिन बड़े टूर्नामेंटों से पहले रनों का अभाव उनके खिलाफ जा सकता है। टीम प्रबंधन को यह तय करना होगा कि क्या वे सैमसन के अनुभव पर भरोसा करेंगे या किशन की वर्तमान लय के साथ जाएंगे। 4 फरवरी का मैच यह निर्धारित करेगा कि वानखेड़े की पिच पर यूएसए के खिलाफ भारत किस संतुलित संयोजन के साथ उतरेगा।

निष्कर्षतः, संजू सैमसन के लिए अगले कुछ दिन उनके अंतरराष्ट्रीय करियर के सबसे चुनौतीपूर्ण समय में से एक हैं और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वार्मअप मैच में टीम की संरचना यह स्पष्ट कर देगी कि क्या सैमसन विश्व कप की मुख्य योजना का हिस्सा हैं या उन्हें बेंच पर बैठना होगा। भारतीय क्रिकेट प्रशंसक अब 4 फरवरी के घटनाक्रम पर नजरें टिकाए हुए हैं, क्योंकि यही मैच टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए भारत की अंतिम दिशा तय करेगा।

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