ट्रंप ने यूक्रेन युद्ध रोकने की अपील की, हर महीने 25 हजार मौतें

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ट्रंप ने यूक्रेन युद्ध रोकने की अपील की, हर महीने 25 हजार मौतें
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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस और यूक्रेन के बीच जारी सैन्य संघर्ष को लेकर एक अत्यंत महत्वपूर्ण और बड़ा बयान जारी किया है। उन्होंने इस युद्ध से होने वाले व्यापक नुकसान पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए इसे तुरंत समाप्त करने की पुरजोर अपील की है और ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर एक पोस्ट के माध्यम से अपनी बात रखी, जिसमें उन्होंने इस संघर्ष को एक कभी न खत्म होने वाली जंग के रूप में वर्णित किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस युद्ध का खामियाजा केवल संबंधित देशों को ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया को भुगतना पड़ रहा है, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था और शांति को खतरा पैदा हो गया है।

मानवीय क्षति और सैनिकों की मौत का आंकड़ा

डोनाल्ड ट्रंप ने युद्ध के दौरान हो रही जनहानि के चौंकाने वाले आंकड़े साझा किए हैं। उन्होंने दावा किया कि इस युद्ध में हर महीने करीब 25000 लोगों की मौत हो रही है। ट्रंप के अनुसार, मरने वालों में सबसे बड़ी संख्या सैनिकों की है जो मोर्चे पर तैनात हैं। उन्होंने इस स्थिति को बेहद दुखद और शर्मनाक बताते हुए कहा कि इतनी बड़ी संख्या में लोगों का मारा जाना मानवता के लिए एक बड़ी त्रासदी है। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है जब दोनों देशों के बीच तनाव अपने चरम पर है और युद्ध रुकने के कोई संकेत नहीं मिल रहे हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय समुदाय में चिंता बढ़ गई है।

रूस के डीजल तेल उद्योग पर संकट

अपने बयान में ट्रंप ने रूस की आर्थिक और औद्योगिक स्थिति पर भी विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि यूक्रेन के साथ जारी इस लंबी जंग के कारण रूस ने अपनी डीजल ऑयल इंडस्ट्री पर से नियंत्रण खो दिया है। ट्रंप ने दावा किया कि रूस की बड़ी संख्या में डीजल रिफाइनरियों को रणनीतिक रूप से निशाना बनाया गया है। इन हमलों के कारण रूस की कई महत्वपूर्ण रिफाइनरियां फिलहाल काम नहीं कर रही हैं, जिससे देश की ऊर्जा आपूर्ति और आर्थिक ढांचे पर गहरा असर पड़ा है और यह औद्योगिक नुकसान रूस की युद्ध क्षमता को सीधे तौर पर प्रभावित कर रहा है और उसकी आर्थिक शक्ति को कमजोर कर रहा है।

यूक्रेन का अब तक का सबसे बड़ा ड्रोन हमला

ट्रंप की यह टिप्पणी उस घटनाक्रम के बाद आई है जब रविवार को यूक्रेन की सेना ने रूस के खिलाफ एक बहुत बड़ा सैन्य अभियान चलाया था। प्राप्त जानकारी के अनुसार, यूक्रेन ने रात भर में रूस पर 1000 से अधिक ड्रोन से हमले किए। इस हमले का मुख्य केंद्र रूस की राजधानी मॉस्को थी, जिसे निशाना बनाकर करीब 100 ड्रोन दागे गए थे। विशेष बात यह है कि यह हमला रूस में चल रहे संसदीय चुनाव के तीसरे और आखिरी दिन किया गया, जिससे वहां की सुरक्षा व्यवस्था के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई और चुनावी प्रक्रिया के दौरान तनाव का माहौल बन गया।

मॉस्को में हताहत और नुकसान का विवरण

मॉस्को और उसके आस-पास के इलाकों में हुए इन भीषण हमलों में जान-माल का काफी नुकसान हुआ है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस हमले में 2 लोगों की मौत हो गई और 20 लोग घायल हो गए। यूक्रेन की ओर से किया गया यह हमला अब तक का सबसे बड़ा और व्यापक हमला माना जा रहा है। इस हमले ने यह साबित कर दिया है कि यूक्रेन अब रूस के भीतर तक मार करने की क्षमता रखता है और वह युद्ध को रूसी सीमा के काफी अंदर तक ले जाने में सफल रहा है, जिससे युद्ध का स्वरूप और अधिक आक्रामक हो गया है।

जेलेंस्की की रणनीति और मिसाइल तकनीक

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने इस हमले की पुष्टि करते हुए सोशल मीडिया पर विस्तृत जानकारी साझा की और उन्होंने बताया कि कीव ने इस सैन्य कार्रवाई में विभिन्न प्रकार की मिसाइलों और ड्रोन का उपयोग किया है। इनमें विशेष रूप से यूक्रेन में ही निर्मित फ्लेमिंगो और पेलिकन मिसाइलें शामिल थीं। जेलेंस्की ने स्पष्ट किया कि इन हथियारों का मुख्य उद्देश्य रूस की तेल और लॉजिस्टिक सुविधाओं को नष्ट करना था। उन्होंने कहा कि ये वे संसाधन हैं जो अरबों डॉलर की अर्थव्यवस्था का हिस्सा हैं और रूस की युद्ध मशीनरी को चलाने में मदद करते हैं। जेलेंस्की का लक्ष्य रूस की अर्थव्यवस्था पर भारी दबाव बनाना है ताकि युद्ध जारी रखना उसके लिए आर्थिक रूप से असंभव हो जाए।

शी जिनपिंग की अमेरिका यात्रा और शिखर वार्ता

इन युद्धकालीन परिस्थितियों के बीच, राष्ट्रपति ट्रंप एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक बैठक की तैयारियों में भी व्यस्त हैं। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग जल्द ही अमेरिका की राजकीय यात्रा पर आने वाले हैं। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, शी जिनपिंग राष्ट्रपति ट्रंप के निमंत्रण पर 23 सितंबर से 25 सितंबर तक अमेरिका के दौरे पर रहेंगे। शी जिनपिंग 23 सितंबर को वाशिंगटन पहुंचेंगे, जहां उनके और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच एक उच्च स्तरीय शिखर वार्ता आयोजित की जाएगी। इस वार्ता में वैश्विक सुरक्षा, रूस-यूक्रेन युद्ध और द्विपक्षीय संबंधों सहित कई अहम मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है, जो भविष्य की वैश्विक राजनीति की दिशा तय कर सकती है।

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