भारतीय क्रिकेट टीम के टी20 कप्तान सूर्यकुमार यादव इन दिनों अपनी बल्लेबाजी को लेकर चर्चा के केंद्र में हैं। पिछले कुछ मैचों में उनके बल्ले से रन नहीं निकले हैं, जिससे उनके फॉर्म पर सवाल उठने लगे हैं। न्यूजीलैंड के खिलाफ 21 जनवरी से नागपुर में शुरू होने वाली पांच मैचों की टी20 सीरीज से पहले सूर्या ने इन सवालों का डटकर सामना किया है और उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि भले ही रन नहीं बन रहे हों, लेकिन उनके इरादे और खेलने का तरीका बिल्कुल नहीं बदलेगा। कप्तान का यह आत्मविश्वास टीम के लिए एक सकारात्मक संकेत है, क्योंकि आगामी टी20 वर्ल्ड। कप 2026 की तैयारियों के लिहाज से यह सीरीज बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
खराब फॉर्म और कप्तानी का दबाव
सूर्यकुमार यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्वीकार किया कि पिछले चार मैचों में महज 34 रन बनाना उनके कद के खिलाड़ी के लिए निराशाजनक है और हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि क्रिकेट में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं और एक खिलाड़ी के तौर पर आपको इन परिस्थितियों के लिए तैयार रहना चाहिए। सूर्या के मुताबिक, नेट्स में उनकी टाइमिंग शानदार है और वह गेंद को अच्छी तरह से मिडिल कर रहे हैं। उन्हें पूरा भरोसा है कि मैदान पर एक बड़ी पारी बस कुछ ही समय की बात है और उन्होंने कहा कि वह अपनी प्रक्रिया पर ध्यान दे रहे हैं न कि केवल नतीजों पर। कप्तानी के दबाव के सवाल पर उन्होंने कहा कि नेतृत्व करना उन्हें पसंद है और यह उनकी बल्लेबाजी को प्रभावित नहीं करता है।
बैटिंग स्टाइल में नहीं होगा बदलाव
दुनिया के नंबर एक टी20 बल्लेबाज रह चुके सूर्या ने अपनी आक्रामक शैली को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि जिस निडर अंदाज ने उन्हें पिछले तीन-चार सालों में सफलता की ऊंचाइयों पर पहुंचाया है, वह उसे नहीं छोड़ेंगे। सूर्या का मानना है कि टी20 क्रिकेट में जोखिम लेना जरूरी है और वह अपनी 360 डिग्री बल्लेबाजी को जारी रखेंगे। उन्होंने साफ किया कि वह रक्षात्मक होने के बजाय अपने स्ट्रेंथ पर खेलना पसंद करेंगे। उनके लिए स्ट्राइक रेट और टीम की जरूरतें व्यक्तिगत स्कोर से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वह अपनी गलतियों से सीख रहे हैं और जल्द ही मैदान पर इसका असर दिखेगा।
कप्तान ने अपनी बल्लेबाजी स्थिति पर भी बात की। उन्होंने कहा कि टीम की जरूरत के हिसाब से वह नंबर 3 या नंबर 4, किसी भी स्थान पर खेलने के लिए तैयार हैं। आंकड़ों की बात करें तो नंबर 4 पर उनका रिकॉर्ड थोड़ा बेहतर है, लेकिन नंबर 3 पर भी उन्होंने भारत के लिए कई मैच जिताऊ पारियां खेली हैं। सूर्या ने बताया कि टीम मैनेजमेंट और वह खुद परिस्थितियों के अनुसार फैसला लेंगे ताकि टीम को सर्वश्रेष्ठ संतुलन मिल सके और उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन जैसे खिलाड़ियों को शीर्ष क्रम में पर्याप्त मौके दिए जाएंगे ताकि वे अपनी प्रतिभा साबित कर सकें।
न्यूजीलैंड के खिलाफ भारतीय चुनौती
नागपुर से शुरू होने वाली यह सीरीज टीम इंडिया के लिए काफी अहम है। चयनकर्ताओं ने सूर्या की कप्तानी पर पूरा भरोसा जताया है और टीम में अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन और हार्दिक पंड्या जैसे विस्फोटक खिलाड़ी शामिल हैं। गेंदबाजी की कमान जसप्रीत बुमराह और अर्शदीप सिंह के हाथों में होगी, जबकि स्पिन विभाग में कुलदीप यादव और वरुण चक्रवर्ती की जोड़ी फिर से जादू बिखेरने को तैयार है। श्रेयस अय्यर को पहले तीन मैचों के लिए टीम में शामिल किया गया है, जो मध्यक्रम को मजबूती देंगे। अक्षर पटेल को उपकप्तान बनाया गया है, जो टीम में ऑलराउंडर की भूमिका निभाएंगे।
वापसी का संकल्प और भविष्य की योजना
सूर्यकुमार यादव ने अंत में कहा कि अगर चीजें योजना के अनुसार नहीं होती हैं, तो वह और अधिक मेहनत करेंगे। वह अभ्यास सत्रों में अपनी कमियों को दूर करने के लिए प्रतिबद्ध हैं और उन्होंने युवाओं को संदेश दिया कि असफलता से डरने के बजाय उससे सीखना चाहिए। भारतीय प्रशंसकों को उम्मीद है कि मिस्टर 360 न्यूजीलैंड के खिलाफ अपने पुराने अंदाज में लौटेंगे और कीवी गेंदबाजों की जमकर धुनाई करेंगे। नागपुर की पिच आमतौर पर बल्लेबाजों के अनुकूल होती है, ऐसे में सूर्या के पास अपनी लय वापस पाने का यह सुनहरा मौका होगा। टीम इंडिया इस सीरीज को जीतकर अपनी रैंकिंग और आत्मविश्वास दोनों को सुधारना चाहेगी।