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स्ट्रेट ऑफ होर्मुज: ओमान के तट से गुजरे तीन बड़े जहाज

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज: ओमान के तट से गुजरे तीन बड़े जहाज
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मध्य-पूर्व के रणनीतिक जलक्षेत्र में जारी भू-राजनीतिक तनाव के बीच दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में एक नई हलचल देखी गई है और समुद्री यातायात की निगरानी करने वाली रिपोर्टों के अनुसार, तीन विशाल जहाजों ने इस जलडमरूमध्य में प्रवेश करने के लिए पारंपरिक मार्ग के बजाय ओमान के तट के करीब एक वैकल्पिक रास्ते का उपयोग किया है। इन जहाजों में दो बड़े ऑयल सुपरटैंकर और एक लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) वाहक शामिल थे। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब ईरान और पश्चिमी देशों के बीच समुद्री सुरक्षा और नेविगेशन अधिकारों को लेकर विवाद गहराया हुआ है। अधिकारियों और समुद्री विशेषज्ञों के अनुसार, इन जहाजों की आवाजाही सामान्य प्रोटोकॉल से अलग थी, जो इस क्षेत्र में बदलती सुरक्षा स्थितियों की ओर संकेत करती है।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रणनीतिक महत्व और पृष्ठभूमि

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण समुद्री चोकपॉइंट है, जो फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी को जोड़ता है। वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग 20% हिस्सा इसी संकरे जलमार्ग से होकर गुजरता है। भौगोलिक रूप से, इस जलडमरूमध्य के उत्तरी हिस्से में ईरान और दक्षिणी हिस्से में ओमान स्थित है। अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानूनों के तहत, जहाजों को 'इनोसेंट पैसेज' के अधिकार के तहत यहां से गुजरने की अनुमति है, लेकिन हाल के महीनों में ईरान ने इस मार्ग पर अपना नियंत्रण बढ़ाने के संकेत दिए हैं और जहाजों द्वारा ओमान के तट के करीब से गुजरने का निर्णय संभवतः ईरानी जलक्षेत्र में संभावित हस्तक्षेप या वहां लगाए जाने वाले प्रस्तावित शुल्कों से बचने की एक कोशिश मानी जा रही है।

जहाजों की आवाजाही और ओमान के तट का उपयोग

गुरुवार को देखी गई इस हलचल में दो विशाल कच्चे तेल के टैंकर और एक एलएनजी जहाज शामिल थे, जो पूर्व की ओर बढ़ रहे थे। समुद्री डेटा के अनुसार, ये जहाज ओमान के मुसैंडम प्रायद्वीप के बेहद करीब से गुजरे। आमतौर पर, गहरे पानी के बड़े जहाज ईरान के जलक्षेत्र में स्थित मुख्य शिपिंग लेन का उपयोग करते हैं क्योंकि वहां गहराई अधिक होती है। हालांकि, इन तीन जहाजों ने ओमान के क्षेत्रीय जल के भीतर से रास्ता बनाया। इन जहाजों का प्रबंधन ओमान स्थित एक शिपिंग कंपनी द्वारा किया जा रहा था और उन्होंने अपनी पहचान ओमानी जहाजों के रूप में दर्ज कराई थी। इस वैकल्पिक मार्ग का उपयोग यह दर्शाता है कि शिपिंग कंपनियां अब जोखिम कम करने के लिए नए नेविगेशन विकल्पों पर विचार कर रही हैं।

ईरान द्वारा प्रस्तावित पारगमन शुल्क और आर्थिक प्रभाव

इस मार्ग परिवर्तन के पीछे एक प्रमुख कारण ईरान द्वारा प्रस्तावित नया पारगमन शुल्क (टोल) बताया जा रहा है और रिपोर्टों के अनुसार, तेहरान प्रशासन स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले विदेशी जहाजों पर भारी शुल्क लगाने की योजना बना रहा है। यह शुल्क प्रति यात्रा $2 million तक हो सकता है। ईरानी अधिकारियों का तर्क है कि वे इस क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संसाधन खर्च करते हैं, इसलिए जहाजों को इसका भुगतान करना चाहिए। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय समुदाय और शिपिंग उद्योग ने इसे समुद्री स्वतंत्रता के सिद्धांतों का उल्लंघन बताया है। भारी वित्तीय बोझ से बचने के लिए कंपनियां अब ओमान के साथ समन्वय कर रही हैं ताकि वैकल्पिक जलक्षेत्र का उपयोग किया जा सके।

सिग्नल जैमिंग और तकनीकी चुनौतियां

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में समुद्री यात्रा अब तकनीकी रूप से अत्यंत चुनौतीपूर्ण हो गई है। रिपोर्ट के अनुसार, गुरुवार को सुबह लगभग 9:30 GMT पर इन तीनों जहाजों ने अपने ऑटोमेटेड आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (AIS) सिग्नल भेजने बंद कर दिए थे। इस क्षेत्र में बड़े पैमाने पर जीपीएस जैमिंग और स्पूफिंग की घटनाएं दर्ज की गई हैं, जहां जहाजों की वास्तविक स्थिति को गलत तरीके से दिखाया जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, सिग्नल बंद करना अक्सर सुरक्षा कारणों से किया जाता है ताकि जहाजों को ट्रैक न किया जा सके। इस तकनीकी हस्तक्षेप के कारण समुद्री सुरक्षा एजेंसियों के लिए जहाजों की सटीक निगरानी करना कठिन हो गया है, जिससे दुर्घटनाओं या गलतफहमी का जोखिम बढ़ गया है।

वैश्विक ऊर्जा बाजार और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में किसी भी प्रकार की बाधा का सीधा असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ता है। तेल की कीमतों में अस्थिरता और आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान की चिंताओं ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दबाव बढ़ा दिया है। अमेरिकी प्रशासन और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस मार्ग की सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त की है। इसी बीच, ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने बयान दिया है कि तेहरान अब ओमान के साथ मिलकर इस क्षेत्र के ट्रैफिक प्रबंधन के लिए एक नया प्रोटोकॉल तैयार करने पर चर्चा कर रहा है। हालांकि, ओमान की सरकार ने अभी तक इस नए मार्ग या ईरान के साथ किसी औपचारिक समझौते पर अपनी आधिकारिक स्थिति स्पष्ट नहीं की है। वर्तमान स्थिति ने वैश्विक शिपिंग उद्योग को सतर्क कर दिया है।

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