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NEET and JEE Exam 2020: एग्जाम कराने पर सुब्रमण्यम स्वामी का बड़ा बयान, नसबंदी के फैसले से की तुलना

NEET and JEE Exam 2020: एग्जाम कराने पर सुब्रमण्यम स्वामी का बड़ा बयान, नसबंदी के फैसले से की तुलना
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नई दिल्ली। जेईई मेन (JEE Main) और नीट 2020 एग्जाम (NEET 2020 Exam) को लेकर देशभर में स्टूडेंट्स का विरोध देखने को मिल रहा है। यहां तक कि मामला सुप्रीम कोर्ट तक भी पहुंच गया है, जहां शीर्ष अदालत ने जेईई और नीट की परीक्षाएं टालने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी है। ऐसे में अब राज्यसभा सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री सुब्रमण्यम स्वामी (Subramaniam Swamy) ने परीक्षाएं आयोजित करने के फैसले को राजनीतिक चूक करार दिया है। यहां तक कि उन्होंने इसकी तुलना नसबंदी के फैसले से कर दी है।

इंदिरा सरकार ने किया था नसबंदी का फैसला

सुब्रमण्यम स्वामी (Subramaniam Swamy) ने केंद्र सरकार से जेईई मेन (JEE Main) और नीट (NEET) की परीक्षाएं टालने की मांग करते हुए कहा, अगर ये परीक्षाएं आयोजित कराई जाती हैं तो ये भारी राजनीतिक चूक होगी। ये फैसला सरकार को इसी तरह प्रभावित कर सकता है, जैसा 1977 में नसबंदी के फैसले ने इंदिरा गांधी सरकार को किया था।

वोटर भूलेंगे नहीं।।।

ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन यानी जेईई और नेशनल एलिजिबिलिटी एंट्रेंस टेस्ट यानी नीट को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सुब्रमण्यम स्वामी ने ट्वीट करते हुए कहा, वोटर की याद्दाश्त काफी तेज होती है और वे इस बात को भूलेंगे नहीं। बता दें कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी एनटीए ने शुक्रवार को कहा था कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में बिल्कुल साफ कर दिया है कि जेईई और नीट की परीक्षाएं रद्द नहीं की जा सकती। जेईई मेन एग्जाम 1 से 6 सितंबर तक चलेंगे, जबकि नीट की परीक्षा 13 सितंबर को आयोजित की जाएगी।

अब भी देशभर के कई हिस्सों में स्टूडेंट्स को उम्मीद है कि नीट की परीक्षा स्थगित कर दी जाएगी। हालांकि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने नीट की परीक्षा के लिए गाइडलाइंस और जेईई मेन 2020 एग्जाम के लिए एडमिट कार्ड जारी कर दिए हैं। कोरोना वायरस से संक्रमित होने वाले लोगों की संख्या भारत में 30 लाख का आंकड़ा पार कर चुकी है। जबकि दुनियाभर में दो करोड़ से ज्यादा लोग इसकी चपेट में आ चुके हैं।

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