सर्जियो गोर को ट्रंप कैबिनेट में मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी, रुबियो की लेंगे जगह

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सर्जियो गोर को ट्रंप कैबिनेट में मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी, रुबियो की लेंगे जगह
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अमेरिकी राजनीतिक गलियारों में इस बात की जोरदार चर्चा चल रही है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने प्रशासन में एक बहुत बड़ा फेरबदल करने की योजना बना रहे हैं। इस संभावित फेरबदल के केंद्र में भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर का नाम सबसे आगे चल रहा है। अमेरिकी अखबार द वॉशिंगटन सन ने अपनी एक विशेष रिपोर्ट में विश्वस्त सूत्रों के हवाले से यह जानकारी साझा की है कि सर्जियो गोर को अमेरिकी कैबिनेट में एक बेहद बड़ी जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि उन्हें वर्तमान विदेश मंत्री मार्को रुबियो की जगह कैबिनेट में शामिल किया जा सकता है, या फिर उन्हें व्हाइट हाउस में किसी अन्य अत्यंत महत्वपूर्ण पद पर तैनात किया जा सकता है।

प्रशासन में बड़े बदलाव और सर्जियो गोर की नई भूमिका की चाहत

सामने आई रिपोर्ट के अनुसार, नवंबर के मिडटर्म चुनाव के बाद ट्रंप प्रशासन में बड़े प्रशासनिक फेरबदल होने की पूरी संभावना है। ऐसा माना जा रहा है कि सर्जियो गोर खुद भी अपनी वर्तमान जिम्मेदारियों के दायरे को बढ़ाना चाहते हैं और प्रशासन में एक बड़ी भूमिका की तलाश में हैं। अमेरिकी प्रशासन के एक शीर्ष अधिकारी ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि गोर अब एक ऐसी कार्यशैली और भूमिका चाहते हैं, जिसमें वे जनता और मीडिया के सामने अधिक मुखर रूप से नजर आएं। इसके अलावा, विदेश मंत्रालय के एक अन्य अधिकारी ने अपनी प्रतिक्रिया में बताया कि बड़े और महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों के दौरान सर्जियो गोर को सुर्खियों में रहना और लाइमलाइट का हिस्सा बनना काफी पसंद है।

डोनाल्ड ट्रंप के बेहद करीबी और भरोसेमंद माने जाते हैं सर्जियो गोर

सर्जियो गोर को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सबसे भरोसेमंद और करीबी सहयोगियों में गिना जाता है और ट्रंप तक उनकी सीधी और निर्बाध पहुंच है, जो उनके मजबूत राजनीतिक रसूख को दर्शाती है। इसके अतिरिक्त, उनके संबंध राष्ट्रपति ट्रंप के बेटे डोनाल्ड ट्रंप जूनियर के साथ भी बेहद प्रगाढ़ और करीबी रहे हैं। अपने पिछले प्रशासनिक अनुभवों के दौरान, सर्जियो गोर व्हाइट हाउस के राष्ट्रपति नियुक्ति कार्यालय के प्रमुख के रूप में सफलतापूर्वक कार्य कर चुके हैं और अपने उस कार्यकाल के दौरान उन्होंने अमेरिकी सरकार में हजारों उच्च पदस्थ अधिकारियों की पृष्ठभूमि की जांच और उनकी नियुक्तियों की पूरी प्रक्रिया में एक अत्यंत महत्वपूर्ण और निर्णायक भूमिका निभाई थी।

विदेश मंत्री मार्को रुबियो से बेहतरीन संबंध और एशिया में विशेष दूत की भूमिका

सर्जियो गोर के संबंध मौजूदा विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ भी काफी अच्छे और सहयोगात्मक रहे हैं और वे कई उच्च स्तरीय और बड़ी अंतरराष्ट्रीय बैठकों के दौरान मार्को रुबियो के साथ आधिकारिक तौर पर शामिल हो चुके हैं। वर्तमान में भारत में अमेरिका के राजदूत होने की जिम्मेदारी निभाने के साथ-साथ वे दक्षिण और मध्य एशिया के विशेष अमेरिकी दूत के रूप में भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं। एशिया महाद्वीप के कई प्रमुख देशों के साथ अमेरिका के सामरिक और कूटनीतिक संबंधों को मजबूत करने में उनकी भूमिका को हमेशा से बेहद अहम और निर्णायक माना गया है।

मार्को रुबियो के राष्ट्रपति चुनाव लड़ने की राजनीतिक चर्चाएं

द वॉशिंगटन सन की रिपोर्ट में यह भी खुलासा किया गया है कि रिपब्लिकन पार्टी और अमेरिकी विदेश मंत्रालय के कुछ अंदरूनी अधिकारियों का ऐसा मानना है कि मार्को रुबियो आने वाले समय में वर्ष 2028 या फिर वर्ष 2032 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव लड़ने के लिए अपनी राजनीतिक तैयारियां शुरू कर सकते हैं। इन चर्चाओं के मुताबिक, राष्ट्रपति चुनाव की तैयारियों में जुटने के लिए ही वे स्वेच्छा से विदेश मंत्री के अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं। हालांकि, यह भी स्पष्ट किया गया है कि खुद मार्को रुबियो की तरफ से अभी तक ऐसा कोई भी आधिकारिक संकेत नहीं दिया गया है जो इस बात की पुष्टि करता हो।

उप विदेश मंत्री क्रिस लैंडाउ की स्थिति और इस्तीफा देने की चर्चा

इस व्यापक प्रशासनिक फेरबदल की चर्चाओं के बीच, रिपोर्ट में उप विदेश मंत्री क्रिस लैंडाउ की जगह भी सर्जियो गोर को दिए जाने की संभावना पर खुलकर विचार किया जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, उप विदेश मंत्री क्रिस लैंडाउ ने देश में हुए चुनावों से पहले कथित तौर पर यह बयान दिया था कि यदि रिपब्लिकन पार्टी अमेरिकी कांग्रेस में अपना बहुमत खो देती है, तो वे अपने पद से तुरंत इस्तीफा दे देंगे। जैसा कि मिडटर्म चुनावों के परिणामों में देखने को मिला, डेमोक्रेट्स पार्टी ने प्रतिनिधि सभा और सीनेट, दोनों ही सदनों में अपना पूर्ण बहुमत हासिल कर लिया, जिसके बाद लैंडाउ के इस्तीफे की अटकलें तेज हो गईं।

इन तमाम मीडिया रिपोर्टों और राजनीतिक अटकलों के सामने आने के बाद, सर्जियो गोर और क्रिस लैंडाउ दोनों ने ही इन सभी दावों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें पूरी तरह से गलत बताया है। सर्जियो गोर ने अपना पक्ष रखते हुए स्पष्ट शब्दों में कहा कि मार्को रुबियो अमेरिकी इतिहास के सबसे योग्य, सक्षम और शानदार विदेश मंत्रियों में से एक हैं, और उनकी जगह कोई दूसरा व्यक्ति कभी नहीं ले सकता है। उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि वर्तमान में उनकी किसी भी अन्य पद को प्राप्त करने में कोई रुचि नहीं है। वहीं दूसरी तरफ, उप विदेश मंत्री क्रिस लैंडाउ ने भी अपने पद से किसी भी प्रकार का इस्तीफा देने की बात से साफ इनकार कर दिया है।

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