उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर जिले में स्थित यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) क्षेत्र में विदेशी निवेश की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रगति हुई है और जापान की प्रसिद्ध खाद्य उत्पाद कंपनी क्यूपी कॉरपोरेशन ने जेवर में बन रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के निकट एक मेगा फूड प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित करने की इच्छा व्यक्त की है। प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार, कंपनी का एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल हाल ही में प्राधिकरण कार्यालय पहुंचा और निवेश प्रस्ताव पर विस्तृत चर्चा की। यह परियोजना उत्तर प्रदेश सरकार के उस व्यापक अभियान का हिस्सा है, जिसके तहत जेवर एयरपोर्ट के आसपास के क्षेत्रों को एक प्रमुख औद्योगिक और विनिर्माण केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है।
निवेश और भूमि आवंटन का विवरण
प्राधिकरण के अधिकारियों द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, क्यूपी कॉरपोरेशन इस मेगा फूड प्रोसेसिंग प्लांट के निर्माण के लिए लगभग ₹200 करोड़ का निवेश करने की योजना बना रही है। इस परियोजना के कार्यान्वयन के लिए कंपनी को लगभग 8 से 10 एकड़ भूमि की आवश्यकता होगी। अधिकारियों ने बताया कि कंपनी का प्रबंधन जल्द ही एक औपचारिक प्रस्ताव प्राधिकरण को सौंपेगा। इस प्रस्ताव के प्राप्त होने के बाद, इसे अंतिम स्वीकृति के लिए प्राधिकरण के बोर्ड और उत्तर प्रदेश शासन के उद्योग विभाग को भेजा जाएगा। भूमि का आवंटन औद्योगिक नीतियों के तहत निर्धारित प्रक्रियाओं के माध्यम से किया जाएगा।
जापानी प्रतिनिधिमंडल की यात्रा और चर्चा
जापानी कंपनी के प्रतिनिधिमंडल ने यमुना प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। इस बैठक के दौरान, कंपनी के प्रतिनिधियों को क्षेत्र में उपलब्ध बुनियादी ढांचे, बिजली आपूर्ति, जल प्रबंधन और परिवहन कनेक्टिविटी के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। अधिकारियों के अनुसार, जापानी प्रतिनिधिमंडल ने क्षेत्र की आधारभूत सुविधाओं और जेवर एयरपोर्ट से इसकी निकटता पर संतोष व्यक्त किया है और प्राधिकरण ने कंपनी को हर संभव प्रशासनिक सहयोग और त्वरित क्लीयरेंस का आश्वासन दिया है ताकि परियोजना को समयबद्ध तरीके से शुरू किया जा सके।
जेवर एयरपोर्ट के पास बढ़ता औद्योगिक हब
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के निर्माण के साथ ही यमुना प्राधिकरण क्षेत्र वैश्विक निवेशकों के लिए एक आकर्षक गंतव्य बनकर उभरा है। अधिकारियों का कहना है कि एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स सुविधाओं के कारण विदेशी कंपनियां इस क्षेत्र को प्राथमिकता दे रही हैं। उत्तर प्रदेश सरकार की निवेश-अनुकूल नीतियों ने भी जापानी और अन्य अंतरराष्ट्रीय फर्मों को आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। क्यूपी कॉरपोरेशन का यह निवेश न केवल खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को मजबूती देगा, बल्कि अन्य जापानी कंपनियों के लिए भी इस क्षेत्र में प्रवेश करने का मार्ग प्रशस्त करेगा।
क्षेत्र में अन्य खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में यह तीसरा बड़ा फूड प्रोसेसिंग प्लांट होगा। इससे पहले, योग गुरु बाबा रामदेव की पतंजलि आयुर्वेद और इनोवा फूड पार्क जैसी बड़ी कंपनियों को इस क्षेत्र में भूमि आवंटित की जा चुकी है। इन इकाइयों की स्थापना से क्षेत्र में एक मजबूत फूड प्रोसेसिंग इकोसिस्टम तैयार हो रहा है। क्यूपी कॉरपोरेशन के आने से इस क्लस्टर को वैश्विक पहचान मिलेगी और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप खाद्य उत्पादों का उत्पादन संभव हो सकेगा। यह क्षेत्र अब कृषि-आधारित उद्योगों के लिए एक प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है।
आर्थिक प्रभाव और रोजगार के अवसर
इस मेगा फूड प्रोसेसिंग प्लांट की स्थापना से स्थानीय अर्थव्यवस्था पर व्यापक प्रभाव पड़ने की संभावना है और अधिकारियों के अनुसार, ₹200 करोड़ के इस निवेश से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। इसके अतिरिक्त, स्थानीय किसानों को भी अपनी उपज के लिए एक बड़ा बाजार और बेहतर मूल्य मिलने की उम्मीद है, क्योंकि फूड प्रोसेसिंग इकाइयां सीधे तौर पर कच्चे माल की आपूर्ति के लिए कृषि क्षेत्र पर निर्भर होती हैं। यह परियोजना उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन डॉलर बनाने के लक्ष्य में भी महत्वपूर्ण योगदान देगी।