मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच संयुक्त अरब अमीरात (UAE) पर ईरान की ओर से बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए गए हैं। यूएई के रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, हालिया हमले में ईरान ने 16 बैलिस्टिक मिसाइलें और 121 मानव रहित विमान (UAV) यानी ड्रोन दागे। यूएई की वायु रक्षा प्रणाली ने इन हमलों को विफल करने के लिए सक्रिय कार्रवाई की। अधिकारियों के अनुसार, यह हमला क्षेत्रीय सुरक्षा के लिहाज से एक गंभीर घटना है, जिसने खाड़ी देशों में सुरक्षा चिंताओं को और बढ़ा दिया है।
हालिया हमले और वायु रक्षा प्रणाली की सक्रियता
रक्षा मंत्रालय के आधिकारिक बयान के अनुसार, आज हुए हमले में ईरान ने कुल 16 बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं। यूएई के उन्नत एयर डिफेंस सिस्टम ने इनमें से 15 मिसाइलों को हवा में ही सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया। शेष एक मिसाइल समुद्र में जा गिरी, जिससे जान-माल का कोई नुकसान नहीं हुआ। ड्रोन हमलों की बात करें तो, ईरान ने कुल 121 ड्रोन यूएई की सीमा की ओर भेजे थे। इनमें से 119 ड्रोनों को रक्षा प्रणाली ने पहचान कर हवा में ही मार गिराया। हालांकि, 2 ड्रोन यूएई की मुख्य भूमि पर गिरने में सफल रहे। मंत्रालय ने इन हमलों को विफल करने में अपनी रक्षा प्रणालियों की प्रभावशीलता की पुष्टि की है।
28 फरवरी से अब तक के हमलों का सांख्यिकीय विवरण
यूएई के रक्षा मंत्रालय ने 28 फरवरी से शुरू हुए इन हमलों का एक विस्तृत डेटा जारी किया है। आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि के दौरान ईरान ने यूएई की ओर कुल 221 बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं। इनमें से 205 मिसाइलों को यूएई के रक्षा तंत्र ने सफलतापूर्वक मार गिराया है। 14 मिसाइलें समुद्र के विभिन्न हिस्सों में गिरीं, जबकि केवल 2 मिसाइलें यूएई की जमीन तक पहुंचने में सफल रहीं। इन आंकड़ों से स्पष्ट होता है कि यूएई का रक्षा कवच अधिकांश हमलों को रोकने में सक्षम रहा है। इसके अलावा, रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इन मिसाइलों और ड्रोनों को रोकने में आने वाला खर्च कई छोटे देशों के कुल रक्षा बजट से भी अधिक हो चुका है।
ड्रोन और क्रूज मिसाइल हमलों का व्यापक प्रभाव
मिसाइलों के अलावा, ड्रोन हमलों की संख्या काफी अधिक रही है और मंत्रालय के अनुसार, अब तक कुल 1305 ड्रोन यूएई की ओर छोड़े गए हैं। इनमें से 1229 ड्रोनों को इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया गया, जबकि 76 ड्रोन यूएई के विभिन्न इलाकों में गिरे। इसके अतिरिक्त, यूएई की वायु रक्षा प्रणाली ने 8 क्रूज मिसाइलों की भी पहचान की और उन्हें लक्ष्य तक पहुंचने से पहले ही नष्ट कर दिया। इन हमलों के कारण बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। रक्षा अधिकारियों ने बताया कि ड्रोन हमलों की आवृत्ति और उनकी तकनीक में निरंतर बदलाव देखा जा रहा है, जिससे निपटने के लिए निगरानी तंत्र को और मजबूत किया गया है।
हताहतों की संख्या और अंतरराष्ट्रीय नागरिकों पर असर
इन हमलों के परिणामस्वरूप अब तक कुल 3 लोगों की मृत्यु की पुष्टि हुई है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, मृतकों में पाकिस्तान, नेपाल और बांग्लादेश के एक-एक नागरिक शामिल हैं। इसके अलावा, कुल 112 लोग घायल हुए हैं। घायलों की सूची में विभिन्न देशों के नागरिक शामिल हैं, जो यूएई में कार्यरत या निवासी हैं। इनमें भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका, मिस्र, इथियोपिया, फिलीपींस, ईरान, अजरबैजान, यमन, युगांडा, इरीट्रिया, लेबनान, अफगानिस्तान, बहरीन, कोमोरोस और तुर्किये के नागरिक शामिल हैं। अधिकांश घायलों को मामूली चोटें आई हैं और उन्हें आवश्यक चिकित्सा सहायता प्रदान की गई है।
क्षेत्रीय तनाव और राजनयिक घटनाक्रम
इस सैन्य संघर्ष के बीच अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बयानबाजी तेज हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक हालिया सोशल मीडिया पोस्ट ने स्थिति को और संवेदनशील बना दिया है। ट्रंप ने ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन की उस टिप्पणी को 'आत्मसमर्पण' करार दिया, जिसमें उन्होंने पड़ोसी देशों पर हमले न करने की बात कही थी और ईरान के भीतर भी राष्ट्रपति की इस नरम रुख वाली टिप्पणी को लेकर आंतरिक विरोध की खबरें हैं। यूएई के रक्षा मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि देश की सेना किसी भी प्रकार के खतरे से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है और अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। मंत्रालय ने दोहराया कि यूएई अपनी सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाता रहेगा।