उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने पुलिस प्रशासन को चुस्त-दुरुस्त करने के उद्देश्य से एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। शासन द्वारा जारी नवीनतम आदेश के अनुसार, राज्य में 24 वरिष्ठ भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारियों का स्थानांतरण किया गया है। इस फेरबदल में लखनऊ जोन के अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) समेत कई महत्वपूर्ण पदों पर नए अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। अपर मुख्य सचिव संजय प्रसाद द्वारा जारी इस सूची में पदोन्नति और क्षेत्रीय संतुलन का विशेष ध्यान रखा गया है।
इस व्यापक फेरबदल का मुख्य केंद्र लखनऊ और अयोध्या जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र रहे हैं। सरकार ने अपराध नियंत्रण और प्रशासनिक समन्वय को बेहतर बनाने के लिए 11 जिलों के पुलिस कप्तानों (एसपी और एसएसपी) को भी बदल दिया है। इस सूची में 1994 बैच से लेकर 2020 बैच तक के अधिकारियों के नाम शामिल हैं, जिन्हें उनकी कार्यक्षमता और अनुभव के आधार पर नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
शीर्ष स्तर पर महत्वपूर्ण बदलाव और पदोन्नति
प्रशासनिक फेरबदल के तहत 1994 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी सुजीत पांडे को लखनऊ जोन के एडीजी पद से स्थानांतरित कर पुलिस महानिदेशक (डीजी), अग्निशमन एवं आपात सेवाएं, मुख्यालय लखनऊ के पद पर तैनात किया गया है। सुजीत पांडे की जगह अब प्रवीण कुमार लखनऊ जोन के नए एडीजी होंगे। प्रवीण कुमार इससे पहले अयोध्या परिक्षेत्र के आईजी/एडीजी के रूप में कार्यरत थे। अयोध्या जैसे संवेदनशील क्षेत्र में उनके अनुभव को देखते हुए उन्हें राजधानी लखनऊ की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है।
एस. इमैन्युअल को आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) के पुलिस महानिरीक्षक पद से हटाकर पुलिस महानिदेशक का जीएसओ (GSO) नियुक्त किया गया है। वहीं, विनोद कुमार सिंह को कानपुर कमिश्नरेट के संयुक्त पुलिस आयुक्त पद से स्थानांतरित कर मुरादाबाद स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर पुलिस अकादमी में पुलिस महानिरीक्षक के पद पर भेजा गया है और ये बदलाव पुलिस मुख्यालय और प्रशिक्षण संस्थानों में नेतृत्व को मजबूत करने के दृष्टिकोण से किए गए हैं।
11 जिलों को मिले नए पुलिस कप्तान
सरकार ने कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए 11 जिलों में नए एसएसपी और एसपी की तैनाती की है। डॉ. कौस्तुभ को जौनपुर से हटाकर गोरखपुर का नया वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) बनाया गया है। मेरठ की कमान अब अविनाश पांडे संभालेंगे, जो इससे पहले 01वीं वाहिनी एसएसएफ लखनऊ में तैनात थे। इसी तरह, बस्ती के एसपी अभिनंदन को पदोन्नत कर सहारनपुर का एसएसपी नियुक्त किया गया है।
अन्य जिला स्तरीय बदलावों में यशवीर सिंह को रायबरेली से बस्ती का एसपी, कुंवर अनुपम सिंह को सुल्तानपुर से जौनपुर का एसपी और अपर्णा रजत कौशिक को अमेठी से मिर्जापुर का एसपी बनाया गया है। लखीमपुर खीरी की जिम्मेदारी डॉ. ख्याति गर्ग को दी गई है, जबकि चारू निगम सुल्तानपुर की नई एसपी होंगी। रायबरेली में रवि कुमार, पीलीभीत में सुकीर्ति माधव और अमेठी में सर्वानन टी को नया पुलिस कप्तान नियुक्त किया गया है।
कमिश्नरेट और विशेष इकाइयों में नई नियुक्तियां
पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली वाले शहरों में भी महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। गाजियाबाद कमिश्नरेट से आलोक प्रियदर्शी को वाराणसी कमिश्नरेट में अपर पुलिस आयुक्त के पद पर भेजा गया है। वहीं, राज करन नैय्यर को गोरखपुर से गाजियाबाद कमिश्नरेट का अपर पुलिस आयुक्त बनाया गया है। कानपुर कमिश्नरेट में संकल्प शर्मा और विपिन टाडा को संयुक्त पुलिस आयुक्त की जिम्मेदारी दी गई है।
विशेष इकाइयों की बात करें तो अभिषेक यादव को पीलीभीत से हटाकर एटीएस (ATS) लखनऊ में डीआईजी के पद पर तैनात किया गया है। आशीष तिवारी को सहारनपुर से तकनीकी सेवाएं लखनऊ में डीआईजी बनाया गया है। संभल की अपर पुलिस अधीक्षक अनुकृति शर्मा (2020 बैच) को पदोन्नत कर गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) कमिश्नरेट में अपर पुलिस उपायुक्त (एडीसीपी) के पद पर नई जिम्मेदारी दी गई है।
प्रशासनिक विश्लेषण और प्रभाव
विश्लेषकों के अनुसार, यह फेरबदल राज्य में आगामी प्रशासनिक चुनौतियों और सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में एक कदम है। लखनऊ और अयोध्या जैसे क्षेत्रों में अधिकारियों का बदलाव यह संकेत देता है कि सरकार संवेदनशील क्षेत्रों में अनुभवी नेतृत्व को प्राथमिकता दे रही है और 11 जिलों के कप्तानों का बदलाव स्थानीय स्तर पर पुलिसिंग को नई ऊर्जा देने और अपराध दर पर लगाम लगाने के उद्देश्य से प्रेरित माना जा रहा है।
निष्कर्षतः, उत्तर प्रदेश सरकार का यह निर्णय पुलिस विभाग के भीतर कार्यकुशलता बढ़ाने और अधिकारियों को उनके प्रदर्शन के आधार पर नई भूमिकाएं देने की रणनीति का हिस्सा है। इन तबादलों के तत्काल प्रभाव से लागू होने के साथ ही, सभी संबंधित अधिकारियों को अपने नए कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।