विज्ञापन

T20 वर्ल्ड कप 2026: ब्रेंडन टेलर और पॉल स्टर्लिंग टूर्नामेंट से बाहर

T20 वर्ल्ड कप 2026: ब्रेंडन टेलर और पॉल स्टर्लिंग टूर्नामेंट से बाहर
विज्ञापन

भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेजबानी में आयोजित आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 के शुरुआती चरण में ही दो प्रमुख टीमों को बड़े झटके लगे हैं। जिम्बाब्वे के अनुभवी विकेटकीपर-बल्लेबाज ब्रेंडन टेलर और आयरलैंड के कप्तान पॉल स्टर्लिंग चोटिल होने के कारण शेष टूर्नामेंट से बाहर हो गए हैं और इन दोनों खिलाड़ियों की अनुपस्थिति उनकी संबंधित टीमों के लिए एक बड़ी चुनौती पेश कर रही है, विशेष रूप से आयरलैंड के लिए जिसे अब टूर्नामेंट के बीच में नेतृत्व परिवर्तन करना होगा। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, दोनों टीमों ने आईसीसी की तकनीकी समिति से खिलाड़ियों के प्रतिस्थापन की अनुमति प्राप्त कर ली है।

ब्रेंडन टेलर की हैमस्ट्रिंग चोट और जिम्बाब्वे की स्थिति

जिम्बाब्वे के 40 वर्षीय दिग्गज खिलाड़ी ब्रेंडन टेलर को ओमान के खिलाफ खेले गए टूर्नामेंट के पहले मैच के दौरान हैमस्ट्रिंग में खिंचाव महसूस हुआ था। उस मैच में टेलर ने 30 गेंदों पर 31 रनों की पारी खेली थी, लेकिन दर्द बढ़ने के कारण उन्हें रिटायर्ड हर्ट होकर मैदान छोड़ना पड़ा था। विकेटकीपिंग के दौरान उन्होंने तीन महत्वपूर्ण कैच भी लपके थे, लेकिन मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार उनकी चोट गंभीर है और उन्हें रिकवरी के लिए कम से कम चार से छह सप्ताह का समय लगेगा। जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रजा ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ कोलंबो में होने वाले मैच से पहले टॉस के समय इस खबर की पुष्टि की। टेलर का बाहर होना जिम्बाब्वे के मध्यक्रम के लिए एक बड़ा नुकसान माना जा रहा है क्योंकि उनके पास अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का व्यापक अनुभव है।

बेन करन की टीम में एंट्री और उनकी भूमिका

ब्रेंडन टेलर के स्थान पर जिम्बाब्वे ने बेन करन को टीम में शामिल किया है। बेन करन एक शीर्ष क्रम के बल्लेबाज हैं और उन्होंने घरेलू क्रिकेट के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर टेस्ट और वनडे प्रारूप में अपनी क्षमता साबित की है और हालांकि, टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में यह उनका पहला अवसर होगा। टीम प्रबंधन के अनुसार, बेन करन की तकनीकी क्षमता और हालिया फॉर्म को देखते हुए उन्हें टीम में जगह दी गई है। जिम्बाब्वे को उम्मीद है कि करन शीर्ष क्रम में स्थिरता प्रदान करेंगे और टेलर की अनुपस्थिति में बल्लेबाजी इकाई को मजबूती देंगे। करन पहले ही टीम के साथ जुड़ चुके हैं और उन्होंने अभ्यास सत्र में हिस्सा लेना शुरू कर दिया है।

पॉल स्टर्लिंग की घुटने की चोट और कप्तानी का संकट

आयरलैंड क्रिकेट टीम के लिए स्थिति और भी जटिल हो गई है क्योंकि उनके नियमित कप्तान पॉल स्टर्लिंग घुटने के लिगामेंट की चोट के कारण बाहर हो गए हैं। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बुधवार को खेले गए मैच में फील्डिंग के दौरान एक कैच लपकने के प्रयास में स्टर्लिंग के घुटने पर गहरा दबाव पड़ा था। इसके बाद बल्लेबाजी के दौरान एक रन लेने की कोशिश में उनकी चोट और अधिक गंभीर हो गई और मैच के बाद किए गए एमआरआई स्कैन में लिगामेंट डैमेज की पुष्टि हुई है। स्टर्लिंग न केवल टीम के कप्तान थे, बल्कि एक विस्फोटक सलामी बल्लेबाज के रूप में टीम की रणनीति का मुख्य हिस्सा भी थे। उनकी अनुपस्थिति में आयरलैंड को अब एक नए कप्तान की घोषणा करनी होगी, जो टूर्नामेंट के महत्वपूर्ण मोड़ पर टीम का नेतृत्व कर सके।

सैम टॉपिंग को मिला मौका और आयरलैंड की नई रणनीति

पॉल स्टर्लिंग के विकल्प के रूप में आयरलैंड ने युवा अनकैप्ड बल्लेबाज सैम टॉपिंग को टीम में शामिल किया है और टॉपिंग बाएं हाथ के सलामी बल्लेबाज हैं और उन्होंने पिछले साल आयरलैंड 'ए' के लिए अफगानिस्तान 'ए' के खिलाफ चार वनडे मैचों में प्रभावशाली प्रदर्शन किया था। टीम प्रबंधन के अनुसार, टॉपिंग की आक्रामक बल्लेबाजी शैली स्टर्लिंग की कमी को पूरा करने का एक प्रयास है और हालांकि, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनुभव की कमी उनके लिए एक चुनौती हो सकती है। कप्तानी की जिम्मेदारी के लिए एंड्रयू बालबर्नी या मार्क अडायर के नामों पर विचार किया जा रहा है, लेकिन आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है। आयरलैंड को अपने अगले मुकाबलों में नई सलामी जोड़ी और नए नेतृत्व के साथ मैदान पर उतरना होगा।

टूर्नामेंट पर चोटों का प्रभाव और आगामी चुनौतियां

टी20 वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में अनुभवी खिलाड़ियों का बाहर होना टीमों के संतुलन को बिगाड़ सकता है। जिम्बाब्वे और आयरलैंड दोनों ही टीमें सुपर-8 की दौड़ में बने रहने के लिए संघर्ष कर रही हैं। ब्रेंडन टेलर और पॉल स्टर्लिंग जैसे खिलाड़ियों के पास दबाव की स्थितियों में खेलने का वर्षों का अनुभव था, जिसकी कमी अब उनके रिप्लेसमेंट खिलाड़ियों को पूरी करनी होगी। आईसीसी के नियमों के अनुसार, चोटिल खिलाड़ियों के स्थान पर नए खिलाड़ियों को शामिल करने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि बेन करन और सैम टॉपिंग इस बड़े मंच पर अपनी टीमों के लिए कितना योगदान दे पाते हैं और आयरलैंड का नया नेतृत्व टीम को किस दिशा में ले जाता है।

विज्ञापन