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सोनिया गांधी और ममता बनर्जी की मुलाकात: कांग्रेस ने टीएमसी के विलय की खबरों को बताया गलत

सोनिया गांधी और ममता बनर्जी की मुलाकात: कांग्रेस ने टीएमसी के विलय की खबरों को बताया गलत
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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी के बीच हुई हालिया मुलाकात ने देश के राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के भीतर जारी कथित बगावत की खबरों के बीच, ममता बनर्जी ने मंगलवार को सोनिया गांधी के आवास पर उनसे मुलाकात की थी। इस महत्वपूर्ण बैठक के अगले ही दिन यानी बुधवार को टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी से भी मुलाकात की। इन मुलाकातों के सिलसिले के बाद यह कयास लगाए जाने लगे कि क्या ममता बनर्जी अपनी पार्टी का कांग्रेस में विलय करने की योजना बना रही हैं।

कांग्रेस ने विलय की खबरों को नकारा

कांग्रेस पार्टी ने इन तमाम अटकलों पर विराम लगाते हुए स्पष्ट किया है कि दोनों दलों के विलय से जुड़ी खबरें पूरी तरह से गलत हैं। उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया गया है जिनमें यह कहा गया था कि सोनिया गांधी और ममता बनर्जी के बीच विलय के मुद्दे पर कोई चर्चा हुई है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने इस संबंध में आधिकारिक बयान जारी किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए जानकारी दी कि यह मुलाकात बेहद सौहार्दपूर्ण रही। जयराम रमेश के अनुसार, दोनों नेताओं के बीच लंबे समय से चले आ रहे व्यक्तिगत संबंधों के आधार पर कई निजी विषयों पर बातचीत हुई, न कि किसी राजनीतिक विलय पर।

टीएमसी में आंतरिक उथल-पुथल का संदर्भ

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद से राज्य और देश की राजनीति में कई बदलाव देखे गए हैं और चुनाव में जीत के बावजूद ममता बनर्जी को अपनी ही पार्टी के भीतर विरोध का सामना करना पड़ रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि लोकसभा और राज्यसभा के सांसद भी ममता बनर्जी के खिलाफ मुखर हो गए हैं। इसी आंतरिक कलह के बीच यह चर्चा शुरू हुई थी कि क्या ममता बनर्जी अपनी पार्टी का अस्तित्व कांग्रेस के साथ जोड़कर एक नई शुरुआत करना चाहती हैं। ममता बनर्जी पिछले दिनों विपक्षी दलों के इंडिया गठबंधन की बैठक में शामिल होने के लिए दिल्ली आई थीं, जिसके बाद इन मुलाकातों का दौर शुरू हुआ।

विपक्ष की एकजुटता पर जोर

हालांकि बैठक का आधिकारिक विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया है, लेकिन सूत्रों के हवाले से यह खबर सामने आई है कि ममता बनर्जी ने विपक्षी दलों की एकजुटता पर विशेष बल दिया है। मुलाकात के दौरान उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन को जनता से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी का मुकाबला करने के लिए मिलकर काम करना चाहिए और सोनिया गांधी और ममता बनर्जी की मुलाकात के बाद अभिषेक बनर्जी और राहुल गांधी की बैठक को भी इसी कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है, जहां विपक्षी रणनीति और संसद में समन्वय पर चर्चा होने की संभावना जताई गई है।

टीएमसी ने अटकलों को बताया बेबुनियाद

तृणमूल कांग्रेस के नेतृत्व ने भी कांग्रेस के साथ विलय की खबरों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। पार्टी की ओर से स्पष्ट किया गया है कि ऐसी कोई भी योजना विचाराधीन नहीं है। टीएमसी के एक वरिष्ठ नेता ने समाचार एजेंसी पीटीआई से बातचीत में इन खबरों को बेबुनियाद करार दिया। उन्होंने कहा कि पार्टी के पास इस तरह की कोई जानकारी नहीं है और विलय की बातें केवल अफवाह मात्र हैं। टीएमसी नेताओं का कहना है कि पार्टी अपनी स्वतंत्र पहचान के साथ काम करना जारी रखेगी और विपक्षी गठबंधन के भीतर अपनी भूमिका निभाती रहेगी।

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