ईरान पर अमेरिकी हमला: कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल, वैश्विक बाजारों में हड़कंप

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ईरान पर अमेरिकी हमला: कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल, वैश्विक बाजारों में हड़कंप
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ईरान पर अमेरिकी सेना के बड़े हमलों के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में एक बार फिर से जबरदस्त इजाफा देखने को मिला है और इस सैन्य कार्रवाई ने वैश्विक बाजारों में हड़कंप मचा दिया है, जिसके परिणामस्वरूप कच्चे तेल के दाम तेजी से ऊपर जा रहे हैं। बुधवार को शुरुआती कारोबार के दौरान कच्चे तेल की कीमतों में लगभग 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। विशेष बात यह है कि क्रूड की कीमतों में लगातार दूसरे दिन यह तेजी देखी जा रही है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी सेना द्वारा ईरान के खिलाफ की गई इस कार्रवाई के बाद युद्धविराम टूटने की आशंकाएं और भी प्रबल हो गई हैं।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की स्थिति

आंकड़ों पर नजर डालें तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है। खाड़ी देशों का प्रतिनिधित्व करने वाला ब्रेंट क्रूड 76 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को पार कर गया है। बुधवार को यह करीब 3 प्रतिशत की तेजी के साथ 76 डॉलर 9 सेंट प्रति बैरल पर कारोबार करता हुआ दिखाई दिया। कारोबारी सत्र के दौरान इसने 76 डॉलर 25 सेंट के स्तर को भी छुआ। यह बढ़ोतरी इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि 6 जुलाई को ब्रेंट क्रूड के दाम 72 डॉलर प्रति बैरल से नीचे बंद हुए थे। दूसरी ओर, अमेरिकी क्रूड यानी डब्ल्यूटीआई के दामों में भी तेजी का रुख बना हुआ है। डब्ल्यूटीआई के दाम 72 डॉलर 50 सेंट के स्तर को पार कर गए हैं। 6 जुलाई के बाद से इसमें करीब 4 डॉलर प्रति बैरल का इजाफा हो चुका है। वर्तमान में इसके दाम करीब 3 प्रतिशत की तेजी के साथ 72 डॉलर 37 सेंट प्रति बैरल पर बने हुए हैं।

क्यों बढ़ी कच्चे तेल की कीमतें?

कच्चे तेल की कीमतों में इस उछाल का मुख्य कारण अमेरिकी सेंट्रल कमांड की कार्रवाई है और अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि ईरान के खिलाफ ये हमले होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे तीन कमर्शियल जहाजों पर ईरानी हमलों के जवाब में किए गए हैं। इसके साथ ही अमेरिका ने ईरानी क्रूड की बिक्री की अनुमति देने वाला जनरल लाइसेंस भी रद्द कर दिया है और कतर ने भी जहाजों पर हुए इन हमलों के लिए सीधे तौर पर ईरान को जिम्मेदार ठहराया है। इन प्रभावित जहाजों में कतर का विशाल लिक्विफाइड नेचुरल गैस टैंकर ‘अल रेकयात’ भी शामिल था, जिसके इंजन रूम में ड्रोन हमले की वजह से आग लग गई थी और हालांकि, चालक दल के सभी सदस्य सुरक्षित हैं और उन्हें वहां से निकाल लिया गया है। समुद्री सुरक्षा सूत्रों ने यह भी जानकारी दी है कि ओमान के पास सऊदी अरब के झंडे वाले एक क्रूड ऑयल टैंकर को भी नुकसान पहुंचा है, जिसके बारे में माना जा रहा है कि वह सुपरटैंकर ‘वेडयान’ था। हालांकि, इस नुकसान के सटीक कारणों का अभी पता नहीं चल सका है।

भारत में पेट्रोल और डीजल के दाम

एक तरफ जहां वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ रही हैं, वहीं दूसरी ओर भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है। आईओसीएल के ताजा आंकड़ों के अनुसार, देश के प्रमुख महानगरों में ईंधन की कीमतें स्थिर हैं। दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 102 रुपये 12 पैसे और डीजल की कीमत 95 रुपये 20 पैसे प्रति लीटर है। कोलकाता में पेट्रोल 113 रुपये 51 पैसे और डीजल 99 रुपये 82 पैसे प्रति लीटर की दर से बिक रहा है। मुंबई में पेट्रोल के दाम 111 रुपये 21 पैसे और डीजल के दाम 97 रुपये 83 पैसे प्रति लीटर दर्ज किए गए हैं। चेन्नई की बात करें तो वहां पेट्रोल 107 रुपये 77 पैसे और डीजल 99 रुपये 55 पैसे प्रति लीटर पर बना हुआ है। गौरतलब है कि मई के महीने में ईंधन की कीमतों में 7 से 8 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई थी। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें स्थिर नहीं हो जातीं, तब तक भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कमी आने की कोई संभावना नहीं है।

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