अमेरिकी टेक शेयरों में ऐतिहासिक गिरावट, क्या फूट रहा है एआई का बुलबुला?

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अमेरिकी टेक शेयरों में ऐतिहासिक गिरावट, क्या फूट रहा है एआई का बुलबुला?
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अमेरिकी शेयर बाजार में शुक्रवार का दिन टेक्नोलॉजी कंपनियों के लिए किसी बुरे सपने जैसा साबित हुआ। दिग्गज टेक कंपनियों के शेयरों में आई अचानक भारी गिरावट ने दुनियाभर के निवेशकों को डरा दिया है। सबसे तगड़ा झटका चिप बनाने वाली प्रमुख कंपनी इंटेल को लगा, जिसका शेयर एक ही दिन में 28 रुपये 60 पैसे क्रैश कर गया। सिर्फ इंटेल ही नहीं, बल्कि एनवीडिया, एएमडी, डेल, एचपी के शेयरों में भी भारी बिकवाली देखने को मिली। इस चौतरफा गिरावट से बाजार में डर का माहौल है और अब यह बड़ा सवाल उठने लगा है कि क्या अमेरिका में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई का बुलबुला फूटने की शुरुआत हो चुकी है।

नैस्डेक में 5 जून के बाद एक दिन की सबसे बड़ी गिरावट

टेक शेयरों में मची इस भगदड़ का सीधा असर अमेरिकी इंडेक्स पर पड़ा। शुक्रवार 30 अक्टूबर को नैस्डेक कंपोजिट इंडेक्स 2 रुपये 86 पैसे यानी 747 अंक टूटकर 25,437 के स्तर पर बंद हुआ। फीसदी के हिसाब से देखें तो नैस्डेक में 5 जून के बाद यह एक दिन की सबसे बड़ी गिरावट है। अपने 6 अक्टूबर के रिकॉर्ड क्लोजिंग लेवल से नैस्डेक अब तक 7 रुपये 80 पैसे नीचे आ चुका है। इसके अलावा एस एंड पी 500 इंडेक्स 1 रुपये 82 पैसे गिरकर 7,580 पर आ गया। वहीं डाओ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज भी 1 रुपये 09 पैसे यानी 572 अंक लुढ़ककर 51,770 पर बंद हुआ। अक्टूबर के पूरे महीने में नैस्डेक के साथ एस एंड पी 500 का रिटर्न निगेटिव रहा है, जबकि डाओ जोंस में मामूली बढ़त दर्ज की गई है। रायटर्स के मुताबिक, अकेले अक्टूबर महीने में नैस्डेक 100 की मार्केट वैल्यू 2 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा घट चुकी है।

एनवीडिया से लेकर डेल तक के शेयरों में मचा हाहाकार

शुक्रवार को आई इस सुनामी के पीछे इंटेल के साथ एमेजॉन के खराब तिमाही नतीजों का सबसे बड़ा हाथ रहा। इन नतीजों ने पूरे सेमीकंडक्टर के अलावा सर्वर सेक्टर को भी अपनी चपेट में ले लिया। एआई चिप बनाने वाली सबसे बड़ी कंपनी एनवीडिया का शेयर 4 रुपये 20 पैसे फिसल गया। वहीं दूसरी बड़ी चिप कंपनी एएमडी के शेयर में करीब 11 रुपये की बड़ी गिरावट आई। सर्वर बनाने वाली कंपनियों का हाल भी बेहाल रहा। डेल का शेयर 10 रुपये 80 पैसे टूट गया, जबकि एचपी के शेयर में 9 रुपये 60 पैसे की गिरावट दर्ज की गई। इस बिकवाली का असर सोमवार 3 नवंबर को दुनियाभर के बाजारों पर साफ दिखेगा। खासकर दक्षिण कोरिया के अलावा ताइवान के शेयर बाजारों में भारी गिरावट आ सकती है, क्योंकि इन दोनों बाजारों की तेजी पूरी तरह से टेक्नोलॉजी शेयरों पर ही टिकी हुई है।

कर्ज के बोझ तले दबी कंपनियां और रिटर्न पर उठे बड़े सवाल

इंटेल के साथ एमेजॉन के कमजोर नतीजों ने एआई की बदौलत चल रही बाजार की तेजी पर गहरा संदेह पैदा कर दिया है। निवेशक अब सीधे तौर पर यह सवाल पूछ रहे हैं कि टेक कंपनियां एआई में जो भारी-भरकम पैसा लगा रही हैं, उसका रिटर्न आखिर कितने समय में मिलेगा। बीते कुछ सालों में अमेरिका की टेक कंपनियों के अलावा सेमीकंडक्टर कंपनियों ने कर्ज लेकर काफी पैसा जुटाया है और मेटा, एमेजॉन के साथ अल्फाबेट ने पिछले चार सालों में अरबों डॉलर के बॉन्ड्स जारी किए हैं। अब मेटा ने 97 रुपये 50 पैसे अरब डॉलर का फंड जुटाने का नया प्लान बनाया है। वहीं माइक्रोसॉफ्ट भी बॉन्ड्स के जरिए करीब 25 अरब डॉलर जुटाने पर विचार कर रही है। मॉर्गन स्टेनली का अनुमान है कि अगले साल एआई इंफ्रास्ट्रक्चर पर होने वाला निवेश 1 ट्रिलियन डॉलर के पार निकल जाएगा। कंपनियों पर बढ़ते इसी कर्ज के बोझ ने निवेशकों की नींद उड़ा दी है।

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