8th Pay Commission: सरकारी कर्मचारियों को मिल सकता है 18 लाख रुपये तक का एरियर

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8th Pay Commission: सरकारी कर्मचारियों को मिल सकता है 18 लाख रुपये तक का एरियर
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देशभर के केंद्रीय कर्मचारी आठवें वेतन आयोग के लागू होने का बड़ी ही बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। वेतन आयोग वर्तमान में विभिन्न कर्मचारी संगठनों के साथ गहन चर्चा और विचार-विमर्श कर रहा है। इस पूरी प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि रिपोर्ट लागू होने में जितनी अधिक देरी होगी, कर्मचारियों को एरियर के रूप में उतनी ही बड़ी राशि मिलने की संभावना है। यदि फिटमेंट फैक्टर को 2 दशमलव 57 मान लिया जाता है, तो लेवल 6 से लेकर लेवल 8 तक के कर्मचारियों के बैंक खातों में एक साथ लाखों रुपये आ सकते हैं। विशेष रूप से लेवल 8 के कर्मचारियों के लिए यह राशि 18 लाख रुपये के करीब पहुंच सकती है।

वेतन आयोग की बैठकों का ताजा विवरण

आठवें वेतन आयोग ने अपनी गतिविधियों को तेज कर दिया है और इसी महीने जयपुर, चेन्नई, पुडुचेरी और चंडीगढ़ में अपनी महत्वपूर्ण बैठकें सफलतापूर्वक पूरी कर ली हैं। इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों के कर्मचारियों की मांगों और सुझावों को समझना है। अब अगली महत्वपूर्ण बैठक 7 से 8 अक्टूबर 2026 को बेंगलुरु में आयोजित होने वाली है। सरकार ने नवंबर 2025 में वेतन आयोग को अपनी रिपोर्ट तैयार करने के लिए 18 महीने का समय दिया था। इसका सीधा अर्थ यह है कि आयोग को मई 2027 तक अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपनी है। हालांकि, यदि हम पिछले वेतन आयोगों के इतिहास पर नजर डालें, तो रिपोर्ट जमा करने में 3 से 6 महीने का अतिरिक्त समय लग सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह रिपोर्ट मार्च से अगस्त 2027 के बीच सरकार को सौंपी जा सकती है।

किन भत्तों पर मिलता है एरियर का लाभ

कई कर्मचारियों के मन में यह सवाल रहता है कि क्या उन्हें सभी भत्तों पर एरियर का फायदा मिलेगा। नियम के मुताबिक, कर्मचारियों को केवल बेसिक पे के नुकसान पर ही एरियर दिया जाता है। इसका मतलब है कि पुरानी बेसिक सैलरी और नई बेसिक सैलरी के बीच का अंतर ही एरियर के रूप में मिलता है। हाउस रेंट अलाउंस यानी एचआरए सीधे तौर पर बेसिक सैलरी से जुड़ा होता है, इसलिए बेसिक पे बढ़ते ही एचआरए खुद-ब-खुद बढ़ जाता है। वहीं, ट्रांसपोर्ट अलाउंस यानी टीपीटीए महंगाई भत्ते से जुड़ा होता है। चूंकि महंगाई भत्ता साल में दो बार बढ़ता है, इसलिए इन भत्तों पर कोई एरियर नहीं बनता है। सारा कैलकुलेशन पुरानी बेसिक सैलरी के मुकाबले नई बेसिक सैलरी में होने वाली बढ़ोतरी पर ही आधारित होता है।

लेवल 8 के कर्मचारियों को मिल सकता है बंपर फायदा

अब सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि यदि रिपोर्ट लागू होने में 20 से 24 महीने की देरी होती है, तो कर्मचारियों को कितना एरियर मिलेगा। यह पूरी तरह से फिटमेंट फैक्टर पर निर्भर करेगा। अगर आयोग 2 दशमलव 57 का फिटमेंट फैक्टर लागू करता है, तो लेवल 8 के कर्मचारियों की मौजूदा 47600 रुपये की बेसिक सैलरी बढ़कर 122332 रुपये हो जाएगी। यानी हर महीने 74732 रुपये का इजाफा होगा। अगर इसे लागू करने में 24 महीने की देरी हुई, तो इन कर्मचारियों को करीब 1793568 रुपये का एरियर मिलेगा। वहीं, अगर 2 दशमलव 15 फिटमेंट फैक्टर तय होता है, तो 24 महीने का एरियर 1313760 रुपये बनेगा। 2 दशमलव 28 फिटमेंट फैक्टर पर यह रकम 1462272 रुपये हो जाएगी।

लेवल 6 और 7 के लिए एरियर का गणित

लेवल 6 के कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी फिलहाल 35400 रुपये है। अगर 2 दशमलव 15 के फिटमेंट फैक्टर पर मुहर लगती है, तो 24 महीने का एरियर 977040 रुपये बनेगा। 2 दशमलव 28 फिटमेंट फैक्टर पर यह 1087488 रुपये तक जाएगा। वहीं 2 दशमलव 57 के हिसाब से यह रकम 1333872 रुपये तक पहुंच सकती है। इसी तरह लेवल 7 के कर्मचारियों की बात करें, तो उनकी मौजूदा बेसिक सैलरी 44900 रुपये है। 2 दशमलव 15 फिटमेंट फैक्टर के तहत उन्हें 24 महीने के एरियर के रूप में 1239240 रुपये का भुगतान हो सकता है। जबकि 2 दशमलव 57 का फैक्टर लागू होने पर उन्हें करीब 1691832 रुपये का बड़ा फायदा मिलेगा।

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