भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार खिलाड़ी और कप्तान शुभमन गिल ने वेलिंगटन में खेले गए वनडे मुकाबले के दौरान अपने करियर में एक ऐसा दिन देखा, जिसका सामना उन्होंने अपने अब तक के एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय करियर में पहले कभी नहीं किया था। वनडे क्रिकेट में अपने डेब्यू के बाद से शुभमन गिल पहले भी कुछ मुकाबलों में शून्य पर आउट हुए हैं, मगर वेलिंगटन वनडे में उनके साथ जो हुआ, वह उनके करियर में बिल्कुल पहली बार हुआ है। वेलिंगटन वनडे में शुभमन गिल का बल्ला बिल्कुल नहीं चला और मैदान पर उनकी पारी पलक झपकते ही समाप्त हो गई। रोहित शर्मा के साथ उनकी ओपनिंग पार्टनरशिप मैदान पर ठीक से जमने से पहले ही बिखर गई, जिससे भारतीय टीम को पारी की शुरुआत में ही एक बड़ा झटका लगा। आखिर वह क्या वाकया रहा, जिससे शुभमन गिल का सामना पहली बार हुआ, इस पर क्रिकेट जगत में काफी चर्चा हो रही है, लेकिन उससे पहले यह जानना बेहद जरूरी है कि वह अपने अभी तक के वनडे करियर में कुल कितनी बार शून्य यानी डक पर आउट हुए हैं।
शुभमन गिल के वनडे करियर के आंकड़ों पर नजर डालें तो उन्होंने अपने एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय करियर का डेब्यू वर्ष 2019 में श्रीलंका के खिलाफ कोलंबो के मैदान पर किया था। तब से लेकर अब तक गिल ने अपने वनडे करियर में कुल 72 मुकाबले खेले हैं, जिनकी 71 पारियों में बल्लेबाजी करते हुए वह अब तक केवल 2 बार ही डक यानी शून्य पर आउट हुए हैं। इन दोनों मुकाबलों में से एक डक हाल ही में वेलिंगटन वनडे मैच के दौरान आया है। न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले गए इस मुकाबले में शुभमन गिल अपनी पारी की बिल्कुल पहली ही गेंद पर बिना खाता खोले आउट हो गए। उन्हें न्यूजीलैंड के गेंदबाज जैकब डफी ने अपना शिकार बनाया और पवेलियन की राह दिखाई और क्रिकेट के खेल की भाषा में जब कोई बल्लेबाज अपनी पारी की पहली ही गेंद पर आउट हो जाता है, तो उसे गोल्डन डक कहा जाता है और शुभमन गिल के साथ यह वाकया उनके वनडे करियर में पहली बार घटा है।
क्रिकेट के नियमों और परिभाषाओं के अनुसार, जब कोई खिलाड़ी बिना एक भी रन बनाए मैच में अपनी पहली गेंद पर ही आउट होकर वापस लौटता है, तो उसे गोल्डन डक के रूप में दर्ज किया जाता है। भारतीय बल्लेबाज शुभमन गिल अपने संपूर्ण वनडे करियर में इससे पहले कभी भी गोल्डन डक का शिकार नहीं हुए थे। ऐसा अनचाहा रिकॉर्ड उनके साथ पहली बार वेलिंगटन वनडे मैच में जुड़ा है। इस मुकाबले में शुभमन गिल के गोल्डन डक पर आउट होने के साथ ही भारतीय टीम को पारी के शुरुआती ओवरों में ही पहला करारा झटका लगा। कप्तान रोहित शर्मा के साथ उनकी ओपनिंग साझेदारी केवल 4 रनों की ही बन सकी। इससे पहले शुभमन गिल ने ऑकलैंड में खेले गए इस सीरीज के पहले वनडे मुकाबले में शानदार बल्लेबाजी करते हुए 37 रनों का योगदान दिया था, लेकिन वेलिंगटन का मैच उनके लिए व्यक्तिगत रूप से बेहद निराशाजनक रहा।
अगर एक नजर शुभमन गिल के संपूर्ण वनडे करियर के आंकड़ों और उपलब्धियों पर डाली जाए, तो उन्होंने अब तक खेले गए 72 मैचों की 71 पारियों में शानदार प्रदर्शन करते हुए 63 रुपये 55 पैसे के औसत से कुल 3750 रन बनाए हैं। उनके इस शानदार वनडे करियर में 11 बेहतरीन शतक और 20 अर्धशतक शामिल हैं, जो उनके उच्च श्रेणी के बल्लेबाज होने की गवाही देते हैं। एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शुभमन गिल का अब तक का व्यक्तिगत रूप से सबसे बड़ा स्कोर नाबाद 223 रनों का रहा है, जो उनके आक्रामक और संयमित खेल का बेहतरीन उदाहरण है। वेलिंगटन वनडे में मिली इस असफलता के बावजूद गिल विश्व क्रिकेट के सबसे प्रतिभाशाली और भरोसेमंद बल्लेबाजों में गिने जाते हैं, और उनके फैंस को उम्मीद है कि वह आगामी मुकाबलों में एक बार फिर अपने पुराने और दमदार अंदाज में वापसी करेंगे।