शेयर बाजार में हाहाकार के बीच वोडाफोन आइडिया का धमाका: 10% उछला शेयर, जानें तेजी की बड़ी वजह

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शेयर बाजार में हाहाकार के बीच वोडाफोन आइडिया का धमाका: 10% उछला शेयर, जानें तेजी की बड़ी वजह
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भारतीय शेयर बाजार में आज मची भारी उथल-पुथल और चौतरफा बिकवाली के बीच वोडाफोन आइडिया (Vi) के शेयरों ने निवेशकों को हैरान कर दिया। 37 रुपये के स्तर पर जा पहुंचा। गिरते बाजार में इस टेलीकॉम दिग्गज की यह तेजी किसी चमत्कार से कम नहीं मानी जा रही है। इस जबरदस्त उछाल के पीछे दो मुख्य कारण बताए जा रहे हैं: पहला, ब्रिटेन स्थित मूल कंपनी वोडाफोन ग्रुप पीएलसी द्वारा भारतीय इकाई को वित्तीय रूप से सशक्त बनाने के लिए 'शेयर ट्रांसफर' की योजना, और दूसरा, दिग्गज उद्योगपति कुमार मंगलम बिड़ला का दोबारा चेयरमैन पद संभालना और इन खबरों ने निवेशकों के बीच कंपनी के भविष्य को लेकर एक नई उम्मीद जगा दी है।

बाजार की सुनामी में वोडाफोन आइडिया की मजबूती

सोमवार, 11 मई को शेयर बाजार का मिजाज काफी बिगड़ा हुआ नजर आया। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये की कमजोरी ने निवेशकों की चिंताएं बढ़ा दीं। इसका सीधा असर बाजार पर पड़ा और निफ्टी करीब 250 अंकों की गिरावट के साथ 23,900 के स्तर के आसपास कारोबार करता दिखा। बैंक निफ्टी की स्थिति और भी चिंताजनक रही, जो 600 अंकों से अधिक लुढ़क गया। बाजार में डर के माहौल को दर्शाने वाला इंडिया विक्स (India VIX) भी 9 फीसदी तक चढ़ गया। हालांकि, इस नकारात्मक माहौल के बावजूद वोडाफोन आइडिया के शेयर ने मजबूती दिखाई। 43 रुपये के दिन के उच्चतम स्तर को छू लिया। इस तेजी के साथ कंपनी का मार्केट कैप बढ़कर 1,31,636 करोड़ रुपये हो गया है।

ब्रिटेन से आई रणनीतिक निवेश की बड़ी खबर

इस तेजी का सबसे बड़ा कारण ब्लूमबर्ग की वह रिपोर्ट है, जिसमें वोडाफोन ग्रुप पीएलसी की नई रणनीति का खुलासा किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रिटेन की यह कंपनी अपनी भारतीय इकाई वोडाफोन आइडिया को आर्थिक रूप से और अधिक मजबूत करने की तैयारी में है। भारत सरकार द्वारा स्पेक्ट्रम बकाया राशि पर दी गई राहत के बाद, कंपनी अब अपनी बैलेंस शीट को सुधारने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। वोडाफोन पीएलसी सीधे नकद निवेश करने के बजाय एक विशेष ‘शेयर ट्रांसफर मॉडल’ पर विचार कर रही है। वर्तमान में, वोडाफोन पीएलसी की वोडाफोन आइडिया में 19 फीसदी की हिस्सेदारी है, जिसका बाजार मूल्य लगभग 23,160 करोड़ रुपये है। योजना यह है कि इस हिस्सेदारी का कुछ हिस्सा ‘ट्रेजरी स्टॉक’ के रूप में भारतीय कंपनी को ट्रांसफर कर दिया जाए, जिससे कंपनी की वित्तीय स्थिति में सुधार हो सके।

फंड जुटाने और नेटवर्क विस्तार की नई राह

इस शेयर ट्रांसफर मॉडल से वोडाफोन आइडिया को दोहरा फायदा होने की उम्मीद है। जब ये शेयर भारतीय इकाई (Vi) के पास आएंगे, तो कंपनी इन्हें बाजार में बेचकर या वित्तीय संस्थानों के पास गिरवी रखकर एक बड़ी धनराशि जुटाने में सक्षम होगी। इस पूंजी का प्राथमिक उपयोग कंपनी के बुनियादी ढांचे (Infrastructure) को मजबूत करने और नेटवर्क विस्तार, विशेष रूप से 4G और 5G सेवाओं को बेहतर बनाने में किया जाएगा। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से कंपनी की नकदी की समस्या काफी हद तक हल हो सकती है। इसके अलावा, मैनेजमेंट में हुए बदलाव ने भी निवेशकों का उत्साह बढ़ाया है। 5 मई को रविंदर टक्कर ने नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन के पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद कुमार मंगलम बिड़ला ने इस महत्वपूर्ण पद की जिम्मेदारी संभाली है। बिड़ला के नेतृत्व में वापसी को बाजार ने बहुत सकारात्मक रूप से लिया है।

विशेषज्ञों की राय और शानदार रिटर्न का रिकॉर्ड

बोनान्जा रिसर्च की विश्लेषक खुशी मिस्त्री के अनुसार, वोडाफोन आइडिया के शेयरों में यह तेजी सरकार के रेगुलेटरी सपोर्ट और कंपनी द्वारा फंड जुटाने की प्रबल संभावनाओं का परिणाम है। अगर हम इस शेयर के हालिया प्रदर्शन पर गौर करें, तो इसने अपने निवेशकों को मालामाल किया है।

बाजार की आज की गिरावट के बीच वोडाफोन आइडिया का यह प्रदर्शन यह दर्शाता है कि कंपनी के आंतरिक सकारात्मक बदलाव बाहरी बाजार के दबाव पर भारी पड़ रहे हैं। सोमवार को कारोबार के दौरान शेयर ने अपनी बढ़त को मजबूती से बरकरार रखा, जो निवेशकों के अटूट भरोसे का प्रतीक है।

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