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ईरान-अमेरिका युद्ध: 25 दिनों में 4 सैन्य अधिकारी बर्खास्त, नेवल सेक्रेटरी फेलन हटाए गए

ईरान-अमेरिका युद्ध: 25 दिनों में 4 सैन्य अधिकारी बर्खास्त, नेवल सेक्रेटरी फेलन हटाए गए
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ईरान के साथ जारी युद्ध में अमेरिका के सैन्य अभियानों के विफल होने के प्रमाण सामने आने लगे हैं और पेंटागन ने हालिया कार्रवाई करते हुए नेवल सेक्रेटरी जॉन फेलन को उनके पद से बर्खास्त कर दिया है। उन पर ईरान में होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकाबंदी को न खुलवा पाने का आरोप लगाया गया है। पिछले 25 दिनों के भीतर अमेरिकी सेना के कुल 4 बड़े अधिकारियों को जंग में अपेक्षित सफलता न मिलने के कारण हटाया जा चुका है।

नेवल सेक्रेटरी जॉन फेलन की बर्खास्तगी और होर्मुज संकट

नेवल सेक्रेटरी जॉन फेलन पिछले डेढ़ साल से इस महत्वपूर्ण पद पर काबिज थे। पेंटागन ने उन्हें होर्मुज में ईरान द्वारा की गई नाकाबंदी को ध्वस्त करने में विफल रहने की वजह से बर्खास्त किया है। हालांकि, आधिकारिक बयान में यह दावा किया गया है कि फेलन ने स्वयं ही अपने इस्तीफे की पेशकश की थी। फेलन पर अपनी कमांड को दरकिनार करने और युद्ध में रणनीतिक सफलता न दिला पाने के गंभीर आरोप हैं।

25 दिनों में बर्खास्त हुए चार शीर्ष सैन्य अधिकारी

जॉन फेलन से पहले अमेरिकी सेना के तीन अन्य बड़े अधिकारियों पर भी गाज गिर चुकी है और इस सूची में आर्मी चीफ जनरल रेंडी जॉर्ज, मेजर जनरल डेविड होंडले और मेजर जनरल विलियम ग्रीन जूनियर के नाम शामिल हैं। इन तीनों ही अधिकारियों को ईरान के खिलाफ युद्ध में सफलता सुनिश्चित न कर पाने के कारण उनके पदों से हटाया गया है और यह कार्रवाई दर्शाती है कि अमेरिकी रक्षा विभाग युद्ध की वर्तमान स्थिति से संतुष्ट नहीं है।

राष्ट्रपति ट्रंप और फेलन के बीच करीबी संबंध

एक्सियोस की रिपोर्ट के अनुसार, जॉन फेलन को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का अत्यंत करीबी अधिकारी माना जाता है और उन्हें कई बार ट्रंप के निजी रिजॉर्ट मार-ए-लागो में राष्ट्रपति के साथ देखा गया है। हाल ही में फेलन और ट्रंप के बीच युद्ध की स्थिति को लेकर टेक्स्ट मैसेज पर बातचीत भी हुई थी और इन करीबी संबंधों के बावजूद, पेंटागन प्रमुख पीट हेगसेथ ने उन्हें पद से हटाने का निर्णय लिया।

अमेरिकी सैन्य विफलता के प्रमुख साक्ष्य

फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका होर्मुज के बाहर प्रभावी नाकाबंदी करने में पूरी तरह विफल रहा है। सेंटकॉम के दावों के विपरीत, बुधवार (22 अप्रैल) को 34 ईरानी जहाज होर्मुज से सुरक्षित गुजर गए, जिन्हें अमेरिकी सेना रोकने में असमर्थ रही। जबकि सेंटकॉम का दावा है कि उसने वहां 10,000 सैनिक तैनात कर रखे हैं। इसके अतिरिक्त, मंगलवार (21 अप्रैल) को इस्लामाबाद में प्रस्तावित पीस डील बैठक में ईरान ने शामिल होने से इनकार कर दिया, जिसके बाद ट्रंप ने सीजफायर को अनिश्चितकाल के लिए बढ़ा दिया।

मिडटर्म इलेक्शन और सीजफायर का निर्णय

सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, डोनाल्ड ट्रंप अब ईरान युद्ध से बाहर निकलना चाहते हैं। इसका मुख्य कारण आगामी संभावित मिडटर्म इलेक्शन बताए जा रहे हैं। ट्रंप को अंदेशा है कि यदि चुनाव तक युद्ध जारी रहा, तो उनकी पार्टी को राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। इसी दबाव के चलते ट्रंप ने ईरान से बिना किसी औपचारिक बातचीत के ही युद्धविराम को अनिश्चितकाल के लिए बढ़ाने का फैसला लिया है।

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