विज्ञापन

ट्रंप के 'स्ट्रेट ऑफ ट्रंप' बयान से बाजार में कोहराम, सेंसेक्स 900 अंक टूटा

ट्रंप के 'स्ट्रेट ऑफ ट्रंप' बयान से बाजार में कोहराम, सेंसेक्स 900 अंक टूटा
विज्ञापन

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयानों के बाद भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को भारी गिरावट दर्ज की गई है। ट्रंप द्वारा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को 'स्ट्रेट ऑफ ट्रंप' बताए जाने के बाद वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल के दाम 4 सालों के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गए हैं। इस भू-राजनीतिक तनाव और बयानबाजी का सीधा असर घरेलू शेयर बाजार पर पड़ा, जिससे प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में ही 900 अंक तक टूट गया।

ट्रंप के सोशल मीडिया पोस्ट और कच्चे तेल में उछाल

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से लगातार दिए जा रहे बयानों का असर मार्केट पर साफ दिखाई दे रहा है। गुरुवार की सुबह उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक के बाद एक दो-तीन पोस्ट किए। इन पोस्ट में उन्होंने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज नहीं, वह 'स्ट्रेट ऑफ ट्रंप' है। इसके साथ ही उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अब तूफान आने वाला है। ट्रंप के इन धमकी भरे बयानों ने वैश्विक अनिश्चितता बढ़ा दी है, जिसके परिणामस्वरूप कच्चे तेल की कीमतें पिछले चार वर्षों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई हैं।

सेंसेक्स और निफ्टी के ताजा आंकड़े

ट्रंप के बयानों ने भारतीय शेयर बाजार का रुख पूरी तरह बदल दिया और 56 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। 15 के स्तर पर आ गया। बाजार खुलने के साथ ही बिकवाली का भारी दबाव देखा गया।

निवेशकों को भारी नुकसान और मार्केट कैप में गिरावट

बाजार में आई इस अचानक गिरावट के कारण निवेशकों को भारी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ा है। 29 लाख करोड़ रुपये घट गया है। निवेशकों की संपत्ति में भी इसी अनुपात में गिरावट दर्ज की गई है। बाजार में मचे इस हाहाकार के पीछे मुख्य कारण ट्रंप की आक्रामक बयानबाजी और उससे उत्पन्न वैश्विक तेल संकट की आशंका को माना जा रहा है।

बाजार के जानकारों के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति के बयानों ने निवेशकों के बीच डर का माहौल पैदा कर दिया है। ट्रंप द्वारा 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' का नाम बदलने के दावे और 'तूफान आने वाला है' जैसी टिप्पणियों ने सीधे तौर पर ऊर्जा बाजार और वैश्विक व्यापारिक मार्गों को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं, जिसका खामियाजा भारतीय शेयर बाजार को भुगतना पड़ रहा है।

विज्ञापन