T20 World Cup 2026: पाकिस्तानी मूल के खिलाड़ियों के वीजा की टेंशन खत्म, ICC ने उठाया बड़ा कदम
T20 World Cup 2026 - पाकिस्तानी मूल के खिलाड़ियों के वीजा की टेंशन खत्म, ICC ने उठाया बड़ा कदम
आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए पाकिस्तानी मूल के खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ के लिए भारतीय वीजा मिलने में हो रही देरी को लेकर बनी चिंता अब समाप्त हो गई है और अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने इस संबंध में एक महत्वपूर्ण अपडेट जारी किया है, जिसमें बताया गया है कि सभी संबंधित व्यक्तियों को जल्द ही वीजा मिल जाएगा। यह खबर उन खिलाड़ियों और अधिकारियों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है, जो आगामी वैश्विक टूर्नामेंट में हिस्सा लेने के लिए भारत आने वाले हैं।
पाकिस्तानी मूल के खिलाड़ियों पर असर
पिछले कुछ दिनों से, आगामी टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भाग लेने वाले पाकिस्तानी मूल के खिलाड़ियों और अधिकारियों को भारतीय वीजा मिलने में हो रही देरी की खबरें लगातार सामने आ रही थीं। यह स्थिति कई टीमों के लिए चिंता का विषय बन गई थी, क्योंकि इन खिलाड़ियों की भागीदारी टूर्नामेंट के लिए महत्वपूर्ण है। आईसीसी ने इस मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्काल हस्तक्षेप किया और अब एक बड़ा समाधान करने के लिए अहम कदम उठाया है। इस हस्तक्षेप से यह सुनिश्चित हो सकेगा कि कोई भी खिलाड़ी या अधिकारी वीजा संबंधी समस्याओं के कारण टूर्नामेंट से वंचित न रहे।
इंग्लैंड टीम के कुछ प्रमुख खिलाड़ी, जैसे आदिल राशिद, रेहान अहमद और तेज गेंदबाज साकिब महमूद,। जो पाकिस्तानी मूल के हैं, उनके वीजा में देरी की खबरें विशेष रूप से सामने आई थीं। इन खिलाड़ियों का अपनी टीमों के लिए प्रदर्शन महत्वपूर्ण है और उनकी अनुपस्थिति से टीमों की रणनीति प्रभावित हो सकती थी और इन तीन खिलाड़ियों के अलावा, विभिन्न टीमों में शामिल लगभग 42 अन्य पाकिस्तानी मूल के खिलाड़ियों और अधिकारियों को भी इसी तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था। इन सभी व्यक्तियों के लिए वीजा उपलब्ध कराने की प्रक्रिया। अब अंतिम चरण में है, जिससे उनकी भागीदारी सुनिश्चित हो सकेगी।वीजा प्रक्रिया में देरी का कारण
पाकिस्तानी मूल के खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ में शामिल सदस्यों को भारत का वीजा मिलने में देरी का मुख्य कारण उनके वीजा आवेदनों की गहन जांच बताया गया है। सुरक्षा और अन्य संवेदनशील कारणों से, इन आवेदनों की सामान्य। प्रक्रिया से अधिक विस्तृत और गहन जांच की जा रही थी। इस गहन जांच प्रक्रिया के कारण ही वीजा जारी होने में सामान्य से अधिक समय लग रहा था और हालांकि, आईसीसी और संबंधित अधिकारियों के बीच लगातार संपर्क और समन्वय से अब इस प्रक्रिया को गति मिली है।समाधान की दिशा में कदम
आईसीसी ने इस समस्या के समाधान के लिए सक्रिय रूप से कदम उठाए हैं। समाचार एजेंसी पीटीआई की खबर के अनुसार, हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों के लिए वीजा जारी करने की अंतिम तिथि 31 जनवरी निर्धारित की गई है। आईसीसी विभिन्न देशों के कई शहरों में स्थित भारतीय उच्चायोगों के साथ लगातार संपर्क में है। इस संपर्क का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी खिलाड़ियों और अधिकारियों के वीजा आवेदनों को बिना किसी अड़चन के निपटाया जाए और तय समय सीमा के भीतर वीजा जारी किए जा सकें। अगले सप्ताह की तारीख इन औपचारिकताओं को पूरा करने के लिए अंतिम रूप दे दी गई। है, जो इस बात का संकेत है कि प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है।टी20 वर्ल्ड कप 2026 का स्वरूप और मेजबानी
आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 इस बार भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेजबानी में 7 फरवरी से खेला जाना है। यह एक बड़ा टूर्नामेंट है जिसमें कुल 20 टीमें हिस्सा ले रही हैं और भले ही पाकिस्तानी टीम अपने सभी मुकाबले श्रीलंका में खेल रही हो, लेकिन कई पाकिस्तानी मूल के खिलाड़ी और अधिकारी अन्य देशों की टीमों का हिस्सा हैं और उन्हें भारत आना होगा। इस वैश्विक आयोजन की सफलता के लिए सभी प्रतिभागियों का समय पर आगमन अत्यंत महत्वपूर्ण है। आईसीसी के इस कदम से टूर्नामेंट की तैयारियों को भी बल मिलेगा और। सभी टीमें बिना किसी बाधा के अपनी पूरी क्षमता के साथ प्रतिस्पर्धा कर सकेंगी। यह सुनिश्चित करना कि सभी पात्र खिलाड़ी और अधिकारी समय पर वीजा प्राप्त करें, टूर्नामेंट की अखंडता और निष्पक्षता के लिए महत्वपूर्ण है।
आईसीसी के इस अपडेट के बाद, सभी संबंधित पक्षों को काफी राहत मिली है। अब उम्मीद है कि वीजा संबंधी सभी औपचारिकताएं जल्द ही पूरी कर ली जाएंगी, जिससे खिलाड़ी और अधिकारी बिना किसी चिंता के अपनी टीमों के साथ जुड़ सकेंगे और आगामी टी20 वर्ल्ड कप 2026 में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर सकेंगे और यह कदम वैश्विक क्रिकेट आयोजनों के सुचारू संचालन के प्रति आईसीसी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।