U19 World Cup 2026: भारतीय कप्तान से हैंडशेक ना करने पर बांग्लादेश ने दी सफाई, खिलाड़ियों को सख्त निर्देश

U19 World Cup 2026 - भारतीय कप्तान से हैंडशेक ना करने पर बांग्लादेश ने दी सफाई, खिलाड़ियों को सख्त निर्देश
| Updated on: 18-Jan-2026 09:59 AM IST
U19 वर्ल्ड कप 2026 में भारत और बांग्लादेश के बीच हुए मुकाबले का नतीजा तो भारत के पक्ष में. रहा, लेकिन मैच की शुरुआत एक ऐसे विवाद से हुई जिस पर बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) को सफाई देनी पड़ी. टॉस के दौरान हुई एक घटना ने काफी सुर्खियां बटोरीं, जिसके बाद BCB. ने अपनी स्थिति स्पष्ट की और इसे एक अनजाने में हुई चूक बताया. यह घटना खेल के मैदान पर आपसी सम्मान और खेल भावना के महत्व को रेखांकित करती है, खासकर युवा खिलाड़ियों के बीच जो अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपने देश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं. भारत-बांग्लादेश मैच में टॉस के समय एक अप्रत्याशित घटना घटी जिसने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा और भारतीय टीम के कप्तान आयुष म्हात्रे टॉस के लिए मैदान पर मौजूद थे, जो कि एक सामान्य प्रक्रिया है. वहीं, बांग्लादेश की ओर से उनके नियमित कप्तान अजीजुल हकीम की अनुपस्थिति में उप-कप्तान जावाद अबरार टॉस के लिए आए थे.

BCB ने बाद में स्पष्ट किया कि अजीजुल हकीम बीमारी के कारण टॉस में शामिल नहीं हो सके थे. टॉस की प्रक्रिया समाप्त होने के बाद, आमतौर पर दोनों कप्तानों के बीच हाथ मिलाने की परंपरा होती है, जो खेल भावना और प्रतिद्वंद्वी के प्रति सम्मान का प्रतीक है. हालांकि, इस अवसर पर बांग्लादेश के उप-कप्तान जावाद अबरार और भारतीय कप्तान आयुष म्हात्रे के बीच हाथ नहीं मिलाया गया, जिससे तुरंत ही विवाद खड़ा हो गया और इस घटना ने क्रिकेट जगत में चर्चा का विषय बना दिया. सोशल मीडिया और क्रिकेट प्रेमियों के बीच इस पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं,. जिसने BCB को इस मामले पर अपनी स्थिति स्पष्ट करने के लिए मजबूर किया.

बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड का संज्ञान और स्पष्टीकरण

इस घटना पर बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने तुरंत संज्ञान लिया और अपनी ओर से स्पष्टीकरण जारी किया. बोर्ड ने स्वीकार किया कि टॉस के बाद भारतीय कप्तान से हाथ न मिलाने की घटना हुई थी. BCB ने सबसे पहले अपने नियमित कप्तान के टॉस में शामिल न होने की वजह बताई और उन्होंने कहा कि उनके नियमित कप्तान अजीजुल हकीम अस्वस्थ होने के कारण टॉस में शामिल नहीं हो सके थे, जिसके चलते उप-कप्तान जावाद अबरार ने टीम का प्रतिनिधित्व किया. यह स्पष्टीकरण कप्तान की अनुपस्थिति को लेकर उठ रहे सवालों को शांत करने के लिए महत्वपूर्ण था. इसके बाद, बोर्ड ने हाथ न मिलाने की घटना को लेकर अपनी राय स्पष्ट करते हुए कहा कि यह पूरी तरह से अनजाने में हुई चूक थी और इसके पीछे कोई दुर्भावना नहीं थी.

अपमान का कोई इरादा नहीं: BCB

बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने जोर देकर कहा कि भारतीय कप्तान से हाथ न मिलाने. की घटना पूरी तरह से गैर-इरादतन थी और यह उनके दिमाग से निकल गई थी. BCB ने स्पष्ट किया कि उनका ऐसा करके भारतीय कप्तान का अनादर या अपमान करने का कोई इरादा नहीं था. यह बयान इस बात पर जोर देता है कि यह. एक मानवीय भूल थी, न कि जानबूझकर किया गया कोई कार्य. बोर्ड ने इस मामले को गंभीरता से लिया है क्योंकि किसी भी स्तर पर बांग्लादेश का प्रतिनिधित्व करते समय क्रिकेट की भावना को बनाए रखना और प्रतिद्वंद्वी टीम का सम्मान करना एक मूलभूत शर्त है. BCB का मानना है कि खेल के मूल्यों को बनाए रखना और प्रतिद्वंद्वी के प्रति सम्मान दिखाना हर खिलाड़ी और टीम प्रबंधन की जिम्मेदारी है. इस घटना के तुरंत बाद, टीम प्रबंधन को इस संबंध में तत्काल जानकारी दी गई और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए.

खिलाड़ियों को सख्त निर्देश जारी

BCB ने अपने खिलाड़ियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे विपक्षी टीमों के साथ सभी बातचीत में खेल भावना, सौहार्द और आपसी सम्मान के उच्चतम मानकों को बनाए रखें. बोर्ड ने यह भी दोहराया कि मैदान के अंदर और बाहर दोनों जगह क्रिकेट के मूल्यों के प्रति उनकी पूरी प्रतिबद्धता है. ये निर्देश यह सुनिश्चित करने के लिए दिए गए हैं कि भविष्य में ऐसी कोई भी घटना न हो जो खेल की भावना के विपरीत हो या किसी भी टीम के सम्मान को ठेस पहुंचाए. BCB ने स्पष्ट किया कि खेल भावना का पालन करना और प्रतिद्वंद्वी का सम्मान करना सिर्फ एक औपचारिकता नहीं, बल्कि बांग्लादेश क्रिकेट की पहचान का एक अभिन्न अंग है और यह युवा खिलाड़ियों के लिए एक महत्वपूर्ण सबक है कि वे प्रतिस्पर्धा के साथ-साथ नैतिक मूल्यों को भी प्राथमिकता दें.

मैच के बाद दिखी खेल भावना

हालांकि, मैच की शुरुआत में हुए इस विवाद के बावजूद, जब भारत और बांग्लादेश के बीच अंडर. 19 वर्ल्ड कप 2026 का मुकाबला समाप्त हुआ, तब दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने एक-दूसरे से हाथ मिलाया. यह दृश्य खेल भावना का एक शानदार उदाहरण था और इसने दिखाया कि मैदान पर प्रतिस्पर्धा के बावजूद, आपसी सम्मान और सौहार्द का महत्व बना रहता है. यह घटना इस बात का प्रमाण है कि क्रिकेट के मैदान पर तात्कालिक गलतफहमियां हो सकती हैं, लेकिन अंततः खेल की भावना और सम्मान की परंपरा कायम रहती है. इस मैच में भारत ने डकवर्थ लुइस पद्धति से बांग्लादेश को 18 रनों से. हराया था, जिससे भारतीय टीम ने जीत के साथ अपने अभियान को आगे बढ़ाया. यह जीत भारतीय टीम के लिए महत्वपूर्ण थी, लेकिन इस घटना ने युवा क्रिकेटरों के लिए खेल भावना के महत्व पर एक महत्वपूर्ण चर्चा छेड़ दी है.

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