Lenskart IPO Risk Factors: निवेश से पहले समझें तीन बड़े जोखिम, कैसे प्रभावित हो सकता है कारोबार

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Lenskart IPO Risk Factors - निवेश से पहले समझें तीन बड़े जोखिम, कैसे प्रभावित हो सकता है कारोबार
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सॉफ्टबैंक समर्थित प्रमुख आईवियर स्टार्टअप लेंसकार्ट का बहुप्रतीक्षित आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) 31 अक्टूबर को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलने जा रहा है। यह आईपीओ कुल ₹7,278 करोड़ का होगा, जिसमें निवेशक 4 नवंबर तक पैसे लगा सकेंगे और हालांकि, इस आकर्षक अवसर में निवेश करने से पहले, निवेशकों को कंपनी के कारोबार को प्रभावित करने वाले तीन महत्वपूर्ण जोखिम कारकों पर गहराई से विचार करना चाहिए। ग्रे मार्केट में इसके शेयरों का प्रदर्शन उत्साहजनक दिख रहा है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि निवेश का। फैसला कंपनी के मूलभूत सिद्धांतों और वित्तीय स्थिति पर आधारित होना चाहिए, न कि केवल ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) पर।

चीन से आयात पर निर्भरता का जोखिम

लेंसकार्ट अपने कारोबार के लिए कुछ महत्वपूर्ण कच्चे माल और फ्रेम चीन से आयात करती है। कंपनी की चीन में एक संयुक्त उद्यम बोआफेंग फ्रेमकार्ट टेक (Boafeng Framekart Technology) में 51% हिस्सेदारी है, जिसकी मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी भी वहीं स्थित है। यह संयुक्त उद्यम, जो 2018 में स्थापित हुआ था, चश्मा लेंस, फ्रेम और एक्सेसरीज के निर्माण और बिक्री में संलग्न है। ऐसे में, यदि चीन में आपूर्तिकर्ताओं से कच्चे माल या तैयार माल की आपूर्ति किसी भी कारण से बाधित होती है, चाहे वह भू-राजनीतिक तनाव हो, व्यापार प्रतिबंध हों, या उत्पादन संबंधी समस्याएं हों, तो लेंसकार्ट के परिचालन और राजस्व पर गंभीर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। यह निर्भरता कंपनी को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला के जोखिमों के प्रति संवेदनशील बनाती है।

तकनीकी नवाचारों से संभावित चुनौती

आईवियर उद्योग लगातार तकनीकी बदलाव और नवाचारों का साक्षी बन रहा है। लेंसकार्ट को भविष्य में LASIC (लेजर-असिस्टेड इन सितु केराटोमिलुसिस) और SMILE (स्मॉल इनसिजन लेंटिक्यूल एक्स्ट्रैक्शन) जैसी उन्नत नेत्र सर्जरी तकनीकों से प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ सकता है और ये लेजर-आधारित सर्जरी दृष्टि दोषों को ठीक करने के प्रभावी तरीके प्रदान करती हैं, जिससे चश्मे या कॉन्टैक्ट लेंस की आवश्यकता समाप्त हो सकती है। इन सर्जरी का बाजार तेजी से बढ़ रहा है और नए बाजारों में भी अपनी पैठ बना रहा है। यदि इन तकनीकों की लोकप्रियता और पहुंच बढ़ती है, तो यह चश्मे की कुल मांग को कम कर सकता है, जिससे लेंसकार्ट की बिक्री और लाभप्रदता पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।

फ्रेंचाइजी नेटवर्क पर सीमित नियंत्रण

लेंसकार्ट का एक बड़ा रिटेल नेटवर्क फ्रेंचाइजी मॉडल पर आधारित है। जून 2025 तक, कंपनी के वैश्विक स्तर पर 472 फ्रेंचाइजी स्टोर्स थे, जो उसके कुल रिटेल नेटवर्क का लगभग 22% है। फ्रेंचाइजी समझौतों के तहत, लेंसकार्ट अपने ब्रांड नाम, ट्रेडमार्क, डिजाइन और अन्य बौद्धिक संपदा के उपयोग का अधिकार देती है, जिसके बदले में उसे एक निश्चित एकमुश्त लाइसेंस फीस मिलती है। हालांकि, इस मॉडल में कंपनी को फ्रेंचाइजी के परिचालन या वित्तीय पहलुओं पर पूर्ण नियंत्रण नहीं मिलता है। यह एक महत्वपूर्ण जोखिम पैदा करता है, क्योंकि यदि कोई फ्रेंचाइजी कंपनी के ब्रांड मानकों, परिचालन नीतियों या रणनीतिक उद्देश्यों के। अनुरूप काम नहीं करती है, तो इससे लेंसकार्ट की प्रतिष्ठा, ग्राहक अनुभव और समग्र ब्रांड मूल्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

Lenskart IPO की प्रमुख जानकारियां

लेंसकार्ट आईपीओ का प्राइस बैंड ₹382 से ₹402 प्रति शेयर निर्धारित किया गया है, और निवेशक 37 शेयरों के लॉट साइज में आवेदन कर सकेंगे। यह इश्यू 31 अक्टूबर को खुलेगा और 4 नवंबर को बंद होगा और इश्यू का 75% हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित है, जबकि 15% नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII) और 10% खुदरा निवेशकों के लिए है। शेयरों का अलॉटमेंट 6 नवंबर को अंतिम रूप दिया जाएगा, और बीएसई तथा एनएसई पर लिस्टिंग 10 नवंबर को होने की उम्मीद है। इश्यू का रजिस्ट्रार एमयूएफजी इनटाइम है।

जुटाए गए धन का उपयोग और कंपनी की वित्तीय स्थिति

इस आईपीओ के तहत ₹2,150 करोड़ के नए शेयर जारी किए जाएंगे, जबकि ₹2 की फेस वैल्यू वाले 12,75,62,573 शेयरों की ऑफर फॉर सेल (OFS) विंडो के तहत बिक्री होगी और oFS से प्राप्त धन सॉफ्टबैंक और टेमासेक जैसे मौजूदा शेयरधारकों को मिलेगा। नए शेयरों से जुटाए गए धन का उपयोग विभिन्न विकास पहलों के लिए किया जाएगा, जिसमें ₹272 और 62 करोड़ नए कोको स्टोर बनाने के लिए, ₹591. 44 करोड़ कोको स्टोर्स के लीज/रेंट/लाइसेंस समझौतों के लिए, ₹213 और 38 करोड़ प्रौद्योगिकी और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश के लिए, और ₹320. 06 करोड़ मार्केटिंग गतिविधियों के लिए निर्धारित किए गए हैं। शेष राशि अधिग्रहण और सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों में लगाई जाएगी और वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो, लेंसकार्ट ने वित्त वर्ष 2025 में ₹297 करोड़ का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया, जो वित्त वर्ष 2024 में ₹10 करोड़ के घाटे से एक महत्वपूर्ण सुधार है। इसी अवधि में कंपनी का राजस्व 22% बढ़कर ₹6,625 करोड़। पर पहुंच गया है, जो इसकी मजबूत वृद्धि को दर्शाता है।