विज्ञापन

ट्रंप का नया विवाद: 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' का नाम बदलकर किया 'स्ट्रेट ऑफ ट्रंप'

ट्रंप का नया विवाद: 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' का नाम बदलकर किया 'स्ट्रेट ऑफ ट्रंप'
विज्ञापन

अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता को लेकर सस्पेंस बरकरार है। इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक तस्वीर शेयर की है जिसमें उन्होंने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को स्ट्रेट ऑफ ट्रंप बताया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को एक तस्वीर शेयर की जिसमें एक बदला हुआ नक्शा दिखाया गया था। इस नक्शे में 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' का नाम बदलकर 'स्ट्रेट ऑफ ट्रंप' कर दिया गया था। ट्रंप ने यह तस्वीर अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल अकाउंट पर बिना किसी कैप्शन के पोस्ट की और यह तस्वीर असल में 'IStandWithTrump47' नाम के एक अकाउंट ने शेयर की थी जिसमें जलमार्ग के असली नाम की जगह 'स्ट्रेट ऑफ ट्रंप' लिख दिया गया था। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज एक संकरा लेकिन जरूरी समुद्री मार्ग है जिससे दुनिया भर में होने वाली तेल की शिपमेंट का लगभग 5वां हिस्सा गुजरता है।

ट्रंप द्वारा पहले भी किया गया इस वाक्यांश का प्रयोग

यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को 'स्ट्रेट ऑफ ट्रंप' कहकर पुकारा है। 27 मार्च को, जब वह ईरान से एक संभावित शांति समझौते के तहत इस जलमार्ग को फिर से खोलने की अपील कर रहे थे, तब मियामी में सऊदी समर्थित FII प्रायोरिटी निवेश फोरम में बोलते हुए ट्रंप ने इस वाक्यांश का इस्तेमाल किया था। " उन्होंने कहा था, "उन्हें 'स्ट्रेट ऑफ ट्रंप' खोलना होगा - मेरा मतलब है होर्मुज। माफ कीजिए, मुझे बहुत अफसोस है।

नौसैनिक नाकेबंदी और तेल की कीमतों में उछाल

यह दोबारा शेयर की गई तस्वीर उस समय सामने आई जब ट्रंप ने कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिका की नौसैनिक नाकेबंदी महीनों तक चल सकती है। इस टिप्पणी की वजह से तेल की कीमतें चार साल से भी ज्यादा समय के अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई है। जंग को खत्म करने के लिए ट्रंप पर राजनीतिक दबाव लगातार बढ़ रहा है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की रणनीतिक स्थिति वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है और ट्रंप के इस नए कदम ने कूटनीतिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है।

ईरान का कड़ा रुख और अंतरराष्ट्रीय कानून

इस बीच ईरान के शीर्ष नेतृत्व ने अमेरिकी प्रशासन की कथित नौसैनिक नाकेबंदी रणनीति को विफल और भ्रामक करार देते हुए कहा है कि इससे ना तो ईरान पर दबाव बढ़ेगा और ना ही क्षेत्र में स्थिरता आएगी। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने कहा है कि किसी भी प्रकार की समुद्री नाकेबंदी अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है और विफल होकर ही रहेगी। ईरानी सुप्रीम लीडर के मिलिट्री एडवाइजर मोहसिन रजाई ने कहा कि ईरान अब अमेरिका की नाकेबंदी को किसी भी तरह से स्वीकार नहीं करेगा। अगर नाकेबंदी जारी रही तो ईरान की ओर से इसका जवाब भी दिया जाएगा।

ईरान के सैन्य सलाहकार मोहसिन रजाई ने स्पष्ट किया है कि नाकेबंदी की स्थिति में ईरान चुप नहीं बैठेगा और इसका कड़ा जवाब दिया जाएगा।

विज्ञापन