NEET पेपर लीक याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई, पीएम मोदी ने किया बड़े कानून का वादा

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NEET पेपर लीक याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई, पीएम मोदी ने किया बड़े कानून का वादा
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नीट-यूजी 2026 परीक्षा के पेपर लीक से जुड़ी विभिन्न याचिकाओं पर आज सुप्रीम कोर्ट में एक महत्वपूर्ण सुनवाई होने जा रही है। इन याचिकाओं ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं और परीक्षा की शुचिता को लेकर अदालत से हस्तक्षेप की मांग की है। देश भर में इस मुद्दे को लेकर मचे बवाल के बीच यह सुनवाई अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि यह लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ा मामला है।

याचिकाओं में की गई मुख्य मांगें

सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई याचिकाओं में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की भूमिका को कटघरे में खड़ा किया गया है। याचिकाकर्ताओं ने अदालत से मांग की है कि वह भारत सरकार को निर्देश दे कि NTA को बदला जाए या फिर एक पूरी तरह से नया और अधिक सुरक्षित सिस्टम तैयार किया जाए। मांग यह है कि नई संस्था तकनीकी रूप से अत्यंत मजबूत, अधिक सुरक्षित और पूरी तरह से स्वतंत्र होकर काम करने वाली होनी चाहिए ताकि भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं की कोई गुंजाइश न रहे।

इसके अलावा, याचिकाकर्ताओं ने यह भी मांग की है कि अदालत केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को निर्देश दे कि वह पेपर लीक मामले में चल रही अपनी जांच की प्रगति रिपोर्ट 4 हफ्ते के भीतर पेश करे। छात्रों और अभिभावकों का मानना है कि समयबद्ध जांच से ही दोषियों को सजा मिल सकेगी और परीक्षा प्रणाली में लोगों का विश्वास बहाल होगा।

देशव्यापी विरोध और राजनीतिक हलचल

पेपर लीक की खबरों के बाद से ही पूरे देश में छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा है। दिल्ली के जंतर मंतर पर लगातार प्रदर्शन हो रहे हैं, जहां छात्र अपने भविष्य की सुरक्षा की मांग कर रहे हैं। इस मुद्दे ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है, जहां विपक्षी दल केंद्र सरकार पर हमलावर हैं और विपक्षी दलों द्वारा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग लगातार की जा रही है। विपक्ष का आरोप है कि सरकार छात्रों के हितों की रक्षा करने में विफल रही है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संदेश और 3 अहम बातें

इन तमाम विवादों और विरोध प्रदर्शनों के बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आधी रात को एक वीडियो संदेश जारी कर देश के छात्रों को संबोधित किया। प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में 3 अत्यंत महत्वपूर्ण बातें कहीं। पहली बात यह कि सरकार एक भी बच्चे के भविष्य को खराब नहीं होने देगी। दूसरी बात यह कि किसी भी बच्चे का दिल नहीं दुखाना है और तीसरी बात यह कि किसी भी स्टूडेंट को यह महसूस नहीं होना चाहिए कि उसे अपनी प्रतिभा दिखाने का निष्पक्ष अवसर नहीं दिया गया।

प्रधानमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार पेपर लीक को रोकने के लिए एक बहुत ही कड़ा कानून लाने जा रही है। जानकारी के अनुसार, सरकार एक ऐसे एग्जामिनेशन मॉडल पर काम कर रही है जो पूरी दुनिया में सबसे विश्वसनीय और सर्वश्रेष्ठ हो सकता है। इस नए कानून पर आज कैबिनेट की मुहर लग सकती है और सोमवार को इसे संसद के पटल पर रखा जा सकता है।

सोनम वांगचुक का अनशन समाप्त

एक अन्य महत्वपूर्ण घटनाक्रम में, सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 26 दिनों के बाद अपना अनशन तोड़ दिया है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने उन्हें जूस पिलाकर उनका अनशन समाप्त करवाया। बताया जा रहा है कि सरकार ने सोनम वांगचुक की 3 प्रमुख मांगों को स्वीकार कर लिया है। सरकार की ओर से यह संदेश दिया गया है कि वह शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने वालों के प्रति सकारात्मक रुख अपना रही है।

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि वह संसद में पेपर लीक से जुड़े सभी विषयों पर विस्तृत चर्चा के लिए तैयार है। इसके साथ ही, एक मानवीय पहल करते हुए सरकार उन छात्रों के परिजनों को उचित मुआवजा देने पर भी विचार कर रही है, जिन्होंने पेपर लीक की घटना के बाद हताशा में आकर आत्महत्या जैसा आत्मघाती कदम उठा लिया था। सरकार का यह कदम पीड़ित परिवारों को संबल देने की एक कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

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