भारतीय इक्विटी बाजारों में शुक्रवार को लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में कमजोरी का रुख बना रहा और सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन, घरेलू शेयर बाजार के दोनों प्रमुख सूचकांक, बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी 50, लाल निशान में खुले। बाजार की इस गिरावट ने निवेशकों के बीच सतर्कता का माहौल बना दिया है, क्योंकि पिछले कुछ दिनों से बाजार में उतार-चढ़ाव का सिलसिला जारी है और 32 के स्तर पर खुला। 80 के स्तर पर कारोबार की शुरुआत करता दिखा।
सेंसेक्स और निफ्टी के शुरुआती आंकड़ों का विश्लेषण
बाजार के शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, सेंसेक्स की 30 प्रमुख कंपनियों में से केवल 16 शेयर बढ़त के साथ हरे निशान में कारोबार कर रहे थे, जबकि 14 कंपनियों के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी 50 की स्थिति और भी अधिक चुनौतीपूर्ण रही, जहां 50 में से केवल 17 शेयर तेजी के साथ खुले और शेष 33 शेयरों ने नुकसान के साथ कारोबार की शुरुआत की। विश्लेषकों के अनुसार, यह गिरावट बाजार में जारी मुनाफावसूली और वैश्विक संकेतों के प्रभाव को दर्शाती है। इससे पहले मंगलवार, 3 फरवरी को बाजार में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर टैरिफ दरों में कटौती के संकेतों के बाद बड़ी तेजी देखी गई थी, लेकिन वह बढ़त अब धीरे-धीरे कम होती नजर आ रही है।
प्रमुख गेनर्स और लूजर्स की स्थिति
29% की तेजी दर्ज की गई। 52% की बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे। पावरग्रिड, आईसीआईसीआई बैंक और भारती एयरटेल में भी मामूली तेजी देखी गई। 32% की गिरावट आई। 80% की गिरावट के साथ खुले। मारुति सुजुकी, एचसीएल टेक और बीईएल जैसे बड़े शेयरों में भी बिकवाली का दबाव देखा गया, जिससे सूचकांकों पर नीचे की ओर दबाव बना रहा।
सेक्टोरल इंडेक्स और बाजार की चाल
आईटी और बैंकिंग सेक्टर के बड़े शेयरों में गिरावट ने निफ्टी को प्रभावित किया। 14% की मामूली गिरावट रही। ऑटो सेक्टर में मारुति सुजुकी और महिंद्रा एंड महिंद्रा के बीच मिश्रित रुझान दिखा। विश्लेषकों के अनुसार, बाजार में यह सुस्ती वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और घरेलू स्तर पर तिमाही परिणामों के बाद के समायोजन के कारण हो सकती है। अडाणी पोर्ट्स, एक्सिस बैंक और टाइटन जैसे शेयरों में बहुत सीमित दायरे में कारोबार होता दिखा, जो बाजार में स्पष्ट दिशा की कमी को दर्शाता है।
बाजार विशेषज्ञों का विश्लेषण और निष्कर्ष
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, वर्तमान गिरावट का मुख्य कारण वैश्विक बाजारों से मिलने वाले कमजोर संकेत और घरेलू स्तर पर बड़े संस्थागत निवेशकों द्वारा की जा रही बिकवाली है। मंगलवार की बड़ी तेजी के बाद बाजार अब एक कंसोलिडेशन फेज में प्रवेश करता दिख रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि जब तक निफ्टी और सेंसेक्स अपने प्रमुख प्रतिरोध स्तरों को पार नहीं करते, तब तक बाजार में इसी तरह का उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। शुक्रवार की क्लोजिंग यह तय करेगी कि अगले सप्ताह बाजार किस दिशा में जाएगा। फिलहाल, बैंकिंग और आईटी शेयरों की चाल बाजार के लिए निर्णायक साबित हो रही है।