रूस पर यूक्रेन का भीषण हमला: 822 ड्रोनों से मचाई तबाही, 6 की मौत

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रूस पर यूक्रेन का भीषण हमला: 822 ड्रोनों से मचाई तबाही, 6 की मौत
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यूक्रेन ने रूस के खिलाफ युद्ध की शुरुआत के बाद से अब तक के सबसे बड़े हवाई हमलों में से एक को अंजाम दिया है और रविवार को यूक्रेन ने रूस के विभिन्न हिस्सों में सैकड़ों ड्रोनों के साथ एक व्यापक हमला किया, जिससे पूरे देश में हड़कंप मच गया। रूसी अधिकारियों द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, इस भीषण हमले में कम से कम 6 लोगों की मौत हो गई है। इस हमले की गंभीरता को देखते हुए रूस के कई महत्वपूर्ण इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया गया है। यह युद्ध अब अपने पांचवें वर्ष में प्रवेश कर चुका है, और इस तरह के हमले संघर्ष के और गहराने का संकेत दे रहे हैं।

822 ड्रोनों का हमला और रूसी रक्षा मंत्रालय की कार्रवाई

रूस के रक्षा मंत्रालय ने इस हमले के आंकड़ों को साझा करते हुए बताया कि उनकी वायु रक्षा प्रणालियों ने रातभर में कुल 822 ड्रोनों को नष्ट किया है। मंत्रालय के अनुसार, इन ड्रोनों में से लगभग 600 ड्रोन सीधे रूस की राजधानी मॉस्को की ओर बढ़ रहे थे। इतनी बड़ी संख्या में ड्रोनों का एक साथ हमला करना यूक्रेन की बढ़ती मारक क्षमता और उसकी रणनीति में आए बदलाव को दर्शाता है। हमले के बाद रूस के कई क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी अन्य संभावित खतरे से निपटा जा सके।

विभिन्न क्षेत्रों में हुई मौतें और नुकसान

इस बड़े पैमाने पर हुए हमले का असर रूस के कई इलाकों में देखा गया। दक्षिण-पश्चिमी रोस्तोव क्षेत्र के गवर्नर यूरी स्ल्यूसर ने जानकारी दी कि क्षेत्र के तीन अलग-अलग शहरों पर हुए हमलों में 5 लोगों की मौत हो गई है। इसके अलावा, मॉस्को क्षेत्र में भी एक दुखद घटना सामने आई जहां यूक्रेन का एक ड्रोन एक निजी मकान पर जा गिरा। इस हादसे में एक 83 वर्षीय व्यक्ति की जान चली गई। इन हमलों ने रूसी नागरिकों के बीच असुरक्षा की भावना को बढ़ा दिया है।

समारा क्षेत्र और औद्योगिक बुनियादी ढांचे पर हमला

रविवार के हमले से पहले, शनिवार को भी यूक्रेन ने रूस के दक्षिण-पश्चिमी समारा क्षेत्र को निशाना बनाया था। समारा के प्रमुख इवान नोस्कोव ने बताया कि वायु रक्षा बलों ने एक बड़े पैमाने के मिसाइल हमले को विफल कर दिया। हालांकि, इस हमले के कारण शहर के औद्योगिक प्रतिष्ठानों को स्थानीय स्तर पर नुकसान पहुंचा है। इवान नोस्कोव ने यह भी कहा कि हमले में घायल हुए लोगों को तत्काल मेडिकल हेल्प प्रदान की गई है, लेकिन उन्होंने घायलों की संख्या या उनकी स्थिति के बारे में विस्तृत जानकारी साझा नहीं की।

लंबी दूरी के हमले और जेलेंस्की का बयान

यूक्रेन ने हाल के समय में रूसी सैन्य उद्योगों और ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर अपने लंबी दूरी के हवाई हमलों को काफी तेज कर दिया है। यूक्रेन का मुख्य उद्देश्य युद्ध के लिए मॉस्को के राजस्व स्रोतों में कटौती करना और रूस के आम लोगों को युद्ध के परिणामों का एहसास कराना है। राष्ट्रपति जेलेंस्की ने सोशल मीडिया पर इस रणनीति की पुष्टि करते हुए कहा कि रूस में शांति की जरूरत महसूस होनी चाहिए। जेलेंस्की ने बताया कि यूक्रेनी बलों ने समारा स्थित प्रोग्रेस सेंटर पर हमला किया है, जो रूसी अंतरिक्ष एजेंसी रोसकॉसमॉस के तहत काम करता है और रॉकेट टेक्नोलॉजी व इलेक्ट्रॉनिक्स के निर्माण में शामिल है।

फ्लेमिंगो मिसाइल का इस्तेमाल और मारक क्षमता

जेलेंस्की ने खुलासा किया कि प्रोग्रेस सेंटर जैसे महत्वपूर्ण प्रतिष्ठान को निशाना बनाने के लिए यूक्रेन में ही निर्मित फ्लेमिंगो मिसाइल का उपयोग किया गया था। यह स्थान यूक्रेन की सीमा से लगभग 900 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इसके अलावा, उन्होंने बताया कि अग्रिम मोर्चे से करीब 700 किलोमीटर दूर स्थित रूस के सावास्लेइका हवाई अड्डे को भी निशाना बनाया गया। हालांकि यूक्रेन के अधिकांश हमलों की मारक क्षमता पहले 200 किलोमीटर से कम थी, लेकिन इस साल उसकी लंबी दूरी के हमलों में भारी वृद्धि देखी गई है। इससे पहले 10 अगस्त को भी दोनों देशों ने एक-दूसरे पर रातभर बमबारी की थी, जिसमें कई लोगों की जान गई थी।

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