Vande Bharat Sleeper: देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन: गुवाहाटी-कोलकाता रूट पर जल्द होगी शुरू, जानें सभी एडवांस फीचर्स
Vande Bharat Sleeper - देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन: गुवाहाटी-कोलकाता रूट पर जल्द होगी शुरू, जानें सभी एडवांस फीचर्स
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस महीने के अंत में गुवाहाटी और कोलकाता के बीच बहुप्रतीक्षित वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे, जो देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन होगी और यह ट्रेन असम और पश्चिम बंगाल के प्रमुख जिलों को कवर करेगी, जिससे इन दो राज्यों के बीच कनेक्टिविटी में एक नया अध्याय जुड़ेगा। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस अत्याधुनिक ट्रेन के विभिन्न। उन्नत फीचर्स और यात्री सुविधाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला है। उन्होंने बताया कि यह ट्रेन न केवल यात्रा को आरामदायक बनाएगी। बल्कि सुरक्षा के मामले में भी एक नया मानक स्थापित करेगी।
अत्याधुनिक सुरक्षा प्रणाली
सुरक्षा की दृष्टि से, वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को एक एडवांस्ड ट्रेन के रूप में डिजाइन किया गया है। इसमें यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कई अत्याधुनिक प्रणालियाँ लगाई गई हैं। इनमें एक उन्नत फायर सेफ्टी सिस्टम शामिल है, जो आग लगने की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करेगा। इसके साथ ही, इसमें वॉटर स्प्रिंकलर मशीन भी लगी है, जो आपात स्थिति में आग बुझाने में सहायक होगी। ट्रेन में AI इंटीग्रेटेड कैमरे लगाए गए हैं, जो निगरानी और सुरक्षा को और भी मजबूत करेंगे। सेंसर डोर की सुविधा भी दी गई है, जो यात्रियों के लिए सुरक्षित और सुगम आवागमन सुनिश्चित करेगी। इसके अतिरिक्त, स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली (कवच) और आपातकालीन टॉक-बैक प्रणाली भी इसमें शामिल है,। जो किसी भी आपात स्थिति में यात्रियों और चालक दल के बीच संचार को आसान बनाएगी।यात्री क्षमता और कोच संरचना
यह 16 डिब्बों वाली ट्रेन कुल 823 यात्रियों को ले जाने में सक्षम है और इसकी डिजाइन गति 180 किलोमीटर प्रति घंटा है, हालांकि, यह फिलहाल गुवाहाटी और कोलकाता के बीच 120-130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी। ट्रेन की कोच संरचना को यात्रियों की विभिन्न आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है और इसमें 11 डिब्बे थर्ड एसी के हैं, जिनमें कुल 611 सीटें उपलब्ध होंगी। इसके अलावा, चार डिब्बे सेकंड एसी के हैं, जिनमें 188 सीटें हैं, और एक डिब्बा फर्स्ट एसी का है, जिसमें 24 सीटें शामिल हैं। यह संरचना विभिन्न वर्गों के यात्रियों को आरामदायक यात्रा का अनुभव प्रदान करेगी।बेहतर यात्रा अनुभव और स्वच्छता
यात्रियों के सुविधा के लिए इस ट्रेन में कई विशेष फीचर्स लगाए गए हैं। इसमें बेहतर कुशनिंग के साथ एर्गोनॉमिक रूप से डिजाइन किए गए बर्थ हैं, जो लंबी यात्रा के दौरान भी आराम सुनिश्चित करेंगे और सुगम आवागमन के लिए वेस्टिब्यूल वाले स्वचालित दरवाजे दिए गए हैं, जिससे कोचों के बीच आना-जाना आसान और सुरक्षित होगा। बेहतर सस्पेंशन और शोर कम करने वाली तकनीक से यात्रा का आराम और भी बढ़ जाएगा, जिससे यात्री शांतिपूर्ण और सुखद यात्रा का अनुभव कर सकेंगे और स्वच्छता का भी विशेष ध्यान रखा गया है। उच्च स्वच्छता मानकों को बनाए रखने के लिए कीटाणुनाशक तकनीक का उपयोग किया गया है। रेल मंत्री वैष्णव ने बताया कि यह कीटाणुनाशक तकनीक 99 और 9 प्रतिशत रोगाणुओं को नष्ट कर देगी, और इसी तकनीक का उपयोग वंदे भारत चेयर-कार संस्करण में भी किया जा रहा है।किराया और स्थानीय भोजन
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इस ट्रेन के चलने से कोलकाता से असम के ट्रैफिक पर सकारात्मक असर पड़ेगा और एक बड़ा वर्ग इस ट्रेन से सफर कर पाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भले ही यह ट्रेन लग्जरी सुविधाओं से लैस है, लेकिन इसका किराया मिडिल क्लास। की जेब को ध्यान में रखते हुए तय किया गया है, ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें। खाने के मामले में भी यात्रियों का विशेष ध्यान रखा जाएगा और यात्रियों को यात्रा के दौरान लोकल फूड परोसा जाएगा, जिससे उन्हें क्षेत्रीय व्यंजनों का स्वाद लेने का अवसर मिलेगा और स्थानीय संस्कृति से जुड़ने का अनुभव मिलेगा। यह पहल न केवल यात्रियों को खुश करेगी बल्कि स्थानीय खाद्य उद्योग को भी बढ़ावा देगी।