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ईरान पर 'पैकेज स्ट्राइक' का ऐलान, अमेरिकी रक्षा मंत्री ने दी जानकारी

ईरान पर 'पैकेज स्ट्राइक' का ऐलान, अमेरिकी रक्षा मंत्री ने दी जानकारी
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वाशिंगटन स्थित पेंटागन में एक महत्वपूर्ण प्रेस ब्रीफिंग के दौरान अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने ईरान के खिलाफ चल रहे सैन्य अभियान 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' को लेकर बड़े खुलासे किए हैं। हेगसेथ ने घोषणा की कि अमेरिकी सेना आज रात ईरान पर एक व्यापक 'पैकेज स्ट्राइक' करने जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह हमला ईरान की सैन्य क्षमताओं को पूरी तरह से पंगु बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम होगा। रक्षा मंत्री के अनुसार, अमेरिका इस संघर्ष में अपनी शर्तों पर जीत हासिल कर रहा है और ईरान की जवाबी कार्रवाई करने की क्षमता लगातार कम होती जा रही है।

ऑपरेशन एपिक फ्यूरी और सैन्य लक्ष्यों का विवरण

रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने बताया कि अमेरिकी सेना ने अब तक ईरान के भीतर और उसके सैन्य ढांचे से जुड़े 7,000 से अधिक लक्ष्यों पर सटीक हमले किए हैं। उन्होंने इन हमलों को 'सटीकता के साथ भारी बल का इस्तेमाल' करार दिया। हेगसेथ के अनुसार, ये हमले केवल छोटे सैन्य ठिकानों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनमें ईरान के रणनीतिक बुनियादी ढांचे, मिसाइल डिपो और ड्रोन निर्माण केंद्रों को निशाना बनाया गया है। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे समय बीत रहा है, अमेरिका की सैन्य क्षमताएं बढ़ रही हैं, जबकि ईरान की रक्षात्मक और आक्रामक क्षमताएं तेजी से घट रही हैं। आज होने वाले 'पैकेज स्ट्राइक' को पिछले हमलों की तुलना में अधिक व्यापक और विनाशकारी बताया गया है।

राष्ट्रीय सुरक्षा और परमाणु खतरे पर अमेरिकी रुख

ब्रीफिंग के दौरान हेगसेथ ने एक व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए युद्ध की आवश्यकता पर बल दिया और उन्होंने अपने 13 वर्षीय बेटे के साथ हुई बातचीत का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने बताया कि अमेरिकी सैनिक इसलिए बलिदान दे रहे हैं ताकि आने वाली पीढ़ियों को ईरान के परमाणु खतरे का सामना न करना पड़े। हेगसेथ ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का प्रशासन किसी भी ऐसी व्यवस्था को बर्दाश्त नहीं करेगा जो परमाणु हथियार हासिल करने के करीब पहुंच रही हो। उन्होंने कहा कि ईरान ने दशकों से अपने देश के संसाधनों का उपयोग जनता के कल्याण के बजाय मिसाइलों, ड्रोनों और आतंकी प्रॉक्सी समूहों को पालने में किया है। अमेरिका का लक्ष्य इन दबी हुई सुविधाओं और हथियारों के जखीरे को पूरी तरह समाप्त करना है।

खाड़ी देशों का सहयोग और क्षेत्रीय गठबंधन

क्षेत्रीय सुरक्षा समीकरणों पर चर्चा करते हुए हेगसेथ ने खाड़ी देशों की भूमिका की सराहना की और उन्होंने कहा कि ईरान द्वारा नागरिक बुनियादी ढांचे पर किए गए लापरवाह हमलों ने कई अरब देशों को अमेरिका के साथ खड़ा कर दिया है। रक्षा मंत्री ने विशेष रूप से संयुक्त अरब अमीरात (UAE), कतर, बहरीन, कुवैत और सऊदी अरब का नाम लिया, जो इस अभियान में अमेरिका के साथ सहयोग कर रहे हैं और उन्होंने कहा कि ये देश न केवल रक्षात्मक रूप से साथ हैं, बल्कि क्षेत्रीय स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय रूप से भागीदारी कर रहे हैं। हेगसेथ के अनुसार, ईरान ने सुन्नी और शिया दोनों तरह के चरमपंथी समूहों को पनाह दी है, जिससे पूरे मध्य पूर्व की सुरक्षा को खतरा पैदा हुआ है।

सैन्य फंडिंग और युद्ध की समयसीमा

युद्ध के वित्तीय पहलुओं पर बात करते हुए हेगसेथ ने लगभग $200 billion की राशि का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 'बुरे लोगों को मारने के लिए पैसे लगते हैं' और भविष्य के अभियानों के लिए उचित फंडिंग की आवश्यकता है। जब उनसे युद्ध की समाप्ति की समयसीमा के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने स्पष्ट किया कि इसके लिए कोई निश्चित तारीख तय नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह से राष्ट्रपति ट्रंप के निर्णय पर निर्भर करेगा कि कब अमेरिकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लक्ष्य प्राप्त मान लिए जाएं और हेगसेथ ने विश्वास जताया कि अमेरिकी सेना पूरी तरह से सही रास्ते पर है और अभियान योजना के अनुसार आगे बढ़ रहा है।

मीडिया की भूमिका और राजनीतिक परिदृश्य

प्रेस ब्रीफिंग के अंत में हेगसेथ ने अमेरिकी मीडिया के एक वर्ग की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ प्रेस संस्थान राष्ट्रपति ट्रंप को असफल होते देखना चाहते हैं। उन्होंने 'ट्रंप डेरेंजमेंट सिंड्रोम' (TDS) का जिक्र करते हुए कहा कि कुछ लोग जानबूझकर सेना की प्रगति को कम करके दिखा रहे हैं और हर कदम पर सवाल उठा रहे हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी जनता जमीनी हकीकत को समझती है और सेना के प्रयासों का समर्थन करती है। हेगसेथ ने सहयोगियों और प्रेस से अपील की कि वे इस निर्णायक मोड़ पर राष्ट्रपति के नेतृत्व को स्वीकार करें और राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति एकजुटता दिखाएं।

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