सोने और चांदी की कीमतों में ऐतिहासिक उछाल सोमवार को भारतीय वायदा बाजार में सोने और चांदी दोनों की कीमतों में जबरदस्त तेजी दर्ज की गई, जिससे सोने ने एक नया सर्वकालिक उच्च स्तर छू लिया। यह उछाल घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों बाजारों में देखा गया, जो निवेशकों के बीच इन कीमती धातुओं के प्रति बढ़ते आकर्षण को दर्शाता है। इस तेजी ने बाजार विश्लेषकों और आम उपभोक्ताओं दोनों का ध्यान अपनी ओर खींचा है, क्योंकि यह। आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच सुरक्षित निवेश के रूप में सोने और चांदी की भूमिका को मजबूत करता है।
वायदा बाजार में सोने का नया रिकॉर्ड
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर फरवरी डिलीवरी वाला सोना 1874 रुपये की भारी तेजी के साथ 1,35,496 रुपये प्रति 10 ग्राम के अपने सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया। यह 1. 4 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि है और पिछले एक हफ्ते में, सोने की वायदा कीमतों में कुल 3160 रुपये, यानी 2. 42 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जो बाजार में मजबूत खरीदारी का संकेत है। इस लगातार वृद्धि ने सोने को एक आकर्षक निवेश विकल्प बना दिया है,। खासकर ऐसे समय में जब अन्य परिसंपत्तियों में अस्थिरता देखी जा रही है।
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी सोने की चमक
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी सोने की कीमतों में मजबूती देखने को मिली। कॉमेक्स (COMEX) पर फरवरी की डिलीवरी वाला सोना 52. 2 डॉलर, यानी 1. 21 प्रतिशत की तेजी के साथ 4380 और 5 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। पिछले हफ्ते इसमें 85. 3 डॉलर (2 और 01 प्रतिशत) की तेजी दर्ज की गई थी। यह वैश्विक स्तर पर सोने की मांग में वृद्धि और डॉलर के मुकाबले इसकी मजबूती को दर्शाता है। अंतरराष्ट्रीय रुझान अक्सर घरेलू कीमतों को प्रभावित करते हैं, और यह वैश्विक तेजी। भारतीय बाजार में सोने की कीमतों में वृद्धि का एक प्रमुख कारण रही है।
चांदी की कीमतों में भी जोरदार उछाल
सोने के साथ-साथ चांदी की वायदा कीमतों में भी सोमवार को जोरदार तेजी देखी गई। MCX पर मार्च 2026 डिलीवरी वाली चांदी 5255 रुपये, यानी 2. 72 प्रतिशत चढ़कर 1,98,106 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई। हालांकि, यह शुक्रवार को चांदी के सर्वकालिक उच्च स्तर 2,01,615 रुपये प्रति किलो से थोड़ा नीचे रही। पिछले हफ्ते चांदी की कीमतों में 9443 रुपये (5. 15 प्रतिशत) की बंपर तेजी आई थी, जो इसकी मजबूत मांग और बाजार में सकारात्मक धारणा को उजागर करती है।
चांदी की रिकॉर्ड तोड़ बढ़त के पीछे के कारण
रिलायंस सिक्योरिटी के सीनियर रिसर्च एनालिस्ट जिगर त्रिवेदी ने चांदी की कीमतों में इस साल 100 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त का कारण बताया। उनके अनुसार, चांदी के सीमित स्टॉक और सोलर एनर्जी, इलेक्ट्रिक व्हीकल और डेटा सेंटर जैसे सेक्टरों से मजबूत औद्योगिक मांग इसकी तेजी को बल दे रही है। इसके अलावा, एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) में मजबूत निवेश और खुदरा खरीदारी से भी कीमतों को समर्थन मिला है। ये कारक मिलकर चांदी को एक बहुमुखी और मूल्यवान धातु बनाते हैं, जिसकी मांग विभिन्न उद्योगों में बढ़ रही है।
वैश्विक आर्थिक घटनाक्रम का बाजार पर प्रभाव
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के कमोडिटी एनालिस्ट मानव मोदी ने बताया कि इस हफ्ते वैश्विक स्तर पर कई अहम आर्थिक घटनाक्रम बाजार की दिशा तय करेंगे। इनमें फेडरल रिजर्व का स्टेटमेंट, मैन्यूफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर के शुरुआती पीएमआई डेटा,। अमेरिकी रोजगार से जुड़े डेटा और उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) के डेटा शामिल हैं। ये सभी कारक सोने और चांदी सहित कमोडिटी बाजारों की अस्थिरता और भविष्य की चाल को प्रभावित कर सकते हैं, जिससे निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी जाती है।
बाजार विशेषज्ञ वर्तमान में सोने और चांदी दोनों में तेजी का रुख देख रहे हैं, लेकिन वैश्विक आर्थिक आंकड़ों पर कड़ी नजर रखने की सलाह दे रहे हैं। फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति, मुद्रास्फीति के आंकड़े और औद्योगिक उत्पादन के रुझान इन कीमती धातुओं की कीमतों को सीधे प्रभावित करेंगे और निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे इन कारकों का सावधानीपूर्वक विश्लेषण करें और सूचित निर्णय लें, क्योंकि बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है।