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US-Iran Peace Talks: डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान, अगले 48 घंटों में हो सकती है वार्ता

US-Iran Peace Talks: डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान, अगले 48 घंटों में हो सकती है वार्ता
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ तनाव कम करने के उद्देश्य से दूसरे दौर की बातचीत के स्पष्ट संकेत दिए हैं। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह कूटनीतिक प्रयास अगले दो दिनों के भीतर शुरू हो सकता है। ट्रंप ने न्यूयॉर्क पोस्ट के साथ एक साक्षात्कार में खुलासा किया कि अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधिमंडल एक बार फिर मेज पर लौट सकते हैं। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में अमेरिकी नौसेना ने सख्त नाकेबंदी कर रखी है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति और क्षेत्रीय सुरक्षा पर गहरा प्रभाव पड़ा है।

इस्लामाबाद में वार्ता की संभावना और ट्रंप का बयान

राष्ट्रपति ट्रंप ने संकेत दिया कि बातचीत का अगला दौर पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में आयोजित किया जा सकता है। उन्होंने विशेष रूप से होटल सेरेना का उल्लेख किया, जहां 11 अप्रैल को दोनों देशों के बीच पहले दौर की बैठक हुई थी। ट्रंप ने पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि वे इस प्रक्रिया में महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं। हालांकि, ट्रंप के बयानों में स्थान को लेकर कुछ अनिश्चितता भी दिखाई दी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि इस्लामाबाद में सहमति नहीं बनती है, तो वार्ता किसी यूरोपीय देश में भी स्थानांतरित की जा सकती है।

होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी सैन्य नाकेबंदी

कूटनीतिक हलचलों के बीच, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने होर्मुज जलडमरूमध्य में अपनी सैन्य उपस्थिति को और मजबूत कर दिया है और अधिकारियों के अनुसार, नाकेबंदी के पहले 24 घंटों के दौरान अमेरिकी सेना ने दावा किया है कि कोई भी व्यापारिक जहाज इस क्षेत्र को पार नहीं कर सका है। इस सैन्य अभियान में 10,000 से अधिक सैनिक, कई अत्याधुनिक युद्धपोत और टोही विमान तैनात किए गए हैं। अमेरिकी सेना का मुख्य उद्देश्य ईरान के तटीय क्षेत्रों और बंदरगाहों से होने वाली आवाजाही को नियंत्रित करना है।

जहाजों की आवाजाही पर विरोधाभासी रिपोर्ट

CENTCOM की रिपोर्ट के मुताबिक, कम से कम 6 व्यापारिक जहाजों ने अमेरिकी नौसेना के निर्देशों का पालन करते हुए अपना मार्ग बदल लिया और वापस ईरानी बंदरगाहों की ओर लौट गए। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय मीडिया और ट्रैकिंग डेटा के कुछ अन्य स्रोतों ने अलग दावे किए हैं। कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया है कि नाकेबंदी के बावजूद ईरान से जुड़े कम से कम 4 जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य को पार करने में सफल रहे हैं। अमेरिकी अधिकारियों ने इन दावों पर फिलहाल कोई विस्तृत टिप्पणी नहीं की है, लेकिन सैन्य निगरानी को और कड़ा कर दिया गया है।

पहले दौर की वार्ता और वर्तमान गतिरोध

अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह के युद्धविराम की घोषणा के बाद इस्लामाबाद में पहली मुलाकात हुई थी। हालांकि, वह बैठक किसी ठोस परिणाम पर पहुंचे बिना समाप्त हो गई थी। दोनों पक्षों ने वार्ता की विफलता के लिए एक-दूसरे की शर्तों को जिम्मेदार ठहराया था। वर्तमान में, ट्रंप प्रशासन का कहना है कि वे बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन साथ ही सैन्य दबाव भी बनाए रखेंगे। पाकिस्तान इस पूरे घटनाक्रम में एक मध्यस्थ के रूप में उभर रहा है, जो दोनों देशों को एक साझा मंच पर लाने का प्रयास कर रहा है।

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