आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 चरण में मौसम का खलल जारी है। श्रीलंका और इंग्लैंड के बीच 22 फरवरी को पल्लेकेले इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में होने वाले महत्वपूर्ण मुकाबले पर बारिश का भारी साया मंडरा रहा है। यह मैच दोनों टीमों के लिए सेमीफाइनल की दौड़ में बने रहने के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण है, लेकिन मौसम विभाग की भविष्यवाणियों ने आयोजकों और प्रशंसकों की चिंता बढ़ा दी है। इससे पहले 21 फरवरी को कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में पाकिस्तान और न्यूजीलैंड के बीच खेला गया मुकाबला भी भारी बारिश के कारण बिना किसी नतीजे के समाप्त हो गया था।
पल्लेकेले में मौसम का पूर्वानुमान और बारिश की संभावना
श्रीलंका के मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा बुलेटिन के अनुसार, 22 फरवरी को पल्लेकेले और आसपास के क्षेत्रों में गरज के साथ भारी बारिश होने की 80% संभावना है। स्थानीय समयानुसार मैच दोपहर में शुरू होना है, लेकिन सुबह से ही आसमान में घने बादल छाए रहने और रुक-रुक कर बारिश होने का अनुमान व्यक्त किया गया है। मौसम विज्ञानियों के अनुसार, हिंद महासागर में बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण श्रीलंका के मध्य प्रांत में मानसूनी गतिविधियां तेज हो गई हैं। यदि मैच के दौरान बारिश होती है, तो आउटफील्ड को सुखाना ग्राउंड स्टाफ के लिए एक बड़ी चुनौती होगी, क्योंकि पल्लेकेले में नमी का स्तर 90% से अधिक रहने की उम्मीद है।
आईसीसी के नियम और रिजर्व डे की अनुपलब्धता
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) के मौजूदा नियमों के अनुसार, टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 चरण के मैचों के लिए कोई रिजर्व डे (आरक्षित दिन) नहीं रखा गया है। रिजर्व डे की सुविधा केवल सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबलों के लिए ही उपलब्ध है। नियमों के मुताबिक, किसी भी टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच का परिणाम घोषित करने के लिए दोनों टीमों का कम से कम 5-5 ओवर खेलना अनिवार्य है। यदि बारिश के कारण मैच की समय सीमा समाप्त होने तक 5-5 ओवर का खेल संभव नहीं हो पाता है, तो मैच को 'नो रिजल्ट' घोषित कर दिया जाएगा। ऐसी स्थिति में श्रीलंका और इंग्लैंड दोनों टीमों को एक-एक अंक से संतोष करना पड़ेगा।
ग्रुप-2 के समीकरणों पर मैच रद्द होने का प्रभाव
सुपर-8 के ग्रुप-2 में श्रीलंका, इंग्लैंड, पाकिस्तान और न्यूजीलैंड की टीमें शामिल हैं। पाकिस्तान और न्यूजीलैंड का पिछला मैच रद्द होने के कारण वे पहले ही एक-एक अंक प्राप्त कर चुके हैं। यदि श्रीलंका और इंग्लैंड का मुकाबला भी बारिश की भेंट चढ़ता है, तो ग्रुप की चारों टीमें एक-एक अंक के साथ बराबरी पर आ जाएंगी। इससे सेमीफाइनल की रेस और अधिक जटिल हो जाएगी, क्योंकि इसके बाद नेट रन रेट की भूमिका सीमित हो जाएगी और अगले मैचों में जीत अनिवार्य हो जाएगी। श्रीलंका के लिए अपने घरेलू मैदान पर अंक बांटना एक बड़ा झटका हो सकता है, जबकि इंग्लैंड के लिए भी यह स्थिति चुनौतीपूर्ण होगी।
दोनों टीमों का स्क्वॉड और खिलाड़ियों की उपलब्धता
इंग्लैंड की टीम में हैरी ब्रूक कप्तानी की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। उनके स्क्वॉड में फिलिप सॉल्ट, जोस बटलर, जैकब बेथेल, टॉम बैंटन, सैम करन, विल जैक्स, जेमी ओवरटन, जोफ्रा आर्चर, लियाम डॉसन, आदिल राशिद, बेन डकेट, ल्यूक वुड, जोश टंग और रेहान अहमद शामिल हैं और दूसरी ओर, श्रीलंका की कमान दसुन शनाका के हाथों में है। श्रीलंकाई टीम में पथुम निसांका, कुसल परेरा, कुसल मेंडिस, पवन रथनायके, कामिंडू मेंडिस, दुनिथ वेल्लालगे, दुशान हेमंथा, महेश थीक्षाना, दिलशान मदुशंका, प्रमोद मदुशन, दुष्मंथा चमीरा, चरिथ असलंका, जनिथ लियानागे और कामिल मिशारा को जगह दी गई है। दोनों टीमों के खिलाड़ी पल्लेकेले पहुंच चुके हैं, लेकिन खराब मौसम के कारण अभ्यास सत्रों में भी बाधा आई है।
पल्लेकेले स्टेडियम का ड्रेनेज सिस्टम और तैयारी
पल्लेकेले इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम का ड्रेनेज सिस्टम आधुनिक माना जाता है, लेकिन अत्यधिक बारिश की स्थिति में इसकी भी सीमाएं हैं। ग्राउंड स्टाफ ने पूरे मैदान को कवर करने के लिए अतिरिक्त तिरपालों की व्यवस्था की है। श्रीलंका क्रिकेट (SLC) के अधिकारियों के अनुसार, यदि बारिश रुकती है, तो खेल शुरू करने के लिए मैदान को तैयार करने में लगभग 45 से 60 मिनट का समय लगेगा। हालांकि, पल्लेकेले की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि यहां बादल जल्दी घिर आते हैं और पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण मौसम तेजी से बदलता है और अंपायर और मैच रेफरी स्थानीय समयानुसार दोपहर में मैदान का निरीक्षण करेंगे और मौसम की स्थिति को देखते हुए टॉस और मैच के समय पर निर्णय लेंगे।