मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच अमेरिका का रक्षा विभाग (पेंटागन) मंगलवार को एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करने जा रहा है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह प्रेस कॉन्फ्रेंस स्थानीय समयानुसार सुबह 8:00 बजे और भारतीय समयानुसार शाम 6:30 बजे होगी। इस ब्रीफिंग में ईरान के खिलाफ जारी सैन्य अभियान 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' को लेकर बड़े नीतिगत निर्णयों की घोषणा होने की संभावना है। पिछले एक महीने से खाड़ी क्षेत्र में अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के ठिकानों को निशाना बनाया जा रहा है, जिसके जवाब में ईरान ने भी अरब देशों में स्थित अमेरिकी और इजरायली संपत्तियों पर हमले तेज कर दिए हैं।
ईरान का इजरायल पर व्यापक साइबर हमला
युद्ध के मैदान के साथ-साथ अब डिजिटल मोर्चे पर भी संघर्ष तेज हो गया है और रिपोर्टों के अनुसार, ईरान ने इजरायल के खिलाफ एक बड़ा साइबर हमला किया है। इस हमले में लगभग 50 इजरायली कंपनियों के संवेदनशील डेटा में सेंध लगाने का दावा किया गया है। साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, हैकर्स ने न केवल डेटा चोरी किया है, बल्कि कई सुरक्षा कैमरों (CCTV) के नेटवर्क को भी हैक कर लिया है। जांच में एक हैकर की लोकेशन ईरान की राजधानी तेहरान में पाई गई है। इस हमले ने इजरायल के बुनियादी ढांचे की सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं, क्योंकि इसमें निजी और सरकारी दोनों क्षेत्रों की कंपनियों को निशाना बनाया गया है।
इस्फहान और दुबई में भीषण विस्फोटों की रिपोर्ट
ईरान के इस्फहान प्रांत में मंगलवार तड़के भीषण विस्फोटों की खबरें मिली हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया है, जिसमें इस्फहान में हुए धमाकों के बाद आसमान में नारंगी रंग की लपटें दिखाई दे रही हैं। स्थानीय मीडिया के अनुसार, ये धमाके रणनीतिक ठिकानों के पास हुए हैं। वहीं, संयुक्त अरब अमीरात के दुबई शहर में भी धमाकों की आवाजें सुनी गई हैं। समाचार एजेंसी एएफपी के अनुसार, संयुक्त अरब अमीरात के आपदा एवं आपातकालीन प्रबंधन प्राधिकरण ने मिसाइल हमलों के खतरे को देखते हुए सुरक्षा उपाय शुरू कर दिए हैं। अधिकारियों ने निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर रहने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने का निर्देश दिया है।
आईआरजीसी द्वारा प्रतिशोध की चेतावनी
इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड्स कोर (आईआरजीसी) ने अपने नौसेना कमांडर अलीरेज़ा तंगसिरी की मौत का बदला लेने की आधिकारिक घोषणा की है। तंगसिरी हाल ही में हुए अमेरिकी-इजरायली हमलों में मारे गए थे। आईआरजीसी के वरिष्ठ सैन्य कमांडर अली अब्दुल्लाही ने सरकारी प्रेस टीवी के माध्यम से बयान जारी कर कहा कि उनके लड़ाके दुश्मनों पर अब तक का सबसे भीषण प्रहार करेंगे। इस बयान के बाद क्षेत्र में तैनात अमेरिकी और इजरायली सेनाओं को हाई अलर्ट पर रखा गया है। ईरान की ओर से आने वाली इन धमकियों ने कूटनीतिक प्रयासों को और अधिक जटिल बना दिया है।
तेल बाजार और समुद्री सुरक्षा पर प्रभाव
खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव का सीधा असर वैश्विक तेल बाजार पर देखा जा रहा है और दुबई के तट पर कुवैती तेल टैंकर 'अल-सलमी' पर हुए ईरानी हमले के बाद वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) वायदा की कीमतों में लगभग 4% की वृद्धि दर्ज की गई, जिससे भाव 107 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। हालांकि, वाशिंगटन जर्नल की एक रिपोर्ट के बाद कीमतों में मामूली गिरावट देखी गई, जिसमें कहा गया था कि डोनाल्ड ट्रंप होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने की स्थिति में भी सैन्य कार्रवाई को सीमित करने पर विचार कर सकते हैं। कुवैत का यह विशाल कच्चा तेल वाहक पोत दुबई बंदरगाह के लंगर क्षेत्र में था, जो फारस की खाड़ी से बाहर निकलने का इंतजार कर रहा था।