संयुक्त राज्य अमेरिका की टकसाल यानी यूएस मिंट ने आधिकारिक तौर पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तस्वीर वाला एक नया 1 डॉलर का सिक्का जारी किया है, जिसने पूरे देश में एक नई बहस और विवाद को जन्म दे दिया है। इस सिक्के के जारी होने के साथ ही अमेरिका में करीब 100 साल पुरानी उस परंपरा पर सवाल उठने लगे हैं, जिसके तहत जीवित राष्ट्रपतियों की तस्वीर को मुद्रा पर नहीं लगाया जाता था। यह सिक्का अमेरिका की स्थापना की 250वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में जारी किया गया है, जिसे साल 2026 में बड़े स्तर पर मनाया जाना है। इस ऐतिहासिक अवसर को यादगार बनाने के लिए सरकार ने विशेष डिजाइन वाले सिक्के बाजार में उतारे हैं, लेकिन ट्रंप की मौजूदगी ने इसे राजनीतिक और कानूनी चर्चा का केंद्र बना दिया है।
सिक्के की बनावट और उस पर अंकित विवरण
यूएस मिंट द्वारा बुधवार को बिक्री के लिए उपलब्ध कराया गया यह 1 डॉलर का सिक्का सुनहरे रंग का है। सिक्के के सामने वाले हिस्से पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का चित्र उकेरा गया है। इसके साथ ही इस पर LIBERTY और IN GOD WE TRUST जैसे शब्द लिखे गए हैं। सिक्के पर 1776~2026 की अवधि भी दर्ज है, जो अमेरिका के 250 वर्षों के सफर को दर्शाती है। सिक्के के पिछले हिस्से की बात करें तो वहां अमेरिकी राष्ट्रपति की आधिकारिक मुहर का डिजाइन बनाया गया है, जिसमें एक ढाल के ऊपर 250 का अंक लिखा है। यूएस मिंट का दावा है कि यह सिक्का अमेरिकी पहचान, गौरव और उसकी समृद्ध विरासत का प्रतीक है। हालांकि, ट्रंप की तस्वीर के कारण इस सिक्के को लेकर कानूनी विशेषज्ञों के बीच अलग-अलग राय देखने को मिल रही है।
अमेरिकी कानून और जीवित व्यक्तियों की तस्वीर का नियम
अमेरिका में जीवित लोगों की तस्वीर को सरकारी मुद्रा पर लगाने को लेकर बहुत पुराने और सख्त नियम मौजूद हैं। इस कानूनी व्यवस्था की शुरुआत साल 1866 में हुई थी। उस समय अमेरिकी कांग्रेस ने एक नियम बनाया था, क्योंकि एक सरकारी अधिकारी ने कथित तौर पर अमेरिकी करेंसी पर अपनी ही तस्वीर लगवा दी थी। इस नियम को आम तौर पर थेयर अमेंडमेंट (Thayer Amendment) के नाम से जाना जाता है। इसके तहत अमेरिकी नोटों पर किसी भी जीवित व्यक्ति का चित्र लगाने की अनुमति नहीं दी गई है। हालांकि, यह नियम सिक्कों पर उसी तरह से लागू नहीं होता है जैसे नोटों पर होता है। अमेरिकी संघीय कानून में यह भी स्पष्ट किया गया है कि अमेरिकी करेंसी और सरकारी सिक्योरिटीज पर केवल मृत व्यक्तियों का ही चित्र होना चाहिए। ट्रंप के समर्थकों ने पूर्व में इस नियम में बदलाव के लिए कानून लाने की कोशिश भी की थी, लेकिन वह प्रस्ताव सफल नहीं हो सका था।
ट्रंप की तस्वीर वाला सिक्का कानूनी रूप से कैसे है मान्य?
इस पूरे मामले का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि आखिर यह सिक्का कानूनी रूप से वैध कैसे माना जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस सिक्के को गैरकानूनी नहीं माना जा रहा है और इसकी मुख्य वजह साल 2020 में पारित किया गया एक विशेष कानून है। इस कानून को सर्कुलेशन कलेक्शन कॉइन डिजाइन एक्ट ऑफ 2026 (CCRA) कहा जाता है। विशेष बात यह है कि डोनाल्ड ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल के दौरान ही इस कानून पर हस्ताक्षर किए थे। इस कानून ने अमेरिकी ट्रेजरी को अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ के मौके पर विशेष डिजाइन वाले 1 डॉलर के सिक्के बनाने की अनुमति दी थी। कानून में यह शर्त जरूर रखी गई थी कि सिक्के के पीछे वाले हिस्से पर किसी भी व्यक्ति, चाहे वह जीवित हो या मृत, का चित्र नहीं होना चाहिए। लेकिन ट्रंप की तस्वीर सिक्के के सामने वाले हिस्से पर लगाई गई है। इसलिए शुरुआती तौर पर यह सिक्का कानून के दायरे में आता हुआ दिखाई देता है और इस तरह ट्रंप की तस्वीर वाला नया 1 डॉलर का सिक्का भले ही परंपराओं को तोड़ रहा हो, लेकिन उपलब्ध कानूनी प्रावधानों के आधार पर इसे अवैध नहीं ठहराया जा सकता।