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उदित नारायण पर पहली पत्नी के गंभीर आरोप, जबरन गर्भाशय निकलवाने की शिकायत

उदित नारायण पर पहली पत्नी के गंभीर आरोप, जबरन गर्भाशय निकलवाने की शिकायत
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बॉलीवुड के प्रसिद्ध पार्श्व गायक उदित नारायण एक बार फिर कानूनी विवादों के केंद्र में आ गए हैं। उनकी पहली पत्नी होने का दावा करने वाली रंजना झा ने बिहार के सुपौल जिले के महिला पुलिस थाने में एक औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। इस शिकायत में उन्होंने गायक पर अत्यंत गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसमें उनकी सहमति के बिना चिकित्सकीय प्रक्रिया के माध्यम से उनका गर्भाशय (यूट्रस) निकलवाना शामिल है। रंजना झा मंगलवार को अपने कानूनी सलाहकार के साथ थाने पहुंचीं और अधिकारियों को अपना आवेदन सौंपा। इस मामले ने मनोरंजन जगत और स्थानीय प्रशासन के बीच हलचल पैदा कर दी है क्योंकि इसमें तीन दशक पुराने घटनाक्रमों का उल्लेख किया गया है।

जबरन सर्जरी और धोखाधड़ी के गंभीर आरोप

रंजना झा द्वारा दी गई शिकायत के अनुसार, यह घटना वर्ष 1996 की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि उदित नारायण और उनके भाइयों ने उन्हें बेहतर इलाज का झांसा देकर दिल्ली के एक प्रतिष्ठित अस्पताल में भर्ती कराया था। रंजना का दावा है कि उस समय उनकी जानकारी या लिखित सहमति के बिना ही उनका गर्भाशय निकाल दिया गया। उन्होंने अपनी शिकायत में स्पष्ट किया है कि उन्हें इस सर्जरी की वास्तविकता के बारे में कई वर्षों बाद पता चला, जब उन्होंने अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के लिए डॉक्टरों से परामर्श किया। रंजना के अनुसार, इस कथित साजिश में उदित नारायण के साथ उनके दो भाई, संजय कुमार झा और ललित नारायण झा, और उनकी दूसरी पत्नी दीपा नारायण भी शामिल थीं।

विवाह और दूसरी शादी का विवादित घटनाक्रम

शिकायतकर्ता रंजना झा, जो सुपौल के चंद्रकांत झा की 61 वर्षीय पुत्री हैं, ने अपने वैवाहिक इतिहास का विवरण भी साझा किया है। उनके अनुसार, उदित नारायण के साथ उनका विवाह 7 दिसंबर 1984 को हिंदू रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुआ था। विवाह के एक वर्ष बाद, 1985 में उदित नारायण अपने गायन करियर को आगे बढ़ाने के लिए मुंबई चले गए। रंजना का आरोप है कि मुंबई जाने के बाद उदित ने उनसे दूरी बना ली और बाद में दीपा नारायण से दूसरी शादी कर ली। रंजना ने दावा किया कि जब भी उन्होंने इस विषय पर उदित से स्पष्टीकरण मांगा, उन्हें गुमराह किया गया या सच्चाई छिपाने का प्रयास किया गया।

उपेक्षा और आर्थिक सहायता का अभाव

रंजना झा ने अपनी शिकायत में केवल शारीरिक शोषण ही नहीं, बल्कि मानसिक और आर्थिक प्रताड़ना का भी उल्लेख किया है और उन्होंने बताया कि 2006 में जब उन्होंने मुंबई जाकर अपने अधिकारों की मांग की, तो उन्हें घर में प्रवेश करने से रोक दिया गया और उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया। इसके बाद, जब वे नेपाल स्थित अपने ससुराल पहुंचीं, तो वहां भी उन्हें अपमानित कर निकाल दिया गया। रंजना का कहना है कि वे वर्तमान में अपने मायके में रह रही हैं और गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उदित नारायण ने अतीत में समझौते के कई वादे किए थे, लेकिन वे कभी पूरे नहीं हुए और उन्हें किसी भी प्रकार की आर्थिक सहायता नहीं दी जा रही है।

कानूनी विश्लेषण और पुलिस की कार्रवाई

कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, यह मामला काफी जटिल है क्योंकि आरोपित घटनाएं लगभग 30 वर्ष पुरानी हैं। भारतीय दंड संहिता के तहत इतने पुराने मामलों में साक्ष्य जुटाना पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती हो सकती है। हालांकि, बिना सहमति के अंग निकालना एक गंभीर आपराधिक कृत्य की श्रेणी में आता है। सुपौल महिला थाना प्रभारी अंजू तिवारी ने मीडिया को बताया कि शिकायत प्राप्त हो गई है और पुलिस प्राथमिक जांच कर रही है। चूंकि मामला दशकों पुराना है, इसलिए पुलिस मेडिकल रिकॉर्ड और पुराने दस्तावेजों के सत्यापन पर ध्यान केंद्रित कर रही है। जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

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