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परमाणु समझौता हुआ तो खामेनेई से मिल सकते हैं ट्रंप: बोले- यह मेरे लिए सम्मान की बात होगी

परमाणु समझौता हुआ तो खामेनेई से मिल सकते हैं ट्रंप: बोले- यह मेरे लिए सम्मान की बात होगी
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा बयान देते हुए कहा है कि अगर अमेरिका और ईरान के बीच चल रही परमाणु वार्ता सफल रहती है और किसी ठोस समझौते पर सहमति बनती है, तो वह ईरान के सर्वोच्च नेता मुज्तबा खामेनेई से मुलाकात करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने स्पष्ट किया कि ऐसी मुलाकात उनके लिए सम्मान की बात होगी। यह बयान ऐसे समय में आया है जब दोनों देशों के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर लंबे समय से तनाव बना हुआ है और कूटनीतिक स्तर पर समाधान की तलाश की जा रही है।

मुलाकात की संभावना और ट्रंप का नजरिया

राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट किया कि वह इस मुलाकात के लिए कोई सक्रिय प्रयास नहीं कर रहे हैं, लेकिन यदि परिस्थितियों के अनुसार कोई समझौता होता है, तो उन्हें मुज्तबा खामेनेई से मिलने में कोई हिचकिचाहट नहीं होगी। उन्होंने कहा, "मैं उनसे मिलने की कोशिश नहीं कर रहा हूं, लेकिन अगर मुलाकात होती है तो मुझे सम्मान महसूस होगा और " ट्रंप के इस बयान से संकेत मिलता है कि वह परमाणु समझौते को एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देख रहे हैं, जिसके बाद शीर्ष स्तर की वार्ता संभव हो सकती है।

ट्रंप ने मुज्तबा खामेनेई के व्यक्तित्व पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने मजाकिया अंदाज में स्वीकार किया कि वह शायद खामेनेई के सबसे पसंदीदा व्यक्ति नहीं हैं, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि वह उनके साथ पूरे सम्मान के साथ पेश आएंगे। ट्रंप के अनुसार, मुज्तबा खामेनेई को कई लोग एक पेशेवर नेता के रूप में देखते हैं और कुछ वर्गों में उनकी अच्छी प्रतिष्ठा है और उन्होंने तुलना करते हुए कहा कि जिस तरह उनके बारे में लोग अलग-अलग राय रखते हैं, वैसा ही खामेनेई के साथ भी है; कुछ लोग उनके बारे में बुरा बोलते हैं तो बहुत से लोग उनके बारे में अच्छा भी सोचते हैं।

ईरान के यूरेनियम भंडार पर ट्रंप का दावा

परमाणु कार्यक्रम के मुद्दे पर चर्चा करते हुए ट्रंप ने ईरान के संवर्धित यूरेनियम भंडार को लेकर एक बड़ा और चौंकाने वाला दावा किया और उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका चाहे तो वह अभी इसी वक्त ईरान के यूरेनियम भंडार पर अपना नियंत्रण स्थापित कर सकता है। ट्रंप का मानना है कि ईरान के पास अमेरिका को ऐसा करने से रोकने की शक्ति नहीं है और हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल अमेरिका को ऐसा कोई कदम उठाने की आवश्यकता महसूस नहीं हो रही है।

ट्रंप ने विस्तार से बताया कि ईरान का संवर्धित यूरेनियम ऐसी जगहों पर रखा गया है जो पूरी तरह से निगरानी के दायरे में हैं। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियां उस सामग्री पर चौबीसों घंटे नजर रख रही हैं। ट्रंप के मुताबिक, वहां अमेरिकी कैमरे लगे हुए हैं और वे हर गतिविधि की निगरानी कर रहे हैं। यह बयान ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर अमेरिकी पकड़ और निगरानी की क्षमता को प्रदर्शित करने के उद्देश्य से दिया गया प्रतीत होता है।

ईरान की ओर से तीखी प्रतिक्रिया

ट्रंप के इस प्रस्ताव को ईरान ने सिरे से खारिज कर दिया है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने ट्रंप के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस तरह की बातों को वास्तविकता और मौजूदा जमीनी हालातों के चश्मे से देखा जाना चाहिए और उन्होंने स्पष्ट संकेत दिया कि फिलहाल ऐसी किसी भी मुलाकात के लिए कोई वास्तविक आधार या स्थिति मौजूद नहीं है। अरागची का यह बयान दर्शाता है कि ईरान फिलहाल अमेरिका के साथ इस स्तर की बातचीत के लिए तैयार नहीं है।

विदेश मंत्री ने मुज्तबा खामेनेई की सुरक्षा और उनकी सार्वजनिक उपस्थिति को लेकर भी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि सुरक्षा कारणों और सुरक्षा एजेंसियों की सलाह पर मुज्तबा खामेनेई की सार्वजनिक कार्यक्रमों में भागीदारी को सीमित कर दिया गया है। यही कारण है कि वह अब पहले की तुलना में कम सार्वजनिक मंचों पर दिखाई देते हैं। हालांकि, अरागची ने यह भी साफ किया कि देश के वरिष्ठ अधिकारियों और सरकार का सर्वोच्च नेता के साथ निरंतर और सीधा संपर्क बना हुआ है, जिससे शासन व्यवस्था सुचारू रूप से चल रही है।

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