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US-Iran War: ट्रंप के बयान से पलटा खेल, कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट

US-Iran War: ट्रंप के बयान से पलटा खेल, कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के साथ जारी संघर्ष को जल्द समाप्त करने के संकेतों के बाद वैश्विक ऊर्जा बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई है। फ्लोरिडा में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने युद्ध को समाप्त करने की इच्छा जताई, जिसके परिणामस्वरूप कच्चे तेल के दाम अपने रिकॉर्ड उच्च स्तर से नीचे आ गए। हालांकि उन्होंने किसी निश्चित समयसीमा का उल्लेख नहीं किया, लेकिन उनके इस बयान ने बाजार की अनिश्चितता को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ट्रंप के इस रुख को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला के लिए एक सकारात्मक संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट

मंगलवार को ब्रेंट क्रूड की कीमतों में ऐतिहासिक गिरावट देखी गई। 5 प्रति बैरल के करीब आ गया। यह एक ही दिन में $20 प्रति बैरल से अधिक की कमी को दर्शाता है। 02 प्रति बैरल पर आ गया, जबकि एक दिन पहले यह $115 प्रति बैरल के पार था। बाजार के आंकड़ों के अनुसार, यह गिरावट हाल के महीनों की सबसे बड़ी गिरावटों में से एक है।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और सुरक्षा प्रस्ताव

राष्ट्रपति ट्रंप ने तेल की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए कुछ महत्वपूर्ण उपायों पर विचार करने की बात कही है। उन्होंने संकेत दिया कि अमेरिकी प्रशासन तेल से संबंधित कुछ प्रतिबंधों में ढील देने और अमेरिकी नौसेना के माध्यम से तेल टैंकरों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सुरक्षित निकालने की व्यवस्था कर सकता है। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि संघर्ष के कारण बढ़ी हुई कीमतों को कम करना उनकी प्राथमिकता है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज वैश्विक तेल आपूर्ति का एक महत्वपूर्ण मार्ग है, जहां से दुनिया का लगभग 20% तेल गुजरता है। इस मार्ग की सुरक्षा सुनिश्चित होने से आपूर्ति बाधाएं कम होने की उम्मीद है।

वैश्विक आपूर्ति और भंडारण की चुनौतियां

खाड़ी क्षेत्र में जारी तनाव के कारण सऊदी अरब जैसे बड़े तेल उत्पादक देशों को परिचालन संबंधी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। युद्ध की स्थिति और आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान के कारण भंडारण की कमी देखी गई, जिसके चलते कुछ उत्पादकों को अपने उत्पादन में कटौती करनी पड़ी। अधिकारियों के अनुसार, यदि जहाजों की आवाजाही सामान्य होती है, तो आपूर्ति व्यवस्था में सुधार होने की संभावना है। वर्तमान में यह स्पष्ट नहीं है कि व्यापारिक जहाज इस मार्ग से पूरी तरह सामान्य रूप से गुजर पा रहे हैं या नहीं, लेकिन अमेरिकी हस्तक्षेप से स्थिति बदलने की संभावना जताई गई है।

बाजार में ऐतिहासिक उतार-चढ़ाव

कच्चे तेल की कीमतों में आया यह बदलाव 2020 की कोरोना महामारी के बाद का सबसे बड़ा उतार-चढ़ाव माना जा रहा है। मंगलवार सुबह कीमतों में लगभग 10% की अतिरिक्त गिरावट के साथ ब्रेंट क्रूड $90 प्रति बैरल के नीचे बना रहा। बाजार के आंकड़ों के अनुसार, कीमतों में लगभग $38 का उतार-चढ़ाव देखा गया है। यह स्थिति वैश्विक ऊर्जा बाजार में व्याप्त अस्थिरता और भू-राजनीतिक बयानों के प्रभाव को स्पष्ट रूप से दर्शाती है। विशेषज्ञों के अनुसार, तेल की कीमतों में आई यह कमी वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए राहत भरी हो सकती है, विशेष रूप से उन देशों के लिए जो आयात पर निर्भर हैं।

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