WTC Final: टेस्ट क्रिकेट में 400 से ज्यादा रनों का टारगेट चेज करना लगभग असंभव सा है,वो भी तब जब टीम के पास सिर्फ डेढ़ दिन का समय हो. टेस्ट क्रिकेट में अभी तक सिर्फ चार बार ऐसा हुआ है. भारत के साथ आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में स्थिति है. ऑस्ट्रेलिया ने फाइनल मैच में भारत के सामने 444 रनों का टारगेट रखा है.भारत ने चौथे दिन का खेल खत्म होने तक अपने तीन विकेट खोकर 164 रन बना लिए हैं. यानी आखिरी दिन भारत को जीत के लिए चाहिए 280 रन. उसके बाद विकेट बचे हैं सात. क्रीज पर हैं विराट कोहली और अजिंक्य रहाणे.अब सवाल ये है कि क्या भारत यहां से टेस्ट मैच जीत सकता है?
कोहली और राहणे ने जिस तरह से बल्लेबाजी की उससे लग रहा है कि दोनों अच्छी लय में हैं. चौथे दिन का खेल खत्म होने तक कोहली 44 और रहाणे 20 रन बनाकर खेल रहे हैं. रहाणे ने पहली पारी में 89 रन बनाए थे. साथ में बल्लेबाजी करते हुए कोहली और रहाणे ने पहले भी भारत को कई मैच जिताए हैं.
कोहली और रहाणे पर दारोमदार
कोहली और रहाणे अगर टिक गए और जिस तरह से बल्लेबाजी करते हैं वो करने में सफल रहे तो इसमें कोई शक नहीं है कि ऑस्ट्रेलिया के लिए परेशानियां बढ़ जाएंगी. कोहली वैसे भी वो बल्लेबाज हैं जो हार नहीं मानते. जब कोहली ने टेस्ट टीम की कप्तानी संभाली थी तब उन्होंने अपनी मंशा साफ बता दी थी कि वह जीत के लिए खेलना चाहते हैं. उनकी कप्तानी में भी टीम में यही अंदाज देखा गया था जो आजतक कायम है. कोहली खुद इस समय क्रीज पर हैं और ये उनके लिए सबसे सही मौका है कि वह अपनी आक्रामकता का नूमना पेश कर टीम को जीत दिलाएं.वहीं आक्रामकता जिसके लिए कोहली कई बार आलोचना भी झेल चुके हैं.
रहाणे शांत स्वाभाव के इंसान हैं लेकिन विकेट पर टिकना और रन बनाना इस बल्लेबाज को खूब आता है. पहली पारी में दुनिया ये देख चुकी है कि रहाणे विकेट पर टिक रन बनाना जानते हैं. एक छोर पर कोहली आक्रामकता से ऑस्ट्रेलिया से जीत छीनने का दम रखते हैं तो दूसरे छोर पर रहाणे अपना काम करते हुए रन बना सकते हैं. इस जोड़ी पर भारत की जीत काफी हद तक निर्भर है और ये दोनों ऐसी स्थिति में टीम को बाहर निकालने का दम रखते हैं.
निचले क्रम में भी है दम
भारत की बल्लेबाजी देखी जाए तो ये गहरी है. नंबर-8 तक उसके पास शार्दुल ठाकुर हैं जिन्होंने पहली पारी में अर्धशतक जमाया था और रहाणे के साथ साझेदारी की थी. कोहली और रहाणे के बाद भारत के पास रवींद्र जडेजा, केएस भरत, ठाकुर हैं जो बल्लेबाजी कर सकते हैं. भरत ने अभी तक टेस्ट में अपनी बल्लेबाजी का कमाल नहीं दिखाया है. लेकिन घरेलू क्रिकेट में वह अच्छा कर चुके हैं. फर्स्ट क्लास में उनका औसत 37.27 का है.वह नौ शतक और 27 अर्धशतक जमा चुके हैं.जडेजा की बल्लेबाजी से सभी वाकिफ हैं. अगर जरूरत पड़ी तो जडेजा वो काम कर सकते हैं जो ऋषभ पंत करते हैं.
पंत ने गाबा और सिडनी में जो पारियां खेली थीं वो भारत की जीत की वजह बनी थीं. सामने उस समय भी ऑस्ट्रेलिया था. इस बार भी वही टीम है और जडेजा में ये दम है कि अगर आखिर में तेजी से रन बनाने की जरूरत पड़ी वह अपने बल्ले से वो अवतार दिखा सकते हैं. ठाकुर भी ये काम करने का दम रखते हैं.
ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजी का क्या होगा?
भारत ने 2021 में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर ये बताया है कि वह हार मानने वाली टीम नहीं है. सिडनी और गाबा में टीम इंडिया ने हैरतअंगेज जीत हासिल की थी. वो दो जीतें टीम इंडिया के लिए प्रेरणा होंगी कि अभी भी मैच जिता जा सकता है. जहां तक बात ऑस्ट्रेलिया कि है तो बेशक उसके पास बेहतरीन तेज गेंदबाजी आक्रमण है लेकिन चौथे दिन की गेंदबाजी देख लग रहा है कि वह अभी तक अपनी लय में नहीं हैं. चौथे दिन से विकेट भी धीमी हो रही है और फिर तेज गेंदबाजों का ज्यादा मदद मिले, इसके चांस कम हैं.
यहां ऑफ स्पिनर नाथन लायन भारत के लिए सिरदर्द बन सकते हैं. लायन से निपटना भारत के लिए चुनौती हो सकता है लेकिन ऐसा नहीं है कि टीम इंडिया उनसे पार नहीं पा सकती. कोहली और रहाणे अगर टिक गए और मैच को अंत तक रह गए तो लायन का हौसल टूटने और लय खोने में समय नहीं लगेगा.
टीम को चाहिए जीत
चौथे दिन का खेल खत्म होने के बाद टीम इंडिया के ड्रेसिंग रूम में एक ही बात हुई है.मोहम्मद शमी की मानें तो टीम इंडिया के कैम्प में सिर्फ इस मैच को जीतने की बात हुई है. बात ये हुई है कि यहां से मैच कैसे जीता जा सकता है. अगर मैच ड्रॉ भी होता है तो फिर ट्रॉफी शेयर होगी. लेकिन टीम इंडिया पूरी कोशिश करेगी कि वह जीत हासिल कर सके क्योंकि उसके पास एक दिन में 280 रन बनाने का पूरा दम है.