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उर्मिला मातोंडकर का 52वां जन्मदिन: रामगोपाल वर्मा के साथ 13 फिल्मों का सफर

उर्मिला मातोंडकर का 52वां जन्मदिन: रामगोपाल वर्मा के साथ 13 फिल्मों का सफर
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भारतीय सिनेमा की बहुमुखी अभिनेत्री उर्मिला मातोंडकर आज अपना 52वां जन्मदिन मना रही हैं। 4 फरवरी 1974 को मुंबई में जन्मी उर्मिला ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत एक बाल कलाकार के रूप में की थी और 90 के दशक में वह बॉलीवुड की सबसे प्रभावशाली अभिनेत्रियों में से एक बनकर उभरीं। उनके करियर में निर्देशक रामगोपाल वर्मा के साथ उनके पेशेवर संबंधों और 13 फिल्मों के सहयोग को भारतीय फिल्म इतिहास के एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में देखा जाता है।

बाल कलाकार से मुख्य अभिनेत्री तक का सफर

उर्मिला मातोंडकर ने मात्र 7 साल की उम्र में साल 1981 में फिल्म ‘कलयुग’ के जरिए अभिनय की दुनिया में कदम रखा था। हालांकि, उन्हें व्यापक पहचान साल 1983 में आई शेखर कपूर की फिल्म ‘मासूम’ से मिली, जिसमें उनके अभिनय की काफी सराहना हुई। इसके बाद उन्होंने साल 1991 में फिल्म ‘नरसिम्हा’ से बतौर मुख्य अभिनेत्री बॉलीवुड में अपनी शुरुआत की। इस फिल्म में उनके साथ सनी देओल और डिंपल कपाड़िया जैसे दिग्गज कलाकार थे, लेकिन उर्मिला के करियर को असली उड़ान साल 1995 में मिली।

'रंगीला' और रामगोपाल वर्मा के साथ 13 फिल्मों का सहयोग

साल 1995 में रिलीज हुई फिल्म ‘रंगीला’ उर्मिला के करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुई। इस फिल्म का निर्देशन रामगोपाल वर्मा ने किया था। विश्लेषकों के अनुसार, इस फिल्म ने न केवल उर्मिला को रातों-रात स्टार बना दिया, बल्कि उनके और रामगोपाल वर्मा के बीच एक लंबे पेशेवर सहयोग की नींव भी रखी। उर्मिला ने रामगोपाल वर्मा के साथ कुल 13 फिल्मों में काम किया, जिनमें हिंदी और दक्षिण भारतीय फिल्में शामिल हैं। इस सूची में 'अंथम', 'द्रोही', 'गायम', 'अंगनगा ओका राजू', 'दौड़', 'सत्या', 'कौन', 'मस्त', 'जंगल', 'कंपनी', 'भूत' और 'आग' जैसी फिल्में प्रमुख हैं।

विविध शैलियों में अभिनय और कलात्मक प्रयोग

उर्मिला मातोंडकर को उनकी अभिनय विविधता के लिए जाना जाता है। जहां 'रंगीला' में उन्होंने एक ग्लैमरस भूमिका निभाई, वहीं 'सत्या' में एक साधारण लड़की और 'कौन' व 'भूत' जैसी फिल्मों में मनोवैज्ञानिक और डरावनी भूमिकाओं के जरिए अपनी अभिनय क्षमता का लोहा मनवाया। फिल्म समीक्षकों के अनुसार, उर्मिला ने उस दौर में लीक से हटकर भूमिकाएं चुनीं, जो तत्कालीन अभिनेत्रियों के लिए चुनौतीपूर्ण मानी जाती थीं और उनके इस साहसी चुनाव ने उन्हें एक 'परफॉर्मर' के रूप में स्थापित किया।

राजनीतिक पारी और वर्तमान स्थिति

अभिनय के क्षेत्र में सफलता प्राप्त करने के बाद उर्मिला मातोंडकर ने राजनीति में भी कदम रखा। साल 2019 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के टिकट पर उत्तर मुंबई निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ा। हालांकि, उन्हें भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार से हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद उन्होंने शिवसेना का दामन थाम लिया। वर्तमान में वह फिल्मों में कम सक्रिय हैं, लेकिन सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर अपनी मुखर राय रखने के लिए जानी जाती हैं।

सिनेमाई विरासत

उर्मिला मातोंडकर का फिल्मी सफर यह दर्शाता है कि कैसे एक कलाकार अपनी मेहनत और सही निर्देशन के तालमेल से सिनेमा में अपनी जगह बना सकता है। रामगोपाल वर्मा के साथ उनकी फिल्मों ने न केवल व्यावसायिक सफलता हासिल की, बल्कि तकनीकी और रचनात्मक स्तर पर भी भारतीय सिनेमा को नए आयाम दिए और आज उनके जन्मदिन पर प्रशंसक और फिल्म जगत के लोग उनके योगदान को याद कर रहे हैं।

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