अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ जारी तनाव के बीच एक कड़ा रुख अपनाते हुए सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दी है। सोमवार को व्हाइट हाउस में आयोजित एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट किया कि यदि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने पर सहमत नहीं होता है, तो अमेरिका ईरान के खिलाफ व्यापक हमले कर सकता है। ट्रंप के अनुसार, इस कार्रवाई का उद्देश्य ईरान के रणनीतिक और नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना होगा।
राष्ट्रपति ने ब्रीफिंग में संकेत दिया कि यदि उनकी शर्तें नहीं मानी गईं, तो वह एक दिन के भीतर ईरान को भारी नुकसान पहुँचाने की क्षमता रखते हैं। इस संभावित हमले के दायरे में ईरान के गैस क्षेत्र, जल संयंत्र, पुल और अन्य महत्वपूर्ण नागरिक ढांचे शामिल हो सकते हैं। ट्रंप ने इन कार्रवाइयों को ईरान पर दबाव बनाने के एक माध्यम के रूप में प्रस्तुत किया है।
नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की चेतावनी
व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने उन संभावित ठिकानों की सूची साझा की जिन्हें अमेरिकी सेना निशाना बना सकती है। उन्होंने कहा कि अगर ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद रखा, तो जवाबी कार्रवाई में ईरान के ऊर्जा संसाधनों और परिवहन नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया जाएगा। इसमें विशेष रूप से गैस फील्ड और पुलों का उल्लेख किया गया है। ट्रंप ने तर्क दिया कि ऐसी कार्रवाई ईरान की अर्थव्यवस्था और परिचालन क्षमता को पंगु बनाने के लिए आवश्यक हो सकती है।
ईरानी नागरिकों की इच्छा पर ट्रंप का दावा
जब मीडिया ने सवाल किया कि क्या नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमला करना वहां की आम जनता को सजा देने जैसा होगा, तो ट्रंप ने एक विवादास्पद दावा किया। उन्होंने कहा कि ईरानी लोग अपनी आजादी के लिए इस तरह के कष्ट उठाने को तैयार हैं। ट्रंप के अनुसार, उन्हें ईरान के भीतर से ऐसे संदेश मिले हैं जिनमें बमबारी जारी रखने का अनुरोध किया गया है। उन्होंने दावा किया कि लोग उन क्षेत्रों में भी हमलों का समर्थन कर रहे हैं जहां बम गिर रहे हैं, क्योंकि वे इसे अपनी मुक्ति के मार्ग के रूप में देखते हैं।
अंतरराष्ट्रीय कानूनों और युद्ध अपराधों पर रुख
न्यूयॉर्क टाइम्स द्वारा जिनेवा कन्वेंशन के उल्लंघन और संभावित युद्ध अपराधों के बारे में पूछे जाने पर राष्ट्रपति ट्रंप ने कड़ा रुख अपनाया और उन्होंने शुरुआत में कहा कि उन्हें अंतरराष्ट्रीय कानूनों या जिनेवा कन्वेंशन के उल्लंघन की कोई चिंता नहीं है। हालांकि, बाद में उन्होंने यह भी जोड़ा कि उन्हें उम्मीद है कि उन्हें नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमला करने की नौबत नहीं आएगी। ट्रंप की इन टिप्पणियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कानूनी और मानवाधिकार विशेषज्ञों के बीच बहस छेड़ दी है।
होर्मुज जलडमरूमध्य और निर्धारित समय सीमा
राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को अपनी मांगें मानने के लिए एक निश्चित समय सीमा दी है। उन्होंने कहा कि यदि ईरान मंगलवार रात 8:00 PM ET तक होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए तैयार नहीं होता है, तो सैन्य कार्रवाई का विकल्प खुला है। होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल व्यापार के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण मार्ग है, और इसके बंद होने से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर गहरा प्रभाव पड़ने की संभावना है। अमेरिकी प्रशासन इस मार्ग को अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए खुला रखने पर जोर दे रहा है।