Donald Trump News: न्यूयॉर्क में बुधवार को हुई संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सनसनीखेज आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि उनके खिलाफ संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में "ट्रिपल सैबोटाज" की साजिश रची गई। इस सिलसिले में तीन घटनाओं—एस्केलेटर का खराब होना, टेलीप्रॉम्प्टर का बंद हो जाना, और भाषण के दौरान आवाज की समस्या—को लेकर ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव से तत्काल जांच की मांग की है।
ट्रंप का आरोप: "यह संयोग नहीं, साजिश थी"
ट्रंप ने बुधवार को अपनी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा, "संयुक्त राष्ट्र में कल एक शर्मनाक घटना हुई—न एक, न दो, बल्कि तीन रहस्यमय घटनाएं!" उन्होंने इन घटनाओं को "ट्रिपल सैबोटाज" करार देते हुए कहा कि संयुक्त राष्ट्र को इस पर शर्मिंदगी महसूस होनी चाहिए।
पहला हादसा: एस्केलेटर की खराबी
ट्रंप के अनुसार, जब वे और इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी मुख्य भाषण हॉल की ओर जाने वाले एस्केलेटर पर चढ़े, वह अचानक रुक गया। ट्रंप ने कहा, "यह कोई संयोग नहीं था। मेलोनी और मैं हैंडरेल को कसकर पकड़े हुए थे, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। इसके पीछे जो लोग हैं, उन्हें गिरफ्तार किया जाना चाहिए।" इस घटना के बाद दोनों को बंद पड़े एस्केलेटर पर पैदल चढ़ना पड़ा।
दूसरा हादसा: टेलीप्रॉम्प्टर की गड़बड़ी
महासभा के मंच पर भाषण देने के दौरान ट्रंप का टेलीप्रॉम्प्टर अचानक बंद हो गया। उन्होंने कहा, "मैं विश्व नेताओं और लाखों टीवी दर्शकों के सामने खड़ा था, और मेरा टेलीप्रॉम्प्टर काम नहीं कर रहा था। पहले एस्केलेटर, अब टेलीप्रॉम्प्टर—ये कैसी जगह है?" फिर भी, ट्रंप ने 57 मिनट का भाषण बिना टेलीप्रॉम्प्टर के दिया। 15 मिनट बाद टेलीप्रॉम्प्टर फिर से चालू हुआ। ट्रंप ने दावा किया कि उनके भाषण की बहुत तारीफ हुई, क्योंकि "बहुत कम लोग ऐसा कर सकते हैं।"
तीसरा हादसा: आवाज की समस्या
ट्रंप ने बताया कि भाषण के बाद उन्हें पता चला कि महासभा हॉल में उनकी आवाज पूरी तरह बंद थी, और विश्व नेताओं को उनकी बात सुनने के लिए ईयरपीस लगाना पड़ा। उन्होंने इटली की पीएम मेलोनी से पूछा, "कैसा रहा?" तो मेलोनी ने जवाब दिया, "मैंने तुम्हारी एक भी बात नहीं सुनी।" ट्रंप ने इसे साजिश का हिस्सा बताते हुए कहा, "यह सब इत्तफाक नहीं हो सकता।"
ट्रंप की मांग: तत्काल जांच और सीसीटीवी फुटेज की सुरक्षा
ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेस को पत्र लिखकर तत्काल जांच की मांग की है। उन्होंने विशेष रूप से एस्केलेटर के इमरजेंसी स्टॉप बटन की सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखने की बात कही। ट्रंप ने द लंदन टाइम्स की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि यूएन कर्मचारी "मजाक में" एस्केलेटर बंद करने की बात कर रहे थे। उन्होंने कहा, "मुझे संयुक्त राष्ट्र से सिर्फ दो चीजें मिलीं—एक खराब एस्केलेटर और एक खराब टेलीप्रॉम्प्टर।"
संयुक्त राष्ट्र का जवाब
संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता स्तेफान दुजारिक ने इन आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि एस्केलेटर की घटना एक सुरक्षा तंत्र के कारण हुई। उन्होंने बताया कि एक वीडियोग्राफर, जो ट्रंप और उनकी पत्नी से आगे एस्केलेटर पर था, पीछे की ओर फिल्मा रहा था। जैसे ही वह ऊपर पहुंचा, एस्केलेटर का "कॉम्ब स्टेप" सेफ्टी मैकेनिज्म सक्रिय हो गया, जिससे मशीन रुक गई। यह सिस्टम लोगों को फंसने या खिंचने से बचाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। तकनीशियनों ने बाद में एस्केलेटर को रीसेट किया, और ट्रंप भाषण हॉल पहुंचे, जहां उप महासचिव अमीना मोहम्मद ने उनका स्वागत किया।
व्हाइट हाउस की प्रतिक्रिया
व्हाइट हाउस प्रेस सचिव कैरोलाइन लेविट ने कहा, "अगर संयुक्त राष्ट्र में किसी ने जानबूझकर एस्केलेटर रोका, तो उसे तुरंत बर्खास्त किया जाना चाहिए और जांच के दायरे में लाया जाना चाहिए।"