एलन मस्क की अंतरिक्ष क्षेत्र की दिग्गज कंपनी स्पेसएक्स ने शुक्रवार को शेयर बाजार नैस्डैक में एक शानदार और ऐतिहासिक शुरुआत की है। इस लिस्टिंग ने न केवल कंपनी के मूल्यांकन को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है बल्कि एलन मस्क की व्यक्तिगत संपत्ति में भी बेतहाशा बढ़ोतरी की है। हालांकि इस आईपीओ का सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि इसका बड़ा फायदा मस्क की एआई कंपनी xAI में काम करने वाले तीन भारतीय मूल के इंजीनियरों को मिलने वाला है। देवेंद्र चापलोट, अमन मदान और आदित्य गुप्ता जैसे वरिष्ठ इंजीनियर अब दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनियों में से एक में हिस्सेदारी रखते हैं और उनकी किस्मत पूरी तरह से बदलने वाली है।
शेयर बाजार में धमाकेदार शुरुआत
स्पेसएक्स का शेयर नैस्डैक स्टॉक एक्सचेंज पर 150 डॉलर पर खुला जो इसके आईपीओ मूल्य 135 डॉलर से लगभग 11 प्रतिशत अधिक था। इस शानदार लिस्टिंग के साथ ही कंपनी की कुल मार्केट वैल्यू लगभग 2 ट्रिलियन 200 अरब डॉलर के स्तर तक पहुंच गई है। इस वित्तीय सफलता के बाद एलन मस्क दुनिया के पहले ऐसे व्यक्ति बन गए हैं जिनकी कुल संपत्ति 1 ट्रिलियन डॉलर के आंकड़े को पार कर गई है। कंपनी की इस बढ़ती वैल्यूएशन का सीधा लाभ उन कर्मचारियों को मिल रहा है जिनके पास कंपनी की इक्विटी या शेयर मौजूद हैं।
इन तीन भारतीय इंजीनियरों की भूमिका
इस सफलता की कहानी में तीन भारतीय नाम प्रमुखता से उभर कर आए हैं जिनमें देवेंद्र चापलोट, अमन मदान और आदित्य गुप्ता शामिल हैं और इन तीनों इंजीनियरों को अप्रैल 2026 में xAI में अत्यंत महत्वपूर्ण और बड़ी जिम्मेदारियां सौंपी गई थीं। ये तीनों इंजीनियर कंपनी के एआई मॉडल तैयार करने, उन्हें प्रशिक्षित करने और वास्तविक दुनिया की चुनौतियों के लिए उन्हें बेहतर बनाने के मिशन पर काम कर रहे हैं। देवेंद्र चापलोट ने प्रतिष्ठित संस्थान आईआईटी बॉम्बे से अपनी पढ़ाई पूरी की है और वर्तमान में वह xAI में एआई मॉडल की शुरुआती ट्रेनिंग के नेतृत्व की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
अनुभव और तकनीकी विशेषज्ञता
अमन मदान xAI में एआई मॉडल बनाने के लिए आवश्यक तकनीकी टूल्स और इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण की जिम्मेदारी देख रहे हैं। उनका काम यह सुनिश्चित करना है कि एआई मॉडल को विकसित करने के लिए जरूरी ढांचा पूरी तरह से मजबूत और आधुनिक हो। वहीं आदित्य गुप्ता एआई मॉडल को वास्तविक उत्पादों में बदलने और उन्हें उपभोक्ताओं के लिए उपयोगी बनाने का काम संभाल रहे हैं। आदित्य के पास इस क्षेत्र का गहरा अनुभव है क्योंकि वे इससे पहले गूगल के महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स जैसे गूगल बार्ड और गूगल असिस्टेंट पर भी काम कर चुके हैं। उनकी विशेषज्ञता अब मस्क की कंपनी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने में मदद कर रही है।
इक्विटी और शेयरों का गणित
एलन मस्क की कार्यशैली की एक बड़ी विशेषता यह है कि वे अपने कर्मचारियों को वेतन के साथ-साथ कंपनी में हिस्सेदारी यानी इक्विटी भी प्रदान करते हैं। चूंकि देवेंद्र, अमन और आदित्य कंपनी में वरिष्ठ पदों पर कार्यरत हैं इसलिए उनके पास कंपनी के शेयरों का एक बड़ा हिस्सा होने की प्रबल संभावना है। इस साल की शुरुआत में स्पेसएक्स ने xAI का अधिग्रहण कर लिया था जिसके बाद xAI के कर्मचारियों के पास मौजूद शेयर स्पेसएक्स के शेयरों में परिवर्तित हो गए। इसका मतलब यह है कि अब ये तीनों इंजीनियर सीधे तौर पर स्पेसएक्स जैसी वैश्विक कंपनी के शेयरधारक बन चुके हैं।
भविष्य में संपत्ति में बढ़ोतरी की संभावना
स्पेसएक्स की वैल्यूएशन जिस तेजी से बढ़ रही है उसे देखते हुए इन इंजीनियरों के पास मौजूद शेयरों की कीमत भी कई गुना बढ़ने की उम्मीद है और देवेंद्र, अमन और आदित्य जैसे वरिष्ठ इंजीनियर आने वाले समय में करोड़ों या अरबों रुपये की संपत्ति के मालिक बन सकते हैं। स्पेसएक्स समय-समय पर अपने कर्मचारियों को निजी सौदों के माध्यम से शेयर बेचने का अवसर भी देती रहती है जिससे उन्हें मुनाफा कमाने के लिए लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ता। कंपनी की 2 ट्रिलियन 200 अरब डॉलर की वैल्यूएशन ने इन भारतीय इंजीनियरों के लिए धन सृजन के नए द्वार खोल दिए हैं।