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: ट्विशा शर्मा केस: 2 महीने की प्रेग्नेंसी और तेलुगु फिल्मों का सफर, भोपाल मौत मामले में बड़े खुलासे

- ट्विशा शर्मा केस: 2 महीने की प्रेग्नेंसी और तेलुगु फिल्मों का सफर, भोपाल मौत मामले में बड़े खुलासे
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राजधानी भोपाल का बहुचर्चित ट्विशा शर्मा संदिग्ध मौत मामला अब एक अत्यंत जटिल मोड़ पर पहुंच गया है और यह मामला अब सिर्फ एक आत्महत्या या दहेज प्रताड़ना तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि इसमें हर दिन नए और चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। नोएडा की रहने वाली 31 वर्षीय ट्विशा शर्मा 12 मई की रात भोपाल के कटारा हिल्स स्थित अपने ससुराल में फांसी पर लटकी मिली थीं। इस घटना के बाद से ही मायके और ससुराल पक्ष के बीच आरोपों का दौर जारी है, जिसने इस पूरे मामले को एक गहरी मिस्ट्री बना दिया है।

टैलेंटेड करियर और फिल्मी बैकग्राउंड

ट्विशा शर्मा के बारे में जानकारी मिली है कि वह काफी प्रतिभाशाली थीं। उन्होंने अपने करियर के दौरान 4 तेलुगु फिल्मों में अभिनय किया था। इसके अलावा उन्होंने मॉडलिंग और कई विज्ञापन फिल्मों में भी अपनी पहचान बनाई थी। अभिनय के क्षेत्र में सक्रिय रहने के बाद उन्होंने अपनी शिक्षा पर ध्यान दिया और एमबीए की डिग्री हासिल की। इसके बाद वह दिल्ली की एक बड़ी कंपनी में प्रतिष्ठित पद पर नौकरी करने लगी थीं। उनके परिवार का कहना है कि वह एक स्वतंत्र और सफल महिला थीं, जो अपनी मेहनत के दम पर आगे बढ़ी थीं।

प्रेग्नेंसी और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के खुलासे

इस मामले में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब पोस्टमार्टम रिपोर्ट के जरिए यह पता चला कि ट्विशा 2 महीने की गर्भवती थीं। जांच में यह भी सामने आया कि मौत से करीब एक सप्ताह पहले उनका एमटीपी यानी मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी कराया गया था। रिपोर्ट में ट्विशा के शरीर पर कई एंटीमॉर्टम इंजरी यानी मौत से पहले लगी चोटों के निशान भी मिले हैं और उनके हाथ, कान और शरीर के अन्य हिस्सों पर चोट के निशान पाए गए हैं, जिससे परिवार ने यह आशंका जताई है कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि एक सुनियोजित हत्या हो सकती है।

आखिरी संदेश और परिवार से बातचीत

ट्विशा की मौत से पहले के कुछ डिजिटल साक्ष्य भी सामने आए हैं। उन्होंने अपनी दोस्त मीनाक्षी को इंस्टाग्राम पर एक संदेश भेजा था जिसमें लिखा था, "मैं फंस गई हूं, यार। बस तू मत फंसना। ज्यादा बात नहीं कर सकती। " इसके अलावा, परिवार का दावा है कि मौत से महज 10 मिनट पहले ट्विशा ने अपनी मां और भाई को फोन किया था। वह फोन पर रो रही थीं और कह रही थीं कि अब उनसे और सहन नहीं होता। बताया जा रहा है कि उन्होंने भोपाल छोड़कर नोएडा जाने के लिए रेलवे टिकट भी बुक कर लिया था, जो इस बात का संकेत है कि वह वहां से निकलना चाहती थीं।

दहेज और मानसिक प्रताड़ना के आरोप

ट्विशा के परिवार ने उनके पति समर्थ सिंह, जो एक वकील हैं, और उनकी सास गिरिबाला सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं। गिरिबाला सिंह एक रिटायर्ड जिला एवं सत्र न्यायाधीश हैं। परिवार का आरोप है कि ट्विशा पर करीब 20 लाख रुपये के शेयर और निवेश पति व ससुराल वालों के नाम करने का दबाव बनाया जा रहा था। परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि गर्भवती होने के बाद समर्थ ने ट्विशा के चरित्र पर सवाल उठाए और कहा कि यह बच्चा उसका नहीं है। उनका यह भी कहना है कि ट्विशा का गर्भपात उसकी मर्जी के खिलाफ कराया गया था।

ससुराल पक्ष का बचाव और ड्रग्स के दावे

दूसरी ओर, ससुराल पक्ष ने इन सभी आरोपों को खारिज किया है। अदालत में अग्रिम जमानत की अर्जी के दौरान सास गिरिबाला सिंह ने दावा किया कि ट्विशा ड्रग्स की आदी थी और उसे विथड्रॉल सिम्पटम्स आते थे। उन्होंने बताया कि ट्विशा का इलाज भोपाल के मनोचिकित्सक डॉ. सत्यकांत त्रिवेदी और काउंसलर काकोली राय के पास चल रहा था। ससुराल पक्ष ने बैंक ट्रांजैक्शन के रिकॉर्ड पेश करते हुए कहा कि ट्विशा को खर्च के लिए नियमित रूप से 5 हजार से 50 हजार रुपये दिए जाते थे। उन्होंने यह भी दावा किया कि ट्विशा एक बार नोएडा जाकर 12 घंटे तक लापता रही थी और वह घरेलू जीवन में तालमेल नहीं बिठा पा रही थी।

न्याय के लिए प्रदर्शन और सीबीआई की मांग

ट्विशा के पिता नवनीधि शर्मा और उनके परिवार ने न्याय की मांग को लेकर मुख्यमंत्री आवास के बाहर धरना भी दिया। परिवार का आरोप है कि आरोपी प्रभावशाली पृष्ठभूमि से हैं, इसलिए पुलिस जांच प्रभावित हो रही है और उन्होंने मामले की जांच सीबीआई से कराने या सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराने की मांग की है। साथ ही, उन्होंने एम्स दिल्ली में दोबारा पोस्टमार्टम कराने की भी अपील की है। ट्विशा के पिता ने चेतावनी दी है कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला तो वे आत्मदाह करने पर मजबूर होंगे और फिलहाल यह मामला कानूनी दांव-पेच और गंभीर आरोपों के बीच उलझा हुआ है।

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