Virat Kohli News: विराट कोहली ने साल के आखिरी दिन रचा इतिहास, वनडे रैंकिंग में बनाया अभूतपूर्व रिकॉर्ड
Virat Kohli News - विराट कोहली ने साल के आखिरी दिन रचा इतिहास, वनडे रैंकिंग में बनाया अभूतपूर्व रिकॉर्ड
भारतीय क्रिकेट के दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली ने साल 2025 के आखिरी दिन एक ऐसा ऐतिहासिक रिकॉर्ड अपने नाम किया है, जिसे अभी तक कोई भी अन्य खिलाड़ी हासिल नहीं कर पाया था। उनकी हालिया शानदार बल्लेबाजी ने उन्हें एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है, खासकर साउथ अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीज और विजय हजारे ट्रॉफी में उनके प्रदर्शन ने। यह उपलब्धि उनकी निरंतरता, समर्पण और खेल के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का प्रमाण है, जिसने उन्हें क्रिकेट इतिहास के सबसे महान खिलाड़ियों में से एक के रूप में स्थापित किया है।
दिग्गज हस्तियों को पीछे छोड़ा: विव रिचर्ड्स और शॉन पोलॉक
विराट कोहली ने अपने वनडे करियर में 10वीं बार एक कैलेंडर वर्ष का अंत आईसीसी रैंकिंग में टॉप-2 में रहकर किया है। यह एक ऐसा कारनामा है जो उनकी बेजोड़ निरंतरता और खेल के शीर्ष स्तर पर लंबे समय तक प्रभुत्व को दर्शाता है। क्रिकेट के इतिहास में इतने लंबे समय तक शीर्ष पर बने रहना बेहद मुश्किल माना जाता है, खासकर जब प्रतिस्पर्धा का स्तर लगातार बढ़ रहा हो और कोहली ने यह साबित किया है कि वे दबाव में भी लगातार प्रदर्शन करने की क्षमता रखते हैं। उन्होंने 2017, 2018, 2019 और 2020 में आईसीसी वनडे रैंकिंग में नंबर-1 बल्लेबाज के रूप। में अपना साल खत्म किया था, जो उनकी चरम फॉर्म का एक स्पष्ट संकेत था। इसके अलावा, 2013, 2014, 2015, 2016, 2021 और अब 2025 में वे आईसीसी वनडे रैंकिंग में दूसरे नंबर पर रहे हैं और यह आंकड़े उनकी असाधारण स्थिरता और खेल के प्रति उनकी गहरी समझ को दर्शाते हैं।
इस ऐतिहासिक उपलब्धि के साथ, विराट कोहली ने वेस्टइंडीज के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज विवियन रिचर्ड्स का एक पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया है। रिचर्ड्स, जिन्हें क्रिकेट इतिहास के सबसे विस्फोटक और प्रभावशाली बल्लेबाजों में से एक माना जाता है, ने अपने करियर के दौरान 9 बार एक कैलेंडर वर्ष का अंत टॉप-2 में रहकर किया था। यह रिकॉर्ड लंबे समय से रिचर्ड्स के नाम था और कोहली ने अब इसे पार कर लिया है, जो उनकी महानता को और पुष्ट करता है। बल्लेबाजों में यह रिकॉर्ड संयुक्त रूप से कोहली और विव रिचर्ड्स के नाम था, लेकिन अब कोहली अकेले इस पर काबिज हैं। वहीं, गेंदबाजों की बात करें तो साउथ अफ्रीका के पूर्व कप्तान शॉन पोलॉक ने अपने करियर में 9 बार टॉप-2 में रहकर साल का अंत किया था, जिसमें से 7 बार वे पहले स्थान पर रहे थे। विराट ने अब रिचर्ड्स और पोलॉक दोनों को पीछे छोड़कर एक नया मानदंड स्थापित किया है। यह उपलब्धि उन्हें क्रिकेट के सर्वकालिक महान खिलाड़ियों की सूची में और ऊपर ले जाती है।दक्षिण अफ्रीका वनडे सीरीज में शानदार प्रदर्शन
विराट कोहली ने हाल ही में साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेली गई 3 मैचों की वनडे सीरीज में शानदार बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया था। इस सीरीज में उन्होंने कुल 302 रन बनाए थे, जिसमें दो शानदार शतक और एक अर्धशतक शामिल था। यह प्रदर्शन उनकी क्लास और फॉर्म का एक बेहतरीन उदाहरण था, खासकर विदेशी धरती पर और इन महत्वपूर्ण रनों ने न केवल भारत के लिए सीरीज में महत्वपूर्ण योगदान दिया, बल्कि व्यक्तिगत रूप से उन्हें आईसीसी की वनडे रैंकिंग में दूसरे नंबर पर पहुंचने में भी मदद की। इस सीरीज में उनके बल्ले से निकले रन यह दर्शाते हैं कि वे बड़े मैचों में और महत्वपूर्ण परिस्थितियों में कैसे अपनी टीम के लिए प्रदर्शन करते हैं। इस प्रदर्शन के बाद, वे रैंकिंग में पहले नंबर पर मौजूद भारत के रोहित शर्मा। के ठीक पीछे आ गए हैं, जो भारतीय क्रिकेट के लिए एक गौरवपूर्ण क्षण है।कोहली के लिए एक असाधारण कैलेंडर वर्ष 2025
साल 2025 विराट कोहली के लिए वनडे क्रिकेट में एक और शानदार वर्ष रहा है। इस वर्ष उन्होंने कुल 13 वनडे मैच खेले और 65 और 10 की प्रभावशाली औसत से 651 रन बनाए। यह आंकड़े उनकी निरंतरता और रन बनाने की भूख को दर्शाते हैं। भारत की तरफ से इस साल वनडे में सबसे ज्यादा रन उनके नाम रहे, जो उनकी टीम के लिए उनकी अहमियत को उजागर करता है। साल के अंत में, उन्होंने विजय हजारे ट्रॉफी में भी अपनी फॉर्म जारी रखी, जहां वे आंध्रा के खिलाफ मैच में शतक लगाते हुए नजर आए थे। यह दर्शाता है कि वे न केवल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बल्कि घरेलू क्रिकेट में भी अपनी छाप छोड़ रहे हैं और युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बने हुए हैं। उनका यह प्रदर्शन यह भी बताता है कि वे हर प्रारूप में अपनी बल्लेबाजी को निखारने और बेहतर करने के लिए लगातार प्रयासरत रहते हैं।मैच जीतने की क्षमता का एक मील का पत्थर
विराट कोहली ने इस साल एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। वे पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं जिन्होंने जीत वाले मैचों में 18,000 रन पूरे किए हैं। यह आंकड़ा केवल रनों की संख्या को नहीं दर्शाता, बल्कि यह उनकी मैच विजेता क्षमता और टीम को जीत दिलाने में उनके योगदान को भी रेखांकित करता है और कोहली ने हमेशा बड़े मैचों में और दबाव की स्थितियों में अपनी टीम के लिए प्रदर्शन किया है, और यह रिकॉर्ड इस बात का प्रमाण है कि उनके रन अक्सर टीम की जीत में निर्णायक भूमिका निभाते हैं। यह उपलब्धि उन्हें उन चुनिंदा खिलाड़ियों की सूची में शामिल करती है जो न केवल व्यक्तिगत रिकॉर्ड बनाते हैं, बल्कि अपनी टीम को सफलता दिलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और यह उनकी विरासत का एक और महत्वपूर्ण पहलू है जो उन्हें क्रिकेट के इतिहास में एक विशेष स्थान दिलाता है।